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AI का सबसे अच्छा इस्तेमाल गलतियों को पकड़ने के लिए होना चाहिए : IEEE प्रेसिडेंट
IEEE के अध्यक्ष और सीईओ टॉम कुगलिन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तेज तकनीकी प्रगति और इंडस्ट्री के बदलती तस्वीर के लिए इंजीनियरिंग शिक्षा में कई बदलाव की आवश्यकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के कारण पूरी दुनिया में नौकरी को लेकर जताई जा रही चिंताओं को लेकर IEEE की होने वाली प्रेसीडेंट जुड़े सुरक्षा विषयों पर अपनी बात रखते हुए कहती हैं कि 2024 IEEE प्रेसिडेंट-इलेक्ट कैथलीन ए क्रेमर ने कहा कि दुनिया में लोग समझ रहे हैं कि एआई के आने के बाद सबकुछ स्वर्ग जैसा हो जाएगा. लेकिन मैं इसे ऐसा मानती हूं कि 30 मिनट का वीडियो देखकर ये एक तरह से एक्सपर्ट होने वाली बात है. उन्होंने कहा कि एआई का सबसे अच्छा इस्तेमाल ये होगा कि वो इंसान की गलतियों को पकड़े. 2024 IEEE प्रेसिडेंट-इलेक्ट कैथलीन ए क्रेमर ने IEEE के दिल्ली में हुए शिखर सम्मेलन में कही.
क्या बोली IEEE की अगली प्रेसीडेंट?
2024 IEEE प्रेसिडेंट-इलेक्ट कैथलीन ए क्रेमर ने BW Hindi से बात करते हुए कहा कि एआई से जाने वाली नौकरियों की संभावना को लेकर कहा कि कि मैं मानती हूं कि एआई का एक काम ये भी है वो लोगों की वर्किंग को और आसान बनाने में अपनी भूमिका निभाए. 2024 IEEE प्रेसिडेंट-इलेक्ट कैथलीन ए क्रेमर ने एआई से इंसानियत की सुरक्षा जैसे मामले को लेकर कहा कि हम देख रहे हैं कि इस वक्त पूरी दुनिया में एआई को लेकर एक तरह बबल चल रहा है. उन्होंने कहा कि मैं दो एरिया में इसके इस्तेमाल को देख रही हूं जिसमें पहला हथियारों से जुड़ा मामला है और दूसरा एयरोस्पेस से जुड़ा क्षेत्र है. अगर हम एयरोस्पेस में उसका इस्तेमाल करते हैं तो हम क्रैश होने को कितना स्वीकार कर सकते हैं. इसी तरह से कई और भी तरह के ऐप हैं जिन्हें लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. सवाल ये है कि क्या हम उनके परीक्षण के लिए तैयार हैं.
क्या बोले IEEE के प्रेसीडेंट?
IEEE के अध्यक्ष और सीईओ टॉम कुगलिन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि तेज तकनीकी प्रगति और इंडस्ट्री के बदलती तस्वीर के लिए इंजीनियरिंग शिक्षा में कई बदलाव की आवश्यकता है. फ्लेक्सिबल और अंतःविषय दृष्टिकोण को अपनाकर और इंडस्ट्री एवं शिक्षा जगत के बीच मजबूत साझेदारी बनाकर, हम इंजीनियरों की अगली पीढ़ी को कौशल और ज्ञान प्रदान कर सकते हैं जिनकी उन्हें इनोवेशन के लिए और वैश्विक समस्याओं को हल करने के लिए आवश्यकता है. IEEE इन परिवर्तनों का समर्थन करने और यह सुनिश्चित करने के लिए समर्पित है कि भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा उत्कृष्ट बनी रहे.
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कैसे हासिल किए जा सकते हैं नए शोध
IEEE CASS और CSS दिल्ली चैप्टर के अध्यक्ष, NXP सेमीकंडक्टर्स में इंडिया इनोवेटिव इकोसिस्टम के हेड प्रीत यादव ने इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स से इंडस्ट्री की अपेक्षाओं के बारे में बात की. पैनलिस्ट डॉ. मधु चितकारा (प्रोफेसर-चांसलर, चितकारा यूनिवर्सिटी), डॉ. राहुल के. गज्जर ( वीसी गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी), डॉ. एस. वी. कोटा रेड्डी ( VC, VIT AP ) और दीपक माथुर ( 2024 VP, मेंबर एंड ज्योग्राफिक एक्टिविटी, IEEE) ने इस बारे में बात की कि साझेदारी कैसे वास्तविक दुनिया की समस्याओं को हल कर सकती है, नवीनतम शोध को शामिल कर सकती है और बेस्ट प्रेक्टिसिस को बढ़ावा दे सकती है. उन्होंने आज की तकनीकी और सामाजिक चुनौतियों के लिए कार्यबल तैयार करने के लिए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल के साथ मिश्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया.
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