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अडानी समूह के शेयरों में सुधार, अमेरिकी आरोपों के बाद मार्किट कैप हुई बढ़ोतरी
अडानी ग्रुप के शेयरों में पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में सुधार देखने को मिल रहा है. दोपहर तक ग्रुप की सभी 11 लिस्टेड अडानी शेयरों का संयुक्त मार्केट कैप 1.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी ग्रुप (Adani Group) के शेयरों में अब तेजी देखने को मिल रही है. शेयरों में पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन में सुधार देखने को मिल रहा है. साथ ही अमेरिकी न्याय विभाग और US सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) द्वारा रिश्वत के आरोपों के बाद हुए नुकसान का अधिकांश हिस्सा पुनः प्राप्त कर लिया है. दोपहर तक, सभी 11 लिस्टेड अडानी शेयरों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 1.37 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था. वहीं, अब 21 नवंबर को निवेशकों द्वारा अनुभव किए गए नुकसान की भरपाई के लिए अतिरिक्त 60,000 करोड़ रुपये की आवश्यकता है.
अडानी ग्रीन के शेयरों में 18 प्रतिशत की वृद्धि
20 नवंबर को अमेरिकी अदालत में जारी अभियोग और दीवानी शिकायत के बाद अडानी के शेयरों का बाजार मूल्य 2.2 लाख करोड़ रुपये तक गिर गया. हालांकि, जीक्यूजी पार्टनर्स (GQS Partners) जैसे प्रमुख निवेशकों के समर्थन से निवेशकों का भरोसा फिर से लौट आया है. अडानी ग्रीन के शेयरों में 18 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के शेयरों में 14 प्रतिशत की वृद्धि हुई, क्योंकि तीन जापानी बैंकों—मिज़ूहो फाइनेंशियल, सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल और मित्सुबिशी UFJ फाइनेंशियल—ने समूह के साथ अपने संबंधों को जारी रखने का संकेत दिया.
GQS नहीं बेचेगा हिस्सेदारी
अडानी ग्रुप के सबसे बड़े विदेशी निवेशक जीक्यूजी पार्टनर्स ने अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा कि वह अपनी हिस्सेदारी नहीं बेचेगा. फर्म ने कहा, "हमारा मानना है कि अदानी समूह के शेयरों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए भी जोखिम का यह स्तर प्रबंधनीय है. इस बीच, क्रिसिल रेटिंग्स ने बताया कि चल रहे घटनाक्रमों के कारण नकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, जैसे कि ऋण चुकौती में तेजी, इसने कहा कि अदानी समूह अपने ऋण दायित्वों और प्रतिबद्ध पूंजीगत व्यय योजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त तरलता और परिचालन नकदी प्रवाह बनाए रखता है.
अडानी ग्रुप पर लगे ये आरोप
अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) ने भी अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखा, जिससे हरित ऊर्जा और स्थिरता क्षेत्रों में अडानी समूह की भूमिका में विश्वास मजबूत हुआ. भारतीय अधिकारियों को 265 मिलियन अमेरिकी डॉलर की रिश्वत दिए जाने के दावों सहित ये आरोप अडानी ग्रीन के इर्द-गिर्द केंद्रित हैं, जिस पर आकर्षक सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने का आरोप है. हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया है कि उसके चेयरमैन गौतम अडानी पर केवल प्रतिभूति कानून के कथित उल्लंघन के लिए अमेरिका में आरोप लगाए गए हैं और उन पर अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम के तहत कोई आरोप नहीं है.
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