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ऑगमोंट एंटरप्राइजेज को ₹800 करोड़ के आईपीओ के लिए सेबी से मिली मंजूरी

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज का यह आईपीओ गोल्ड और सिल्वर सेक्टर में निवेशकों के लिए एक नया अवसर पेश करता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

मुंबई स्थित ऑगमोंट एंटरप्राइजेज को अपने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए नियामक मंज़ूरी मिल गई है. भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 12 जनवरी को कंपनी के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) पर अपनी टिप्पणियाँ जारी कर दी हैं. इसके साथ ही कंपनी अगले एक वर्ष के भीतर अपना आईपीओ लॉन्च कर सकती है.

आईपीओ के जरिए ₹800 करोड़ जुटाने की योजना

ऑगमोंट एंटरप्राइजेज इस पब्लिक इश्यू के माध्यम से कुल ₹800 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है. आईपीओ में ₹620 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि ₹180 करोड़ का हिस्सा ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत आएगा. OFS के अंतर्गत प्रमोटर शेयरधारकों नमिता केतन कोठारी, विवेक पृथ्वीराज कोठारी और डिंपल मुकेश कोठारी द्वारा ₹60-₹60 करोड़ तक के इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे.

सितंबर में दाखिल किए गए थे ड्राफ्ट दस्तावेज

कंपनी ने पिछले वर्ष सितंबर में अपने ड्राफ्ट दस्तावेज़ सेबी के पास दाखिल किए थे. ऑगमोंट एंटरप्राइजेज एक एकीकृत गोल्ड और सिल्वर प्लेटफॉर्म का संचालन करती है, जो व्यवसायों और उपभोक्ताओं दोनों को सेवाएं प्रदान करती है. 31 अगस्त 2025 तक कंपनी की मौजूदगी देश के 24 राज्यों में है.

फंड का उपयोग: वर्किंग कैपिटल और इन्वेंट्री पर फोकस

ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, आईपीओ से प्राप्त शुद्ध राशि का बड़ा हिस्सा लगभग ₹465 करोड़ वर्किंग कैपिटल आवश्यकताओं को पूरा करने, इन्वेंट्री की खरीद और रखरखाव, तथा खरीद के लिए एडवांस मार्जिन आवश्यकताओं के वित्तपोषण में उपयोग किया जाएगा. शेष राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.

प्रमुख निवेश बैंक संभालेंगे आईपीओ

इस आईपीओ के प्रबंधन की जिम्मेदारी नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट, इंटेंसिव फिस्कल सर्विसेज, जेएम फाइनेंशियल और मोतीलाल ओसवाल को सौंपी गई है. ये सभी इस इश्यू के लिए निवेश सलाहकार (इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स) के रूप में कार्य कर रहे हैं. 

(डिस्क्लेमर: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है. 'BW हिंदी' इसकी कोई जिम्मेदारी नहीं लेता. सोच-समझकर, अपने विवेक के आधार पर और किसी सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह के बाद ही निवेश करें, अन्यथा आपको नुकसान उठाना पड़ सकता है.)

 


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