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Rhenus और IWAI के बीच समझौता, भारत में जलमार्ग परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
यह समझौता भारत को स्थायी, सुलभ और बहु-आयामी लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम की तरह देखा जा रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
वैश्विक लॉजिस्टिक्स सेवा प्रदाता रेनस ग्रुप (Rhenus Group) ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत कंपनी भारत के कई राष्ट्रीय जलमार्गों पर बार्ज सेवाओं का संचालन करेगी. इस साझेदारी के पहले चरण में, रेनस जर्मनी से लाई गई 400 टन क्षमता वाली 20 फ्लैट बॉटम बार्जेस और पुश बोट्स का संचालन करेगा, जिन्हें मिलाकर 1,200 टन तक की माल ढुलाई एक ही यात्रा में संभव होगी. मांग बढ़ने पर, रेनस इंडिया अपनी फ्लीट को बढ़ाकर 100 बार्जेस तक ले जाएगी और इसे पूरे भारतीय उपमहाद्वीप में विस्तारित करेगी.
यह MoU 5 मई 2025 को IWAI के कार्यालय में साइन किया गया और इसका औपचारिक आदान-प्रदान 6 मई को भारत सरकार के पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल की उपस्थिति में हुआ. उनकी उपस्थिति सरकार की इस क्षेत्र में प्रतिबद्धता को दर्शाती है. रेनस, भारत के "मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047" को समर्थन देते हुए एक हरित और स्थायी लॉजिस्टिक्स भविष्य के निर्माण में योगदान देने को तत्पर है.
भारत के पास 14,500 किलोमीटर से अधिक नौवहन योग्य जलमार्ग हैं, जिनमें 111 राष्ट्रीय जलमार्ग शामिल हैं. IWAI के तहत भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन (IWT) क्षेत्र ने 2014 में 30 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 2024 में 133 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष तक की महत्वपूर्ण वृद्धि देखी है.
रेनस इंडिया, गंगा नदी और ब्रह्मपुत्र नदी पर अपनी बार्ज शेड्यूल्ड सेवाओं की शुरुआत करेगी, जिससे पूरे भारत में माल ढुलाई को सस्ता और पर्यावरण-अनुकूल बनाया जा सकेगा. इसके साथ ही रेनस यूरोप में अपनी पोर्ट ऑपरेशन और इनलैंड नेविगेशन की विशेषज्ञता को भारत में विस्तार दे रही है.
शुरुआत में कंपनी राष्ट्रीय जलमार्ग NW-1, NW-2, NW-16 और भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल रूट (IBP) पर अपनी सेवाएं देगी. इसके बाद इसका विस्तार अन्य जलमार्गों तक किया जाएगा. यह पहल उत्तर, पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों तक बुल्क और ब्रेक-बुल्क कार्गो की आवाजाही को सुगम बनाएगी.
रेनस के पास यूरोप में 1,000 से अधिक जहाजों का संचालन प्रतिदिन होता है. अब वह भारत में भी अपनी पोर्ट लॉजिस्टिक्स और इनलैंड नेविगेशन की विशेषज्ञता का उपयोग करेगा.
रेनस इंडिया के CEO विवेक आर्य ने कहा "यूरोप में 100 वर्षों से अधिक की इनलैंड वॉटरवे संचालन की विशेषज्ञता के साथ, हम IWAI के साथ मिलकर भारत में स्मार्ट, हरित और किफायती लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के निर्माण के लिए उत्साहित हैं. हम भारत की संभावनाओं को पहचानते हैं और यहां के वातावरण के अनुसार अपने सर्वोत्तम वैश्विक अनुभवों को अनुकूलित करेंगेरेनस पोर्ट लॉजिस्टिक्स डिवीजन के प्रमुख माइकल डी रीस ने जोड़ा "इनलैंड नेविगेशन जर्मनी और यूरोप की उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था की रीढ़ है. हम अपने अनुभव और विशेषज्ञता के माध्यम से भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं".
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