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PM मोदी ने जिन्हें बताया था 'आंधी' उन्होंने आखिर सैलरी लेने से क्यों कर दिया इंकार?

लोकसभा चुनाव के बाद एकदम से सुर्खियों में आए पवन कल्याण एक बार फिर खबरों में छा गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

चंद्रबाबू नायडू की TDP और भाजपा के बीच पुल का काम करने वाले पवन कल्याण (Pawan Kalyan) एक बार फिर से सुर्खियों में हैं. पवन बतौर मंत्री मिलने वाली सैलरी लेने से इंकार का कर दिया है. चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में बनी आंध्र प्रदेश सरकार में कल्याण उप-मुख्यमंत्री बनाए गए हैं. तेलुगू फिल्मों के सुपरस्टार और जनसेना पार्टी के अध्यक्ष पवन कल्याण के पास पंचायती राज विभाग का भी जिम्मा है. उन्होंने ऐलान किया है कि वह राज्य की खराब आर्थिक स्थिति को देखते वह वेतन नहीं लेंगे.

BJP के भी चहेते पवन
पवन कल्याण की पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव TDP के साथ मिलकर लड़ा था. इस गठबंधन ने दोनों चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया. इसी प्रदर्शन के दम पर चंद्रबाबू राज्य की सत्ता में लौटे और केंद्र में उनकी स्थिति मजबूत हुई. नायडू मनमुटाव के चलते भाजपा गठबंधन से अलग हो गए थे, लेकिन लोकसभा चुनाव से ठीक पहले उन्हें भाजपा के साथ वापस लाने में पवन कल्याण ने अहम् भूमिका निभाई. इसी वजह से पवन को भाजपा के भी चहेते बन गए हैं. पवन कल्याण ने ऐलान किया है कि वो आंध्र प्रदेश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सैलरी नहीं लेंगे.    

हर तरफ हो रही तारीफ
ऐसे समय में जब सांसद-विधायक अपनी सैलरी और सुविधाओं में बढ़ोत्तरी का कोई मौका नहीं छोड़ते, पवन कल्याण का ये फैसला वाकई काबिले तारीफ है. राज्य में उनके इस फैसले की प्रशंसा की जा रही है. जनसेना पार्टी प्रेसिडेंट ने यह भी कहा है कि वह अपने कार्यालय के लिए नए फर्नीचर सहित कोई भी विशेष भत्ता नहीं लेंगे. यदि ज़रूरत पड़ती है, तो कार्यालय के लिए फर्नीचर वह अपने पैसों से ही मंगाएंगे. वैसे, पवन कल्याण इतने अमीर हैं कि मंत्री के तौर पर मिलने वाली सैलरी उनके लिए खास मायने नहीं रखती. लेकिन फिर भी सैलरी लेने से इंकार करना छोटी बात नहीं है.  

कितने अमीर हैं पवन?
पवन कल्याण ने दावा किया कि पंचायत राज विभाग के पास पर्याप्त धन का अभाव है, इसके चलते उन्होंने वेतन लेने से मना किया है. अभिनेता से राजनेता बने कल्याण ने बताया कि सचिवालय के अधिकारी सदन में तीन दिन उपस्थित रहने के लिए 35000 रुपए के उनके वेतन से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लेने आए थे, लेकिन मैंने उनसे कहा कि मैं वेतन नहीं ले सकता. उन्होंने यह भी कहा कि कोई नया फर्नीचर खरीदने की ज़रूरत नहीं है, आवश्यकता होने पर मैं खुद ही ले आऊंगा. बता दें कि पवन कल्याण के पास कुल 164.53 करोड़ रुपए की संपत्ति है. पिछले 5 साल में उनकी संपत्ति में करीब 60 करोड़ का इजाफा हुआ है. 

ऐसा है राज्य का समीकरण
हाल ही में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में चंद्रबाबू नायडू की तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 175 सदस्यीय विधानसभा में 164 सीटों पर जीत हासिल की थी. टीडीपी ने अकेले 135 सीटें जीतीं, जबकि पवन कल्याण की जन सेना पार्टी ने सभी 21 सीटें अपने नाम की. भाजपा को 10 सीटों में से आठ पर जीत मिली. इस चुनाव में सत्ताधारी पार्टी YSR कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा. पार्टी के पिछली विधानसभा में 151 सदस्य थे, जो इस बार घटकर केवल 11 रह गए हैं. इसी तरह लोकसभा चुनाव में भी TDP ने अच्छा प्रदर्शन किया है. बता दें कि PM मोदी भी पवन कल्याण के फैन हैं. चुनाव बाद संसद भवन में आयोजित एनडीए के घटक दलों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि यहां जो दिख रहा है न पवन, वो पवन नहीं आंधी हैं.


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