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अनिल अंबानी को मिली दोहरी खुशी! रिलायंस इन्फ्रा ने चुकाया कर्ज, माक्रेट में होगी जबरदस्त वापसी

अडानी के बाद, अनिल अंबानी भारत के सूचकांक में दूसरा 'A' हैं, जिनकी वापसी और वृद्धि से बाजार में हलचल मच सकती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

अनिल अंबानी ने इस सप्ताह अपने दो कंपनियों, रिलायंस पावर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, को कर्ज मुक्त कर दिखाया है. इन दोनों कंपनियों ने मिलकर करीब 8000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकता किया है. अब कंपनियों के बोर्ड संभावित रूप से बड़े निवेशकों को शेयरों के विशेष आवंटन के जरिए भारी रकम लगाने की योजना बना सकती है.  अनिल अंबानी अब अडानी के बाद भारत के सूचकांक में दूसरा 'ए' बन गए हैं, जिनकी वापसी और वृद्धि से बाजार में हलचल मच सकती है.

18 सितंबर को रिलायंस पावर लिमिटेड के शेयर 5 प्रतिशत बढ़ गए, जब कंपनी ने घोषित किया कि उसने विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर (VIPL) के लिए 3872 करोड़ रुपये की गारंटी पूरी तरह से निपटा दी है. इस निपटान से सभी कॉरपोरेट गारंटी, प्रतिबद्धताएं, और VIPL के बकाया कर्ज से संबंधित सभी दावे समाप्त हो गए हैं. रिलायंस पावर के कंपनी सचिव और अनुपालन अधिकारी, रामदीप कौर ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की, उन्होने कहा कि कंपनी की ओर से VIPL के लिए गारंटर की सभी जिम्मेदारियां पूरी तरह से निपटा दी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप कॉरपोरेट गारंटी, प्रतिबद्धताएं और VIPL के बकाया कर्ज से संबंधित सभी दावे समाप्त हो गए हैं.

बुधवार को रिलायंस पावर के शेयर की कीमत 32.97 रुपये पर बंद हुई, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य 13,247 करोड़ रुपये हो गया. FY24 तक, रिलायंस पावर ने 5,945 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट्स चालू कर दिए हैं, जबकि बाकी प्रोजेक्ट्स विकास के अलग-अलग चरणों में हैं. इसके अलावा, रिलायंस पावर ने पुष्टि की कि उसने CFM एसेट रिकंस्ट्रक्शन के साथ सभी विवाद सुलझा लिए हैं. VIPL, जिसमें 100% हिस्सेदारी CFM को गिरवी रखी गई थी, अब रिलायंस पावर की सहायक कंपनी नहीं रही. इससे रिलायंस पावर की VIPL के गारंटर के रूप में सभी जिम्मेदारियां समाप्त हो गईं, क्योंकि कॉरपोरेट गारंटी आधिकारिक रूप से जारी कर दी गई थी.

यह लेन-देन 17 सितंबर, 2024 को पूरा हुआ, जिसमें एक्सिस ट्रस्टी सर्विसेज ने CFM एसेट रिकंस्ट्रक्शन और एक्सिस बैंक की ओर से VIPL के शेयरों पर गिरवी का दावा किया. इसके साथ ही रिलायंस पावर ने घोषणा की कि अब उस पर बैंकों या वित्तीय संस्थानों का कोई कर्ज नहीं है. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह लेन-देन किसी संबंधित पार्टी के साथ नहीं था, क्योंकि ऋणदाता रिलायंस पावर के प्रमोटर समूह का हिस्सा नहीं हैं और यह लेन-देन कंपनी की संपत्तियों को प्रभावित करने वाली किसी व्यापक योजना का हिस्सा नहीं था. FY25 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की समेकित शुद्ध संपत्ति 11,155 करोड़ रुपये थी. इसके अलावा, रिलायंस पावर, रोजा पावर सप्लाई और VIPL ने CFM के खिलाफ सभी कानूनी कार्रवाई बंद करने पर सहमति जताई, और CFM ने भी रिलायंस पावर और रोजा पावर के खिलाफ अपने मामलों को वापस ले लिया, जिनमें दिवालिया और बकाया कर्ज कोड के तहत दायर मामले भी शामिल थे.

अंबानी की एक और कंपनी, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने एक्सचेंजों को सूचित किया कि उसने अपने कर्ज का करीब 90 प्रतिशत चुका दिया है और कंपनी की नेट वर्थ 9,041 करोड़ रुपये है. इसके मुकाबले, कंपनी का बाजार मूल्य 8,500 करोड़ रुपये के करीब था, बुधवार को शेयर की कीमत 282.73 रुपये थी.

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने बताया कि इन्वेंट एसेट्स सिक्योरिटाइजेशन और रीकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, जो कंपनी का ऋणदाता है, ने कुछ गिरवी रखी गई संपत्तियों को अपनी राशि वसूलने के लिए ट्रांसफर किया है. इसके परिणामस्वरूप, इन्वेंट एआरसी की पूरी फंड-बेस्ड बकाया राशि अब शून्य हो गई है. कंपनी ने कहा कि उसका स्वतंत्र बाहरी कर्ज अब 475 करोड़ रुपये रह गया है, जो पहले 3,831 करोड़ रुपये था. इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने Life Insurance Corporation of India, Edelweiss Asset Reconstruction Company Limited, ICICI Bank, Union Bank और अन्य ऋणदाताओं को अपने बकाया कर्ज चुका दिए हैं.

कंपनी का बाहरी कर्ज 475 करोड़ रुपये तक घट गया है. इसके परिणामस्वरूप, कंपनी की नेट वर्थ 9,041 करोड़ रुपये होगी, यह रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने घोषित किया. FY24 के अनुसार, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन (E&C) डिवीजन की ऑर्डर बुक 1,974.64 करोड़ रुपये (237 मिलियन डॉलर) की है, जिसमें बड़े प्रोजेक्ट्स पाइपलाइन में हैं. रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के पास 30 जून तक रिलायंस पावर में 23.15 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

वित्तीय प्रदर्शन

रिलायंस पावर की ताजा वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, राजस्व 4 प्रतिशत बढ़कर 1,992 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट लॉस घटकर 98 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही से कम है. Q1 FY25 के लिए, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने 30 प्रतिशत राजस्व वृद्धि की रिपोर्ट दी है, जो 7,193 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. कंपनी का नेट लॉस 93 करोड़ रुपये था, जो पिछले साल की समान तिमाही से कम है.
 


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