होम / बिजनेस / पिछले साल Adani को थी 'अच्छे दिन' की आस, इस साल विजय शेखर का वही हाल
पिछले साल Adani को थी 'अच्छे दिन' की आस, इस साल विजय शेखर का वही हाल
आरबीआई की कार्रवाई के बाद से मुश्किल में आई Paytm की मुश्किलों में इजाफा होने वाला है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
Paytm के फाउंडर विजय शेखर शर्मा (Vijay Shekhar Sharma) इन दिनों बेहद मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. रिजर्व बैंक की कार्रवाई के बाद जहां कंपनी को बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, जांच का घेरा भी कसता जा रहा है. अब सामने आई एक खबर से वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड की सहायक कंपनी पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (Paytm Payments Services) की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक में चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की जांच शुरू कर दी है.
इस चीनी कंपनी का है निवेश
रिपोर्ट्स में बताया गया है कि पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) ने नवंबर 2020 में पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के पास लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. हालांकि, RBI ने नवंबर 2022 में पीपीएसएल के आवेदन को खारिज कर दिया और कंपनी को इसे फिर से जमा करने के लिए कहा, ताकि FDI नियमों के तहत प्रेस नोट तीन का अनुपालन किया जा सके. इसके बाद, कंपनी ने एफडीआई दिशानिर्देशों के तहत प्रेस नोट तीन का अनुपालन करने के लिए आवश्यक आवेदन दायर किया था. बता दें कि वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड में चीनी फर्म एंट ग्रुप कंपनी का निवेश है. इसे लेकर कई बार कंपनी को आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा है.
क्या है प्रेस नोट तीन?
बताया जा रहा है कि एक अंतर-मंत्रालयी समिति PPSL में चीन से निवेश की जांच कर रही है. इसके बाद एफडीआई मुद्दे पर निर्णय लिया जाएगा. गौरतलब है कि प्रेस नोट तीन के तहत, भारत के साथ भूमि सीमा साझा करने वाले देशों से किसी भी क्षेत्र में विदेशी निवेश से पहले सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य किया गया है. गौरतलब है कि आरबीआई ने हाल ही में पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कई तरह की पांबदियां लगाई हैं, जिसके तहत बैंक की सेवाओं पर मार्च से रोक लग जाएगी. यहां तक कि 29 फरवरी से वॉलेट या फास्टैग टॉप भी नहीं किया जा सकेगा. यहां से पेटीएम पेमेंट्स बैंक का भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है, लेकिन कंपनी के सीईओ विजय शेयर शर्मा पूरी कोशिश में हैं कि उनके अच्छे दिन लौट आएं. हाल में उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और आरबीआई के अधिकारियों के मुलाकात की थी. इसके अलावा, कंपनी ने कंप्लायंस और रेगुलेटरी मामलों को मजबूत करने के लिए SEBI के पूर्व चेयरमैन एम दामोदरन की अगुवाई में एक एडवाइजरी कमेटी का गठन भी किया है.
'अपनों' ने दिया कंपनी को झटका
इधर, पेटीएम पेमेंट्स बैंक के दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स ने कंपनी के बोर्ड से खुद को अलग कर लिया है. इन 2 स्वतंत्र निदेशकों ने मुश्किल घड़ी में कंपनी अकेला छोड़ा है उनके नाम शिंजिनी कुमार और मंजू अग्रवाल बताए जा रहे हैं. शिंजिनी कुमार सिटीबैंक और पीडब्ल्यूसी इंडिया का भी हिस्सा रही हैं. जबकि मंजू अग्रवाल ने अपने करियर के 34 साल एसबीआई को दिए और वह डिप्टी एमडी पद से रिटायर हुईं थीं. इन दोनों के इस्तीफों के बाद पेटीएम पेमेंट्स बैंक के बोर्ड में अब केवल तीन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रह गए हैं. एक्सेंचर के पूर्व एमडी पंकज वैश्य, इनमें पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरविंद कुमार जैन और DPIIT के पूर्व सेक्रेटरी रमेश अभिषेक शामिल हैं.
टैग्स