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भारत पेट्रोलियम और GPS रिन्यूएबल्स के बीच समझौता, अब भारत में बनेंगे बायोगैस प्लांट
यह समझौता BPCL के कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी प्रमुख समीथ पई और GPS रिन्यूएबल्स के CEO और को-फाउंडर मैनक चक्रवर्ती ने साइन किया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
13 सितंबर 2024 को की गई घोषणा के बाद, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और जीपीएस रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड ने अब आधिकारिक रूप से एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इसका मकसद भारत में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट बनाना है. यह साझेदारी भारत की ऊर्जा प्रणाली को साफ और हरित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और BPCL के नेट ज़ीरो (शून्य उत्सर्जन) लक्ष्य को पूरा करने में मदद करेगी.
यह समझौता BPCL के कॉर्पोरेट स्ट्रैटेजी प्रमुख समीथ पई और GPS रिन्यूएबल्स के CEO और को-फाउंडर मैनक चक्रवर्ती ने साइन किया. इस मौके पर BPCL के डायरेक्टर (रिफाइनरीज़) संजय खन्ना और डायरेक्टर (HR) राज कुमार दुबे भी मौजूद थे.
इस योजना का मुख्य उद्देश्य
• खेती से निकले बायो-वेस्ट का उपयोग– जैसे पराली (stubble) को जलाने की जगह उसका इस्तेमाल बायोगैस बनाने में किया जाएगा.
• प्रदूषण और ग्रीनहाउस गैसों को कम करना– जिससे जलवायु परिवर्तन पर रोक लगे.
• गांवों में रोज़गार और किसानों की आमदनी बढ़ाना– किसानों से बायोमास खरीदा जाएगा, जिससे उनकी आमदनी भी होगी.
कहां बनाए जाएंगे प्लांट्स?
आने वाले कुछ सालों में बिहार, ओडिशा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में 8 से 10 बायोगैस प्लांट लगाए जाएंगे. ये राज्य इसलिए चुने गए हैं क्योंकि यहां खेती के अवशेष (पराली आदि) भरपूर मिलते हैं और BPCL पहले से वहां गैस वितरण का काम कर रही है. इससे लागत भी कम होगी और काम तेजी से होगा.
सरकारी योजनाओं से जुड़ाव
यह योजना भारत सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे: ग़ोबरधन योजना, SATAT स्कीम, और CBG ब्लेंडिंग योजना से जुड़ी हुई है, जो स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देती हैं. इस साझेदारी का मतलब है कि सरकारी और निजी कंपनियाँ मिलकर अब भारत को स्वच्छ, हरित और आत्मनिर्भर ऊर्जा की ओर ले जाने में साथ काम कर रही हैं.
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