होम / बिजनेस / अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, इस कंपनी पर चला SEBI का डंडा, बैंक-डीमैट खाते किए जब्त
अनिल अंबानी की बढ़ी मुश्किलें, इस कंपनी पर चला SEBI का डंडा, बैंक-डीमैट खाते किए जब्त
SEBI ने रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी कंपनी के बैंक खाते, डीमेट अकाउंट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स जब्त करने का आदेश दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
उद्योगपति अनिल अंबानी की मुश्किल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. वो एक परेशानी से निकलते नहीं है कि दूसरी परेशानी मुंह खोले उनके सामने आ जाती है. अनिल अंबानी और SEBI के बीच का विवाद चलता ही रहता है. विवादों में फंसी उनकी कंपनियों पर SEBI की निगरानी बढ़ी रहती है. अब नए मामले में बाजार नियामक SEBI ने उनकी कंपनी रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट (RBEP) के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी कंपनी के बैंक खाते, डीमेट अकाउंट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स जब्त करने का आदेश दिया है.
SEBI ने कुर्क किए बैंक और डीमैट खाते
SEBI ने रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कंपनी के बैंक खाते, डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स को कुर्क करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई कंपनी पर 26 करोड़ रुपये का बकाया वसूलने के लिए की गई है. इस राशि में ब्याज और वसूली लागत भी शामिल है. सेबी ने संबंधित बैंकों, डिपॉजिटरी और म्यूचुअल फंड को निर्देश दिया है कि वे इन खातों से किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति न दें.
पैसे के डायवर्जन का मामला
14 नवंबर को सेबी ने रिलायंस बिग एंटरटेनमेंट को नोटिस जारी किया था, जिसमें कंपनी पर रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के धन को अवैध रूप से डायवर्ट करने के आरोप लगाए गए थे. नोटिस में कंपनी को निर्देश दिया गया था कि वह 15 दिनों के भीतर 26 करोड़ रुपये की बकाया राशि जमा करे. हालांकि, कंपनी ने इस आदेश का पालन नहीं किया. इसके बाद सेबी ने कुर्की आदेश जारी करते हुए बकाया राशि वसूलने के लिए कड़े कदम उठाए.
कंपनी के अकाउंट्स की निगरानी बढ़ी
सेबी ने संबंधित संस्थानों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि कुर्क खातों से न तो कोई निकासी हो और न ही इनमें किसी तरह का लेन-देन किया जाए. सेबी ने स्पष्ट किया कि यह कदम बकाया राशि की वसूली के लिए जरूरी है. यह पहली बार नहीं है जब अनिल अंबानी की किसी कंपनी को सेबी की सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ा हो. इससे पहले भी उनकी कई कंपनियों पर नियामकीय नियमों के उल्लंघन और पैसे की हेराफेरी के आरोप लग चुके हैं.
टैग्स