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क्‍या आसान होने वाले हैं KYC के नियम? बदल सकती है पूरी प्रक्रिया

KYC एक प्रक्रिया है जो किसी भी संस्‍थान और उसके कस्‍टमर के बीच पहचान को स्‍थापित करती है. इसमें उपभोक्‍ता को अपनी पहचान बताने के लिए कुछ दस्‍तावेज देने होते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

KYC (Know your Customer)  एक ऐसा प्रोसेस है जो है तो एक छोटी सी प्रक्रिया लेकिन अभी इसके ना होने के कारण कई बार खातों को बंद कर दिया जाता है. हाल में लोगों के खातों में KYC न होने के कारण उनके अकाउंट का संचालन ही बंद कर दिया गया था. लेकिन अब सरकार इसे यूनिफार्म बनाने से लेकर आसान बनाने को तैयार हो गई है. गुरुवार को हुई FSDC की बैठक में ये फैसला लिया गया जिसमें सिफारिश की गई है कि इन्‍हें आसान और डिजिटाइज बनाया जाए जिससे आम आदमी इसे लेकर परेशान ना हो. 

मी‍टिंग में क्‍या हुआ? 
वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में 28वीं FSDS (financial Stability And Development Counsel) की बैठक आयोजित हुई थी. इस बैठक में मौजूद सभी स्‍टेकहोल्‍डर इस बात को लेकर सहमत दिखे कि KYC की प्रक्रिया को आसान बनाया जाना चाहिए. हालांकि वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023 के बजट भाषण में कहा था कि किसी भी व्‍यक्ति की आइडेंटिटी और पते के प्रमाण के तौर पर एक ही आईडी का इस्‍तेमाल किया जा सकता है. उन्‍होंने कहा था कि इस मामले में सभी रेग्‍यूलेटर और दूसरी एंटटीज को डिजीलॉकर सर्विस आधार के जरिए आईडेंटीटी, एड्रेस मिलान और अपडेट करने के लिए सिंगल प्‍लेटफॉर्म का इस्‍तेमाल करना चाहिए. 

अभी KYC के लिए क्‍या होती है प्रक्रिया? 
KYC के तहत मौजूदा समय में बैंक से लेकर इंश्‍योरेंस और दूसरे सेक्‍टर पासपोर्ट, पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर कार्ड सहित कई तरह के दस्‍तावेजों की मांग करते हैं. वो ऐसा इसलिए करते हैं जिससे भविष्‍य में अगर कोई दुर्घटना हो जाए तो व्‍यक्ति की पहचान आसानी से की जा सके. अब इसी प्रक्रिया को आसान बनाने को लेकर सहमति बनी है. उम्‍मीद है कि आने वाले समय में एक ही आईडी से आसानी से इस प्रक्रिया को पूरा किया जा सकेगा. 

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