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Axis Bank Q3 Results: मजबूत लोन ग्रोथ के दम पर मुनाफा ₹6,490 करोड़ पहुंचा

मजबूत लोन ग्रोथ, स्थिर आय और बेहतर होती एसेट क्वालिटी के चलते आने वाली तिमाहियों में भी बैंक के प्रदर्शन में मजबूती बने रहने की उम्मीद की जा सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

देश के चौथे सबसे बड़े निजी बैंक एक्सिस बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में उम्मीद से बेहतर नतीजे पेश किए हैं. मजबूत कर्ज वृद्धि और स्थिर आय के सहारे बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 3 प्रतिशत बढ़कर ₹6,490 करोड़ पर पहुंच गया. यह आंकड़ा बाजार के अनुमानों से कहीं बेहतर रहा.

अनुमान से बेहतर रहा तिमाही मुनाफा

LSEG के आंकड़ों के मुताबिक, बाजार विश्लेषकों को उम्मीद थी कि एक्सिस बैंक का मुनाफा घटकर करीब ₹6,079 करोड़ रह सकता है. लेकिन बैंक ने इससे बेहतर प्रदर्शन करते हुए निवेशकों को सकारात्मक सरप्राइज दिया. बैंक प्रबंधन के मुताबिक, लोन डिमांड में सुधार और कर्ज पोर्टफोलियो के विस्तार का सीधा फायदा तिमाही नतीजों में दिखा.

लोन डिमांड में आई तेजी से सेक्टर को सहारा

कई तिमाहियों तक सुस्ती के बाद अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में भारतीय बैंकों के लोन में दो अंकों की वृद्धि देखने को मिली. त्योहारों के सीजन और उपभोग करों में कटौती के चलते लोगों के खर्च में बढ़ोतरी हुई, जिससे कर्ज की मांग को मजबूती मिली और इसका फायदा एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंकों को हुआ.

ब्याज आय और NII में मजबूत बढ़ोतरी

तिमाही के दौरान बैंक की कुल ब्याज आय बढ़कर ₹32,274 करोड़ हो गई, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹30,954 करोड़ थी. यानी इसमें 4.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

इस दौरान बैंक ने जमाओं पर ₹17,988 करोड़ का ब्याज भुगतान किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹17,348 करोड़ से करीब 4 प्रतिशत ज्यादा है. इन आंकड़ों के आधार पर बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) यानी ब्याज से होने वाली शुद्ध कमाई 5 प्रतिशत बढ़कर ₹14,287 करोड़ तक पहुंच गई.

प्रोविजन में तिमाही आधार पर बड़ी राहत

बैंक के प्रोविजन और आकस्मिक खर्च सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़कर ₹2,246 करोड़ रहे. हालांकि, पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 37 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. बैंक ने इससे पहले अप्रैल-जून तिमाही में एक बार की इंडस्ट्री बेंचमार्किंग प्रक्रिया के चलते ज्यादा प्रोविजन किए थे, जिसका असर सितंबर तिमाही तक देखने को मिला था.

एसेट क्वालिटी में भी दिखा सुधार

एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर भी बैंक की स्थिति बेहतर हुई है. दिसंबर 2025 के अंत में एक्सिस बैंक का ग्रॉस एनपीए अनुपात घटकर 1.40 प्रतिशत रह गया, जो पिछली तिमाही में 1.46 प्रतिशत था. यह दिखाता है कि बैंक की बैड लोन स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है.

 


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