होम / बिजनेस / अडानी पोर्ट्स और मार्सिले पोर्ट के बीच IMEC कॉरिडोर में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा, भारत–यूरोप व्यापार मार्ग को नई दिशा
अडानी पोर्ट्स और मार्सिले पोर्ट के बीच IMEC कॉरिडोर में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा, भारत–यूरोप व्यापार मार्ग को नई दिशा
इस सहयोग के माध्यम से, दोनों बंदरगाह व्यापार दक्षता बढ़ाने, सप्लाई-चेन की मजबूती सुनिश्चित करने और वैश्विक रणनीतिक महत्व के इस ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर हरित शिपिंग प्रथाओं को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 4 months ago
भारत के प्रमुख बंदरगाह समूह अडानी पोर्ट्स (Adani Ports and Special Economic Zone -APSEZ) और फ्रांस के मार्सिले पोर्ट (Port of Marseille Fos) ने ट्रेड फिसिलिटेशन, पोर्ट टेक्नोलॉजी और एनर्जी ट्रांजिशन में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता इंडिया–मिडिल ईस्ट–यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) के तहत दोनों बंदरगाहों को दक्षिण एशिया और यूरोप को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण ट्रेड रूट पर प्रमुख गेटवे के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
IMEC Ports Club और सहयोग
इस MoU में IMEC Ports Club बनाने की योजना शामिल है, जिससे कॉरिडोर के प्रमुख बंदरगाहों के बीच सहयोग औपचारिक रूप से सुनिश्चित किया जा सके. इस पहल से समन्वय में सुधार, नीति चर्चाओं का समर्थन और कॉरिडोर इन्फ्रास्ट्रक्चर में निवेश को मार्गदर्शन मिलेगा. IMEC नेटवर्क, जिसे G20 शिखर सम्मेलन 2023 में नई दिल्ली में लॉन्च किया गया था, लगभग 6,000 किलोमीटर में फैला है और समुद्री मार्ग, रेल कनेक्शन, डिजिटल प्लेटफॉर्म और क्लीन एनर्जी पाथवे को एकीकृत करता है ताकि भारत और यूरोप के बीच व्यापार सुचारू हो सके.
दो देशों के बीच बढ़ता सहयोग
यह समझौता फ्रांस की उच्च-स्तरीय राजनयिक यात्रा के दौरान किया गया, जो दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाता है और भारत–EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के व्यापक व्यापार पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है.
कॉरिडोर का पूर्व और पश्चिम कनेक्शन
IMEC कॉरिडोर के पूर्वी छोर पर, APSEZ मुंद्रा और हजीरा में बंदरगाह संचालित करता है, जो दक्षिण एशिया को पश्चिम एशिया से जोड़ने वाला एक मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब बनाता है. वहीं, Marseille Fos पश्चिमी यूरोप में गेटवे को मजबूत करता है, लगभग 70 मिलियन टन क्षमता जोड़ता है और IMEC की पहुंच को यूरोपीय बाजारों तक विस्तारित करता है.
हरित और सुरक्षित व्यापार मार्ग
साझेदारी का फोकस कॉरिडोर को सुरक्षित और सतत व्यापार मार्ग के रूप में बढ़ावा देने पर रहेगा, जिसके लिए संयुक्त अभियान, अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों, रोडशो और B2B बैठकों का आयोजन किया जाएगा. इसमें पोर्ट डिजिटलीकरण, स्मार्ट प्लेटफॉर्म, डेटा इंटरऑपरेबिलिटी, साइबर सुरक्षा, लो-कार्बन फ्यूल और मुंद्रा–Marseille Fos के बीच ग्रीन मरीटाइम कॉरिडोर के विकास में तकनीकी सहयोग भी शामिल है.
पोर्ट क्षमता और वैश्विक महत्व
APSEZ, जो विविध परिवहन और लॉजिस्टिक्स समूह का हिस्सा है, भारत में 15 बंदरगाहों का संचालन करता है, जिनकी संयुक्त कार्गो हैंडलिंग क्षमता 633 मिलियन टन प्रति वर्ष है, जो देश के कुल पोर्ट वॉल्यूम का लगभग 28 प्रतिशत है. Port of Marseille Fos, फ्रांस का सबसे बड़ा समुद्री हब, सालाना लगभग 74 मिलियन टन कार्गो हैंडल करता है और दक्षिणी एवं पश्चिमी यूरोप के लिए प्रमुख मल्टीमॉडल गेटवे का कार्य करता है.
टैग्स India–EU trade