होम / बिजनेस / Apple ने भारत को बनाया मैन्युफैक्चरिंग हब, IPhone एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड 116% की बढ़ोतरी

Apple ने भारत को बनाया मैन्युफैक्चरिंग हब, iPhone एक्सपोर्ट में रिकॉर्ड 116% की बढ़ोतरी

भारत से अमेरिका को iPhone के निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी यह दर्शाती है कि भारत तेजी से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बन रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

एप्पल (Apple) ने अप्रैल 2025 में भारत से अमेरिका के लिए iPhone निर्यात में जबरदस्त उछाल दर्ज किया है. सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी के तीन वेन्डर्स ने अप्रैल में ₹17,219 करोड़ मूल्य के iPhone का निर्यात किया. यह पिछले वर्ष अप्रैल में हुए ₹7,971 करोड़ के निर्यात की तुलना में 116 प्रतिशत की बढ़ोतरी है.

अब अमेरिका के लिए ज्यादातर iPhone भारत से भेजे जाएंगे

एप्पल ने अपनी दूसरी तिमाही की इनकम कॉल में स्पष्ट किया था कि अब अमेरिका के लिए अधिकांश iPhone भारत से भेजे जाएंगे. इस निर्णय के बाद चेन्नई से शिकागो तक कई फ्लाइट्स में बड़े पैमाने पर iPhone भेजे गए हैं. आमतौर पर अप्रैल से जून का समय iPhone की बिक्री के लिहाज से धीमा होता है, लेकिन निर्यात में बढ़ोतरी के चलते इस बार स्थिति अलग रही.

उत्पादन और निर्यात में साल दर साल बड़ा इज़ाफा

2023 के अप्रैल में एप्पल ने भारत में अपनी तीसरी सालगिरह मनाते हुए ₹8,772 करोड़ के iPhone का निर्माण किया था, जिसमें से ₹4,987 करोड़ का यानी 57 प्रतिशत का निर्यात हुआ था. अप्रैल 2024 में उत्पादन ₹10,894 करोड़ तक पहुंचा और निर्यात ₹7,971 करोड़ रहा, जो कुल उत्पादन का 73 प्रतिशत था. अप्रैल 2025 में यह आंकड़ा और भी बड़ा हो गया, जब कुल उत्पादन ₹21,400 करोड़ पहुंचा और 81 प्रतिशत यानी ₹17,300 करोड़ का निर्यात हुआ.

चीन से आयात पर शुल्क, भारत से निर्यात को बढ़ावा

दिसंबर 2024 के बाद से एप्पल ने भारत से निर्यात में तेजी लाई है. इसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा चीन से iPhone आयात पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाना है. वहीं भारत से iPhone निर्यात पर अमेरिका तीन महीने तक कोई शुल्क नहीं ले रहा है. इस स्थिति का फायदा उठाते हुए एप्पल ने भारत को प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात केंद्र बना दिया है.

भविष्य में दोगुना हो सकता है उत्पादन

अगर अमेरिका की iPhone की पूरी मांग भारत से पूरी की जाती है, तो अगले 18 महीनों में भारत में iPhone उत्पादन  दोगुना करना पड़ सकता है. वर्तमान में यह उत्पादन ₹1.89 लाख करोड़ है, जो बढ़कर ₹3.5 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

2 hours ago

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

3 hours ago

OMCs की अंडर-रिकवरी 2.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंची, पेट्रोल-डीजल पर मिल सकती है राहत

हरदीप सिंह पुरी के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के बीच सरकारी तेल कंपनियों ने घरेलू उपभोक्ताओं को अपेक्षाकृत कम कीमत पर ईंधन उपलब्ध कराया. इसके चलते कंपनियों को भारी अंडर-रिकवरी का सामना करना पड़ा.

4 hours ago

अडानी पर निवेशकों का भरोसा बरकरार, ₹15,000 करोड़ के QIP पर ₹38,000 करोड़ की बोलियां

कंपनी इस पूंजी का इस्तेमाल पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) प्लांट के निर्माण, सड़क परियोजनाओं के लिए कंसेशन फीस के भुगतान और अन्य पूंजीगत खर्चों में करेगी.

4 hours ago

भारत पर जापान का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर, AI और ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत

दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तेल भंडारण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

8 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

3 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

1 hour ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

2 hours ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

2 hours ago

प्रो. उमेश वी. वाघमारे बने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नए सचिव

केंद्र सरकार ने प्रो. उमेश वी. वाघमारे की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.

8 hours ago