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आखिर दुनियाभर के बाजारों में क्‍यों कम हो रही है महंगाई, क्‍या है इसकी वजह?

यूक्रेन में थोड़ी शांति होती है और रूस के खाद्य पदार्थ बाजार में आ जाते हैं तो ये थोड़ा और कम हो सकती है. लेकिन अभी युद्ध से पहले की स्थिति नहीं पैदा हुई है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

रूस यूक्रेन का युद्ध हो या बढ़ती तेल की कीमतें दुनियाभर के बाजारों में पिछले कई महीनों से लगातार महंगाई का दौर चल रहा है. इसके कारण जहां दुनिया भर में कर्ज महंगे हो रहे हैं वहीं आम आदमी को भी इस महंगाई का सामना करना पड़ा है. लेकिन पिछले दो महीने से अब महंगाई के आंकड़ों में कमी देखने को मिल रही है. पहले अमेरिका से महंगाई दर में कमी की खबर आई तो अब भारत में पिछले दो महीने से लगातार महंगाई दर में कमी हो रही है. लेकिन सवाल सबसे बड़ा ये है कि आखिर दुनिया में ऐसी क्‍या परिस्थितियां बदल गई हैं जिसके कारण महंगाई दर में कमी हो रही है. क्‍योंकि रूस यूक्रेन युद्ध के साथ बाकी चीजें अभी भी वैसी ही चल रही हैं. हमने इस सवाल का जवाब देश के जाने माने अर्थशास्त्रियों से जानने की कोशिश की है. जानते हैं वो क्‍या कहते हैं- 

बाजार का ओवररिएक्‍शन खत्‍म हो चुका है

वहीं तेल बाजार पर नजर रखने वाले सीनियर ऑयल एक्‍सपर्ट नरेन्‍द्र तनेजा बताते हैं कि जब रूस और यूक्रेन का युद्ध शुरू हुआ था तो उस वक्‍त दुनिया भर की सप्‍लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हो गई थी. लेकिन अब बाजार ने उसे आब्‍जर्व कर लिया है. अब बाजार को ये समझ में आ गया है कि कीमतों में जो इजाफा हुआ वो हकीकत से परे था. रूस के पास पर्याप्‍त ऑयल है और आज दुनिया में सउदी का तेल महंगा है जबकि रूस का तेल सस्‍ता है. अब बाजार इस युद्ध के बाद संभल चुका है. लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है. रूस यूक्रेन युद्ध के वक्‍त हमने देखा था कि तेल की कीमत 120 डॉलर तक पहुंच गया था, कहा जा रहा था कि ये 200 तक भी जा सकती हैं. लेकिन अब बाजार जान चुका है कि सप्‍लाई चेन में जो कमी की बात कही जा रही थी वो उतनी थी नहीं. खाद्य पदार्थों में भी कमी आ रही है. इसलिए दुनिया भर में महंगाई का जो ओवररिएक्‍शन हुआ वो अब ठीक हुआ है.

बैकलॉग ने पहुंचाया नुकसान 
वहीं अर्थशास्‍त्री प्रोफेसर जनमेजय पुंडिया बताते हैं कि दरअसल रूस यूक्रेन युद्ध के कारण जो दुनिया भर के बाजारों ने अपना सामान होल्‍ड कर दिया था वो महंगाई बढ़ने के कारण बिक नहीं पाया. उसके कारण हुआ ये कि अब बाजार को महसूस हुआ कि उसका माल होल्‍ड हो रहा है. नतीजा ये हुआ कि जब माल नहीं बिका तो अब वही माल सस्‍ते में बिक रहा है. बाजारों में इसीलिए कमी देखने को मिल रही है. अब तो हालात ये हैं कि ये पूरी दुनिया में कमी देखने को मिल रही है.

 

क्रूड ऑयल के दामों में हुई है कमी 
अर्थशास्‍त्री के के मित्‍तल कहते हैं कि देखिए भारत में तो महंगाई में कमी इसलिए हो रही है क्‍यों कि हमारे देश में इस वक्‍त सभी तरह की चीजों का सीजन आ गया है. अब वो भले ही खाने पीने की चीजें हों या दूसरी वस्‍तुएं सभी इस वक्‍त बाजार में पर्याप्‍त संख्‍या में मौजूद हैं. हमारे देश में वस्‍तुओं के दाम तभी बढ़ते हैं जब सीजन नहीं होता है. वहीं अगर दुनिया के स्‍तर की बात करें तो क्रूड ऑयल के दामों में बड़ी कमी हुई है. पहले जो क्रूड ऑयल 100 डॉलर था आज वो 80 तक आ गया है. ऐसे में उसका सुधरना तो लाजिमी है. लेकिन रूस यूक्रेन का युद्ध चल रहा है जिसे कई चीजों की मांग बनी हुई है. ऐसे में तेल बड़ी भूमिका निभा रहा है. 


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