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IID 2025 में इंडिकॉर्न्स की उड़ान का जश्न: NCR के 51 स्टार्टअप्स ने हासिल किया ₹100 करोड़ से अधिक रेवेन्यू
TIE Delhi-NCR द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल अत्याधुनिक तकनीकों पर चर्चा हुई, बल्कि देश में लाभ-प्रथम स्टार्टअप्स की नई श्रेणी इंडिकॉर्न्स की मजबूत उपस्थिति भी सामने आई.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
गुरुग्राम में टाई दिल्ली-एनसीआर (TiE Delhi-NCR) ने भारत के तकनीकी उद्यमिता जगत के लिए प्रतिष्ठित वार्षिक कार्यक्रम 'इंडिया इंटरनेट डे (IID)' के 14वें संस्करण का आयोजन किया. यह आयोजन भारत को एक वैश्विक डिजिटल शक्ति के रूप में परिभाषित करने वाला मील का पत्थर बन गया है. इस बार IID 2025 में 1,200 से अधिक प्रतिभागी, 60 से अधिक निवेशक, 50 वक्ता और 40 से अधिक पार्टनर शामिल हुए. कार्यक्रम का केंद्र बिंदु भारत को 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने के लिए सहयोग और नवाचार को प्रोत्साहित करना रहा.
भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का तेजी से विस्तार
कार्यक्रम के दौरान नीति-निर्माण पर एक सत्र में वित्तीय सेवा विभाग, भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार डॉ. अभिजीत फुकन ने कहा, ''जैसे-जैसे नवाचार तेजी से बढ़ रहा है, वैसे-वैसे हमारे नियामक दृष्टिकोण को भी अनुकूली बनना चाहिए. संतुलित नियामक ढांचा विश्वास और सुरक्षा के साथ स्टार्टअप्स को पनपने देता है.” उन्होंने कहा भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर अब राष्ट्रीय GDP की वृद्धि से दुगुनी हो गई है. 2025 तक देश में 900 मिलियन इंटरनेट यूजर्स होने का अनुमान है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की भूमिका अहम होगी. यह वृद्धि स्टार्टअप्स और तकनीकी उपक्रमों के लिए नए अवसर खोल रही है.
AI और डिजिटल नवाचार पर जोर
टाई दिल्ली-एनसीआर की कार्यकारी निदेशक उपासना शर्मा ने कहा, “iDay 2025 ऐसा मंच बन गया है जहां भारत की डिजिटल नीति को पुनर्परिभाषित किया जा रहा है. यह मंच नवप्रवर्तकों, नीति निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों को एक साथ लाता है.” IN-SPACe द्वारा आयोजित स्पेसटेक सत्र और UIDAI द्वारा प्रस्तुत आधार प्रमाणीकरण पर सत्र ने भविष्य की तकनीकों की झलक दी.
पेटीएम के संस्थापक का प्रेरणादायक संबोधन
वन97 और पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने मुख्य भाषण में कहा, “अब भारत में फंडिंग कोई समस्या नहीं है. निवेशक उन्हीं स्टार्टअप्स को महत्व देंगे जो भारत के लिए भारत में निर्माण कर रहे हैं.” AI पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “हम अब तक AI को सहायक के रूप में देख रहे थे, लेकिन जल्दी ही हम खुद AI के एजेंट बन जाएंगे.”
इंडिकॉर्न की सफलता का जश्न
इस दौरान बताया गया कि टाइटन कैपिटल की "इंडिकॉर्न" पहल के तहत ₹100 करोड़ से अधिक राजस्व वाली 202 लाभदायक स्टार्टअप्स को सूचीबद्ध किया गया है. FY24 में इन कंपनियों ने ₹1.5 लाख करोड़ का राजस्व और ₹7,393 करोड़ का लाभ अर्जित किया है. इनमें 1.46 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है. दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र ने 51 इंडिकॉर्न्स के साथ सूची में शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, इसके बाद बेंगलुरु (42) और मुंबई (35) हैं.
कार्यक्रम के सिल्वर पार्टनर के रूप में Havas Media Network India भी सम्मिलित रहा. इसके सीईओ मोहित जोशी ने कहा, “iDay 2025 ने कुछ सबसे प्रेरणादायक विचारकों को मंच पर लाकर नवाचार और परिवर्तन को बढ़ावा दिया. हम इस यात्रा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.” इसके अलावा Leverage Edu के अक्षय चतुर्वेदी, Google के अपूर्वा चमरिया, MobiKwik की उपासना टाकू, ChrysCapital के अक्षत बब्बर, WebVeda के अंकुर वारिकू और अन्य प्रमुख हस्तियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए.
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