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DY CEO के बाद अब IndusInd Bank के CEO का इस्तीफा, शेयर में आई गिरावट
CEO सुमंत कथपालिया और Dy CEO के अचानक इस्तीफों ने IndusInd बैंक के प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए. डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में जांच और RBI की सख्ती ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) के एमडी और सीईओ सुमंत कथपालिया के तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देने के बाद बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत की गिरावट देखी गई. बता दें, इससे पहले 28 अप्रैल को इंडसइंस बैंक के डिप्टी CEO अरुण खुराना ने भी अपना पद छोड़ दिया था. उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा, "बैंक की ओर से डेरिवेटिव ट्रेड्स की गलत अकाउंटिंग किए जाने के चलते प्रॉफिट एंड लॉस (P&L) पर नकारात्मक असर पड़ा है.
इस्तीफे की वजह: डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में गड़बड़ी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कथपालिया ने यह इस्तीफा डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में अकाउंटिंग विसंगतियों की चल रही जांच के चलते 'मोरल रिस्पॉन्सिबिलिटी' लेते हुए दिया. बता दें कि आरबीआई ने उनके कार्यकाल को केवल 1 साल के लिए बढ़ाया था, जबकि बैंक 3 साल का विस्तार चाहता था.
कमिटी ऑफ एक्जीक्यूटिव्स संभालेगी कमान
भारतीय रिजरिव बैंक (RBI) के हस्तक्षेप के बाद बैंक ने एक अंतरिम समाधान के तौर पर तीन महीने के लिए या नए सीईओ के आने तक के लिए "कमिटी ऑफ एक्जीक्यूटिव्स" का गठन किया है. यह समिति बैंक के संचालन को संभालेगी. वहीं, ब्रोकरेज फर्म MK Global ने इंडसइंड बैंक की रेटिंग को घटाकर 'Reduce' कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹800 से घटाकर ₹725 तय किया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि टॉप मैनेजमेंट के इस्तीफों से बैंक के बिजनेस में बाधा और डिपॉजिट में गिरावट का खतरा बढ़ गया है. साथ ही, एसेट क्वालिटी पर भी दबाव पड़ सकता है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि नए सीईओ की नियुक्ति में 3 से 6 महीने तक की देरी हो सकती है. साथ ही, संभावना है कि आरबीआई किसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकर को सीईओ नियुक्त कर सकता है, जैसा कि बंधन बैंक के मामले में हुआ था.
एक साल में 45% तक गिरा
बुधवार सुबह खबर लिखे जाने तक बैंक का शेयर करीब1.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 825.00 पर ट्रेड कर रहा था. बता दें, इस साल अब तक शेयर में 15% से अधिक की गिरावट आ चुकी है, वहीं, पिछले छह महीनों में इसमें 22% और बीते एक साल में 45% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि, हाल के एक महीने में शेयर ने 20% की रिकवरी दिखाई है. एमके ग्लोबल के अनुसार, बैंक में चल रही मैनेजमेंट अस्थिरता और नए सीईओ को लेकर अनिश्चितता के चलते वर्तमान में इसमें निवेश जोखिम भरा हो सकता है. हालिया तेजी के बावजूद लंबी अवधि के लिए जोखिम बने हुए हैं. निवेशकों को आरबीआई की गतिविधियों, नए सीईओ की नियुक्ति और बाजार के वॉल्यूम व सेंटिमेंट्स पर नज़र रखनी चाहिए. निवेश से पहले किसी वित्तीय सलाहकार से परामर्श लेना उचित होगा.
(डिस्क्लेमर: यह खबर केवल आपको सूचना देने के उद्देश्य से लिखी गई है. शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन हैं और BW हिन्दी आपको किसी भी तरह से निवेश की सलाह नहीं देता है. अगर आप निवेश करना चाहते हैं, तो पहले किसी एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.)
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