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डावोस में अडानी का बड़ा ऐलान, 6 लाख करोड़ के निवेश से बदलेगा भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर
यह निवेश न केवल भारत के औद्योगिक और ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 months ago
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 के मंच से अडानी ग्रुप ने ऐसा निवेश प्लान पेश किया है, जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े 60 से अधिक देशों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ग्रुप ने एविएशन, क्लीन एनर्जी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे अहम क्षेत्रों में करीब 6 लाख करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप दुनिया के सामने रखा है. यह निवेश न केवल भारत के औद्योगिक और ऊर्जा भविष्य को नई दिशा देगा, बल्कि रोजगार सृजन, तकनीकी विकास और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगा.
भारत की विकास प्राथमिकताओं के अनुरूप निवेश योजना
डावोस में अपनी योजनाओं का खाका पेश करते हुए अडानी ग्रुप ने स्पष्ट किया कि यह निवेश महाराष्ट्र, असम और झारखंड जैसे प्रमुख राज्यों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. यह रणनीति भारत की ऊर्जा ट्रांजिशन, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और डिजिटल इंफ्रा को सशक्त बनाने की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है. गौतम अडानी ने कहा कि निजी क्षेत्र की दीर्घकालिक पूंजी भारत की तेज़ आर्थिक वृद्धि में निर्णायक भूमिका निभाएगी.
असम और पूर्वोत्तर भारत पर विशेष फोकस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी ग्रुप ने असम और पूर्वोत्तर भारत को एविएशन और ग्रीन एनर्जी का नया केंद्र बनाने की योजना पेश की है. गुवाहाटी स्थित लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को केंद्र में रखते हुए विमानन पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार की घोषणा की गई है.
दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटित नए टर्मिनल के साथ यहां हॉस्पिटैलिटी और रिटेल इंफ्रा, एविएशन अकैडमी और फुल-फ्लाइट सिमुलेटर, चौड़े और संकीर्ण विमानों के लिए MRO सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे गुवाहाटी को पूर्वोत्तर भारत का क्षेत्रीय एविएशन हब बनाया जा सकेगा.
ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा
असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में 2,700 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता वाली नवीकरणीय परियोजनाओं की भी घोषणा की गई है. इसके साथ ही सीमेंट मैन्युफैक्चरिंग और ग्राइंडिंग यूनिट्स स्थापित कर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत की निर्माण सप्लाई चेन को मजबूत किया जाएगा.
महाराष्ट्र में मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
महाराष्ट्र अडानी ग्रुप के निवेश प्लान का बड़ा केंद्र रहेगा. यहां शहरी पुनर्विकास, डिजिटल इंफ्रा और उन्नत ऊर्जा प्रणालियों पर फोकस किया जाएगा. प्रमुख परियोजनाओं में धारावी पुनर्विकास परियोजना, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जो हाल ही में परिचालन में आया है. एयरपोर्ट से जुड़े लॉजिस्टिक्स, कमर्शियल और हॉस्पिटैलिटी जोन शामिल हैं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार हर निवेशक का स्वागत करती है, क्योंकि निवेश से ही युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होते हैं.
डेटा सेंटर से लेकर सेमीकंडक्टर तक
महाराष्ट्र में प्रस्तावित निवेशों में :
1. 3,000 मेगावाट क्षमता वाले ग्रीन डेटा सेंटर पार्क
2. 8,700 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज हाइड्रो परियोजनाएं
3. कोयला गैसीकरण पहल
4. सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन यूनिट्स
5. निजी भागीदारी के अनुरूप परमाणु ऊर्जा परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी योजनाएं शामिल हैं.
7 से 10 साल में पूरा होगा निवेश चक्र
अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडानी ने बताया कि यह पूरा निवेश अगले 7 से 10 वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. इसका उद्देश्य केवल पूंजी निवेश नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, कौशल विकास, टेक्नोलॉजी आधारित समावेशन को बढ़ावा देना है.
दावोस से भारत के भविष्य की झलक
WEF 2026 में अडानी ग्रुप की घोषणाओं ने यह साफ कर दिया कि आने वाले दशक में भारत के आर्थिक विस्तार में इंफ्रास्ट्रक्चर और निजी पूंजी की भूमिका और अधिक निर्णायक होने वाली है. दावोस के वैश्विक मंच से आया यह संदेश भारत की विकास कहानी को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है.
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