होम / बिजनेस / Anil Ambani की डिफेंस कंपनी बनाएगी गोला-बारूद और छोटे हथियार, इतने करोड़ का होगा निवेश

Anil Ambani की डिफेंस कंपनी बनाएगी गोला-बारूद और छोटे हथियार, इतने करोड़ का होगा निवेश

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की सब्सिडियरी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड हथियार बनाने के लिए प्रोजेक्ट लगाएगी जिसपर 10 वर्षों में 10000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर (Reliance Infra) की ओर से बड़ा एलान किया गया है. कंपनी की सब्सिडियरी रिलायंस डिफेंस लिमिटेड, महाराष्ट्र के रत्नागिरी में एक्सप्लोसिव्स, गोला-बारूद और छोटे हथियार बनाने के लिए सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड प्रोजेक्ट लगाने जा रही है. स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया कि कंपनी को धीरुभाई अंबानी डिफेंस सिटी बनाने के लिए महाराष्ट्र के रत्नागिरी के वाटड इंडस्ट्रियल एरिया में 1000 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. 

10 हजार करोड़ का निवेश

कंपनी ने बयान में कहा कि वह अगले 10 साल में इस प्रोजेक्ट में 10,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी. रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर ने अपनी सब्सडीयरी कंपनियों के माध्यम से पिछले कुछ समय में 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के डिफेंस कंपोनेंट किया है. बयान के मुताबिक, कंपनी को धीरूभाई अंबानी डिफेंस सिटी (डीएडीसी) विकसित करने के लिए महाराष्ट्र के रत्नागिरी के वाटाड औद्योगिक क्षेत्र में 1,000 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. डीएडीसी देश में किसी भी निजी क्षेत्र की कंपनी की रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ी नई परियोजना होगी.

बनाया जाएगा ज्वाइंट वेंचर

बयान में कहा गया है कि परियोजनाओं के तहत दुनिया की छह अग्रणी रक्षा कंपनियों के साथ संयुक्त उद्यम स्थापित किये जाने की योजना है. कंपनी ने कहा कि गोला-बारूद के दायरे में छोटे, मध्यम और बड़े कैलिबर और निर्देशित हथियार (टर्मिनली गाइडेड म्यूनिशन) शामिल हैं. छोटे हथियारों का उपयोग नागरिक और सैन्य उपयोग को लेकर निर्यात बाजारों के लिए होगा.

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सडीयरी कंपनियों जय आर्मामेंट्स लिमिटेड और रिलायंस डिफेंस लिमिटेड के पास पहले से ही हथियार और गोला-बारूद बनाने के लिए सरकार से लाइसेंस मिला हुआ है. रिलायंस का विश्व की दो प्रमुख रक्षा कंपनियों फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन और थेल्स के साथ पहले से ही ज्वाइंट वेंचर है. डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (डीआरएएन) और थेल्स रिलायंस डिफेंस सिस्टम्स (टीआरडीएस) अपना पूरा उत्पादन निर्यात करते हैं.
 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

सेबी का सुजलॉन पर बड़ा प्रहार: 29 करोड़ रुपये का जुर्माना, पुरानी क्लीन चिट भी रद्द

खातों में कथित हेराफेरी, भ्रामक वित्तीय खुलासे और समूह कंपनियों के बीच फंड घुमाकर मुनाफा दिखाने के आरोपों पर सेबी ने सुजलॉन एनर्जी और उसके पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर भारी जुर्माना लगाया है.

1 week ago


बड़ी खबरें

मई में 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा भारत का क्रूड आयात, रूस बना सबसे बड़ा सप्लायर

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति संबंधी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आयात रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं.

1 week ago

रिलायंस फैसले की खामोश विरासत: क्या सेबी के लिए अब धोखाधड़ी साबित करना होगा और मुश्किल?

रिलायंस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सही कहा कि किसी नियम का उल्लंघन करना और धोखाधड़ी करना एक ही बात नहीं है. लेकिन सबसे गंभीर मामलों में सबूत के स्तर को ऊंचा उठाते हुए अदालत एक ऐसे सवाल को अनुत्तरित छोड़ गई, जिसका जवाब उसने नहीं दिया: ऐसे बाजार में, जहां गलत काम गुमनाम, इलेक्ट्रॉनिक और बिना किसी स्पष्ट पीड़ित के होता है, एक नागरिक नियामक धोखाधड़ी को साबित कैसे करे?

1 week ago

भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में, 99% बातचीत पूरी; जल्द हो सकता है अंतरिम समझौता: अमेरिकी राजदूत

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर से बढ़कर 220 अरब डॉलर से अधिक हो गया है.

1 week ago

सेमीकंडक्टर सेक्टर में बड़ा दांव, 2035 तक 150 अरब डॉलर की वैल्यू चेन खड़ी करेगा भारत

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक दशक में 135-180 अरब डॉलर के निवेश और मजबूत सरकारी समर्थन के दम पर देश न केवल अपनी चिप जरूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि वैश्विक सप्लाई चेन में भी अहम भूमिका निभा सकता है.

1 week ago

स्पाइसजेट पर GST विभाग का शिकंजा, रद्द हो सकता है पंजीकरण; 124 करोड़ रुपये की टैक्स मांग

जीएसटी विभाग ने CGST/SGST अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का प्रोविजनल असेसमेंट किया है. इस आकलन के आधार पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की कर मांग निर्धारित की गई है.

1 week ago