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भारत-पाक तनाव पर अमेरिका की दूरी: सिर्फ कूटनीति की अपील, हस्तक्षेप से इनकार
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और "ऑपरेशन सिंदूर" के जवाब में अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस संघर्ष में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर अमेरिका ने चिंता जताई है, लेकिन स्पष्ट कर दिया है कि वह इस संघर्ष में हस्तक्षेप नहीं करेगा. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि यह मामला अमेरिका की जिम्मेदारी के दायरे में नहीं आता और वॉशिंगटन सिर्फ कूटनीतिक समाधान की अपील कर सकता है. आइए जानते हैं जेडी वेंसी ने इस मामले पर क्या कहा है?
अमेरिका की स्पष्ट चेतावनी: "हम युद्ध में नहीं पड़ेंगे"
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जेडी वेंस ने एक शुक्रवार को एक इंटरव्यू में कहा, “भारत और पाकिस्तान जैसे परमाणु संपन्न देशों को अमेरिका नियंत्रित नहीं कर सकता. हम सिर्फ यह उम्मीद कर सकते हैं कि वे तनाव कम करें, लेकिन यह युद्ध हमारा मामला नहीं है और हम इसमें शामिल नहीं होंगे.” उन्होंने कहा कि अमेरिका की प्राथमिकता यह है कि यह क्षेत्रीय तनाव किसी व्यापक युद्ध या परमाणु संघर्ष में न बदले. “हम कूटनीतिक माध्यमों से इस संकट को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं,” वेंस ने जोड़ा.
ऑपरेशन सिंदूर: भारतीय सेना की बड़ी कार्रवाई
भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव तब और बढ़ गया जब बुधवार सुबह भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में मौजूद नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइल हमला किया. यह कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसारन घाटी में हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई, जिसमें 26 लोग मारे गए थे. भारत सरकार ने इस ऑपरेशन को आत्मरक्षा का अधिकार बताते हुए उचित ठहराया. विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि यह हमला आतंक के खिलाफ था, न कि पाकिस्तान की जनता के खिलाफ.
अमेरिका का दोहरा संदेश
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से अलग-अलग बातचीत की. उन्होंने दोनों देशों से तत्काल तनाव घटाने की अपील की. साथ ही पाकिस्तान से साफ शब्दों में कहा कि वह आतंकवादी संगठनों को समर्थन देना बंद करे और इस पर ठोस कदम उठाए. रुबियो ने कहा, “हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान बातचीत करें और किसी भी तरह के सैन्य टकराव से बचें. समय आ गया है कि सभी पक्ष शांति के रास्ते को अपनाएं.”
बढ़ते टकराव की चेतावनी
7 मई को नियंत्रण रेखा (LoC) पर हुई भारी गोलाबारी में जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में 16 नागरिकों की मौत के बाद दोनों देशों के बीच टकराव और गहराता चला गया. इस परिस्थिति में अमेरिका ने मध्यस्थता की पेशकश करते हुए दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
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