होम / बिजनेस / अडानी पावर Q3 नतीजे: तिमाही मुनाफा 19% घटा, वन-टाइम आय में कमी मुख्य वजह

अडानी पावर Q3 नतीजे: तिमाही मुनाफा 19% घटा, वन-टाइम आय में कमी मुख्य वजह

अडानी पावर के Q3 नतीजे यह दर्शाते हैं कि वन-टाइम आय में उतार-चढ़ाव और ऑपरेशनल रेवेन्यू में गिरावट शुद्ध मुनाफे पर सीधा असर डालती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

अडानी पावर ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3) में 2,480 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया. यह पिछले साल की इसी तिमाही के 3,057 करोड़ रुपये के मुनाफे की तुलना में 19 प्रतिशत कम है. पिछली तिमाही के मुकाबले भी मुनाफा 16 प्रतिशत घट गया. कंपनी का कहना है कि मुनाफे में गिरावट का मुख्य कारण इस तिमाही में वन-टाइम आय में कमी है, जो पिछले साल इसी तिमाही में अधिक थी.

वन-टाइम आय में कमी का असर

अडानी पावर ने बताया कि पिछली तिमाही में कंपनी को कुछ पुराने कॉन्ट्रैक्ट्स और देरी से भुगतान (लेट पेमेंट चार्ज) से जुड़ी अतिरिक्त आय मिली थी. इस बार इस प्रकार की एकबारगी आय कम रहने के कारण शुद्ध मुनाफे पर नकारात्मक असर पड़ा. कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “पिछली तिमाही में मिलने वाली एकबारगी आय ने मुनाफे को ऊंचा किया था. इस बार यह घटकर सामान्य स्तर पर आ गई है.”

ऑपरेशन रेवेन्यू में गिरावट

इस तिमाही में अदाणी पावर की ऑपरेशनल आय (रेवेन्यू) भी पिछली तिमाही और पिछले साल की तुलना में कम रही.

- इस तिमाही में कुल रेवेन्यू 12,451 करोड़ रुपये रहा.
- पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले रेवेन्यू 9 प्रतिशत कम हुआ.
- पिछली तिमाही की तुलना में यह 7.5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है.

विश्लेषकों का कहना है कि रेवेन्यू में गिरावट मुख्य रूप से बिजली की दरों में स्थिरता और कुछ परियोजनाओं में देरी के कारण आई है.

बाजार और निवेशकों पर प्रभाव

इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अदाणी पावर के शेयरों पर हल्का दबाव देखा गया. विशेषज्ञों का मानना है कि वन-टाइम आय में उतार-चढ़ाव और परियोजनाओं की प्रगति कंपनी के तिमाही परिणामों को प्रभावित करती रही है. कंपनी ने निवेशकों को भरोसा दिलाया है कि दीर्घकालिक विकास योजनाएं निरंतर जारी हैं और अगली तिमाही में सुधार की उम्मीद है.


टैग्स
सम्बंधित खबरें

भारत पर जापान का बड़ा दांव, ₹1 लाख करोड़ का निवेश, सेमीकंडक्टर, AI और ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगी नई ताकत

दोनों देशों ने ऊर्जा सुरक्षा, रणनीतिक तेल भंडारण, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन एनर्जी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है.

7 hours ago

केरल विझिंजम पोर्ट डील के पीछे कौन? सौदे की परतें खोलती खास पड़ताल

$1.4 अरब की अडानी डील, जटिल कॉरपोरेट संरचनाएं, फैमिली ट्रस्ट और एक ऐसा नेटवर्क, जिसकी कड़ियां चुपचाप पनामा नहर तक पहुंचती हैं. (भाग-1)

7 hours ago

पूर्व टीवी संपादक ने शुरू की उत्तर प्रदेश की पहली NABL-मान्यता प्राप्त फॉरेंसिक लैब

इस उपलब्धि के साथ Laxhar Evidence Labs उत्तर प्रदेश की पहली ऐसी फॉरेंसिक लैब बन गई है, जिसे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में NABL की मान्यता मिली है. ह

7 hours ago

ICAR और सेशेल्स के बीच MoU, जलवायु-अनुकूल खेती और हॉर्टिकल्चर को मिलेगा बढ़ावा

भारत और सेशेल्स ने कृषि अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं.

22 hours ago

फर्स्टक्राई समर्थित स्वारा बेबी लाएगी ₹1,000 करोड़ का IPO, सेबी के पास दाखिल किया DRHP

स्वारा बेबी डिस्पोजेबल हाइजीन उत्पादों का निर्माण करती है. कंपनी बेबी केयर, एडल्ट इनकॉन्टिनेंस और फेमिनिन हाइजीन सेगमेंट में कई प्रोडक्ट बनाती है.

22 hours ago


बड़ी खबरें

हमारी मुंबई, उनकी बैलेंस शीट

वह अनकही कहानी कि कैसे गुजराती और जैन व्यापारी समुदायों ने बॉम्बे की वित्तीय संरचना खड़ी की, जबकि बाद में राजनीति ने उस पर दावा करने की कला को सिद्ध कर लिया.

2 hours ago

W.O.R.L.D. मॉडल: आपके संगठन की अदृश्य संरचना को देखने के लिए एक विश्व-निर्माण ढांचा

इस लेख में नवाचार रणनीतिकार रंजन मलिक ने W.O.R.L.D. मॉडल पेश किया है, जो बताता है कि किसी भी संगठन में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत उसकी 'अदृश्य दुनिया' को समझने से होती है.

2 minutes ago

गेल की वित्तीय रणनीति को मिलेगी नई दिशा, एस.के. सिन्हा बने निदेशक (वित्त)

तीन दशक से अधिक के अनुभव वाले वित्त विशेषज्ञ एस.के. सिन्हा अब गेल (इंडिया) की वित्तीय रणनीति और भविष्य की विकास योजनाओं का नेतृत्व करेंगे.

1 hour ago

केरल से पनामा तक: ब्लैकरॉक का अदृश्य साम्राज्य

भारत के विझिंजम बंदरगाह को अडानी और MSC के बीच एक सामान्य लेनदेन के रूप में प्रस्तुत किया गया, लेकिन दस्तावेज कहीं अधिक बड़ी कहानी बताते हैं. 'उस गुप्त हाथ के पीछे का साम्राज्य' का दूसरा भाग

1 hour ago

प्रो. उमेश वी. वाघमारे बने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के नए सचिव

केंद्र सरकार ने प्रो. उमेश वी. वाघमारे की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव पद पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.

6 hours ago