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IPO से पहले बड़ा दांव: पीयूष बंसल ने Lenskart में बढ़ाई हिस्सेदारी, ₹222 करोड़ में खरीदे शेयर

को-फाउंडर पीयूष बंसल की हिस्सेदारी अब लेंसकार्ट में बढ़कर 10.3% हो गई है. आईपीओ से ₹750 करोड़ तक शेयर बेचने की भी योजना है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago

देश की प्रमुख आईवियर ब्रांड Lenskart के को-फाउंडर और सीईओ पीयूष बंसल ने कंपनी में अपनी हिस्सेदारी को और मजबूत करते हुए इस महीने की शुरुआत में ₹222 करोड़ में 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है. यह लेनदेन सेकेंडरी कैश ट्रांजैक्शनों के जरिए हुआ, जिसमें बंसल ने SoftBank, Chiratae Ventures, Kedaara Capital, TR Capital, Temasek और Premji Invest जैसे मौजूदा निवेशकों से शेयर खरीदे.

कंपनी द्वारा मंगलवार को दाखिल किए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, इन ट्रांजैक्शनों में कुल 4.27 करोड़ शेयर, ₹52 प्रति शेयर की दर से खरीदे गए, जिससे Lenskart का मूल्यांकन ₹8,700 करोड़ (लगभग 1 अरब डॉलर) से अधिक हो गया है. इस डील के बाद पीयूष बंसल की हिस्सेदारी कंपनी में 10.3% हो गई है.

आईपीओ में हिस्सा बेचेंगे बंसल

दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर पीयूष बंसल अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, वहीं वे आगामी आईपीओ के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) हिस्से में भी भाग लेंगे. वे 2.05 करोड़ शेयर बेचेंगे, जिससे उन्हें ₹700 से ₹750 करोड़ तक की आय होने की उम्मीद है. Lenskart के आईपीओ का अनुमानित मूल्यांकन ₹70,000 से ₹75,000 करोड़ (लगभग 8–9 अरब डॉलर) के बीच है.

प्रमोटर बढ़ा रहे हिस्सेदारी, नई पीढ़ी की कंपनियों का चलन

इस कदम से यह स्पष्ट है कि बंसल उन नए दौर के टेक्नोलॉजी उद्यमियों की सूची में शामिल हैं जो सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं. यह प्रवृत्ति पहले Zomato, Swiggy, Delhivery और PB Fintech जैसे स्टार्टअप्स में भी देखने को मिली है.

कंपनी के अन्य प्रमोटर और आईपीओ की स्थिति

पीयूष बंसल के अलावा, Lenskart के अन्य प्रमोटरों में उनकी बहन नेहा बंसल, और सह-संस्थापक अमित चौधरी तथा सुमीत कपाही शामिल हैं. चारों प्रमोटर मिलकर इस आईपीओ में 3.18 करोड़ शेयर बेचेंगे. ये प्रमोटर समूह संयुक्त रूप से कंपनी में लगभग 20% हिस्सेदारी रखते हैं, जबकि बाकी हिस्सेदारी संस्थागत निवेशकों और अन्य शेयरधारकों के पास है.

Lenskart ने मंगलवार को ₹7,500 से ₹8,000 करोड़ के पब्लिक इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया है. यह इस वर्ष के सबसे बड़े आईपीओ में से एक माना जा रहा है, जिसमें Tata Capital और LG Electronics भी शामिल हैं. इस साल Groww, Meesho और Physicswallah जैसी अन्य कंज्यूमर टेक कंपनियों ने भी बड़े आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल किए हैं.

Lenskart का सफर और विस्तार

2010 में स्थापित Lenskart आज भारत की अग्रणी ओम्नीचैनल आईवियर ब्रांड बन चुकी है. कंपनी ने अपना विस्तार दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य पूर्व तक किया है. जून 2024 में हुए अंतिम फंडिंग राउंड में कंपनी का मूल्यांकन 5 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. इसके बाद अप्रैल में अमेरिका स्थित निवेशक Fidelity ने कंपनी का मूल्यांकन बढ़ाकर 6.1 अरब डॉलर कर दिया.

पीयूष बंसल का यह कदम न केवल Lenskart में उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि भारत की टेक स्टार्टअप कंपनियों के बीच बढ़ते आत्मविश्वास का भी संकेत है. आने वाला आईपीओ कंपनी और निवेशकों दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है.
 


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