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अपने शेयरों को 10 हिस्सों में बांट रही है ये दिग्गज कंपनी, जानें क्या होता है Stock Split
आदित्य विजन के शेयरों ने पिछले कुछ समय में शानदार रिटर्न दिया है. अब कंपनी अपने शेयरों को स्प्लिट करने जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
शेयर बाजार में लिस्टेड एक और कंपनी स्टॉक स्प्लिट करने जा रही है. आदित्य विजन लिमिटेड अपने शेयरों को 10 भागों में बांटने वाली है. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया है कि उसके बोर्ड ने 10 रुपए फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर को 1 रुपए फेस वैल्यू वाले 10 शेयरों में बांटने की मंजूरी दे दी है. यह आदित्य विजन लिमिटेड का पहला स्टॉक स्प्लिट है. हालांकि, आदित्य विजन ने अभी शेयरों के बंटवारे की रिकॉर्ड डेट का ऐलान नहीं किया है. कंपनी के शेयर दोपहर 12 बजे तक गिरावट के साथ 4,545 रुपए पर कारोबार कर रहे हे. जबकि बीते पांच कारोबारी सत्रों मन इसमें 3.99% की तेजी आई है.
दिया है तूफानी रिटर्न
आदित्य विजन लिमिटेड के शेयरों ने बीते 5 सालों में तूफानी रिटर्न दिया है. इस दौरान, कंपनी क शेयर 10,721.43% चढ़े हैं. आदित्य विजन के शेयर 5 जुलाई 2019 को 42 रुपए पर थे और आज 4,545 रुपए ke लेवल पर पहुंच गए हैं. इस शेयर का 52 वीक का हाई लेवल 4,800 रुपए है. आदित्य विजन लिमिटेड एक मल्टी ब्रैंड कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स रिटेल चेन है. दिग्गज इनवेस्टर आशीष कचौलिया ने भी इस कंपनी पर दांव लगाया है. उनके पास आदित्य विजन ke 239506 शेयर हैं. कंपनी में आशीष कचौलिया की 1.87% हिस्सेदारी है.इसी तरह, HDFC स्मॉलकैप फंड के पास भी आदित्य विजन लिमिटेड के 665206 शेयर हैं. चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि आखिर स्टॉक स्प्लिट होता क्या है.
क्या होता है स्टॉक स्प्लिट?
जैसा कि नाम से ही समझ आ रहा है स्टॉक स्प्लिट यानी शेयरों का विभाजन. इस प्रक्रिया के तहत कोई कंपनी स्टॉक एक्सचेंज को सूचित करके एक निर्धारित तिथि पर अपने शेयरों को एक निश्चित अनुपात में बांट देती है. जैसे कि आदित्य विजन ने 1:10 के रेश्यो में बंटवारे का फैसला लिया है. जिस अनुपात में कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है, उसी अनुपात में शेयरहोल्डर्स के शेयरों में बदलाव हो जाता है. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास किसी कंपनी के 400 शेयर हैं और कंपनी स्टॉक स्प्लिट लाकर 1 शेयर को 2 में तोड़ देती है, आपके पास कंपनी के 800 शेयर हो जाएंगे. हालांकि, इससे उसकी निवेश की वैल्यू पर कोई असर नहीं होगा.
क्यों पड़ती है इसकी जरूरत?
जब कंपनी के शेयर की डिमांड काफी ज्यादा होती है, लेकिन उसकी कीमत के चलते छोटे निवेशक ना चाहते हुए भी दूरी बना लेते हैं, तो कंपनी स्टॉक स्प्लिट करती है. इस प्रक्रिया से महंगा शेयर सस्ता हो जाता है और छोटे निवेशक आसानी से निवेश कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर MRF के एक शेयर की कीमत 1,28,430 रुपए है. हर किसी के लिए इसनी राशि इन्वेस्ट करना संभव नहीं हो सकता, लेकिन यदि कंपनी स्टॉक को स्प्लिट करती है तो उसकी कीमत कम हो जाएगी और ज्यादा लोग उसे खरीद पाएंगे. कुल मिलाकर कहें तो कोई कंपनी स्टॉक स्प्लिट केवल इसलिए करती है, ताकि छोटे निवेशकों को आकर्षित किया जा सके.
मार्केट कैप होता है प्रभावित?
क्या स्टॉक स्प्लिट से कंपनी के मार्केट कैप पर भी कोई असर पड़ता है? इस सवाल का जवाब है -ना. चलिए इसे एक उदाहरण के जरिए समझते हैं. पिज्जा अक्सर 4 टुकड़ों में विभाजित होता है, लेकिन यदि आप छह लोग खाने वाले हों तो आप अपने हिसाब से उसे छह हिस्सों में भी बांट सकते हैं. क्या आपके ऐसा करने से पिज्जा का साइज घट या बढ़ जाएगा? निश्चित तौर पर नहीं. ठीक इसी तरह, स्टॉक स्प्लिट से केवल शेयर के टुकड़े होते हैं, इससे कंपनी के मार्केट कैप पर कोई असर नहीं पड़ता. बस शेयरों की संख्या बढ़ जाती है. रही बात निवेशकों के फायदे की, तो शेयरों के विभाजन से उनके पास डिमांड वाले शेयरों को कम कीमत में खरीदने का मौका मिल जाता है.
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