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अडानी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 में 1.1 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य तय किया

अडानी ग्रुप अपने निवेश और विस्तार की योजनाओं के साथ न केवल भारतीय बाजार में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी स्थिति को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत के प्रमुख उद्योग समूहों में शुमार अडानी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 में पूंजीगत व्यय के लिए 1.1 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य रखा है. यह निवेश मुख्य रूप से समूह के ऊर्जा और बुनियादी ढांचा कारोबारों में किया जाएगा. चालू वित्त वर्ष में अडानी ग्रुप ने पूंजीगत व्यय पर लगभग 92,000 करोड़ रुपये खर्च किए है.  समूह के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अगले वित्त वर्ष में होने वाले पूंजीगत व्यय का लगभग 60,000 करोड़ रुपये का इंतजाम आंतरिक स्रोतों से किया जाएगा, जबकि शेष रकम शेयर और बॉन्ड जारी करके जुटाई जाएगी.

कम ब्याज दरों के साथ लागत में कमी

अडानी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025 में दीर्घकालिक उधारी पर ब्याज की औसत दर को 10.4 प्रतिशत से घटाकर 8.1 प्रतिशत करने में सफलता हासिल की है. इसके कारण ग्रुप को सालाना 4,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है. ग्रुप को उम्मीद है कि आगामी वर्षों में वह लागत को इसी तरह कम रखने में सफल रहेगा और नई उधारी पर पूंजी लागत 75 से 100 आधार अंक तक कम हो सकती है.

ऋण की स्थिति और बचत की रणनीति

वित्त वर्ष 2025 तक अडानी ग्रुप की सकल उधारी 2.4 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि शुद्ध कर्ज 1.85 लाख करोड़ रुपये था. समूह नए ऋण लेकर सालाना 40,000 करोड़ रुपये के पुराने कर्ज का निपटान करता है, जिससे उसे ब्याज पर औसतन 1.72 प्रतिशत की बचत होती है. अडानी ग्रुप के अधिकारियों का कहना है कि इस बचत की प्रक्रिया अगले दो दशकों तक जारी रह सकती है.

हिस्सेदारी बिक्री से जुटाई गई रकम

अडानी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025 में अपनी विभिन्न कंपनियों, जैसे अडानी विल्मर और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस में हिस्सेदारी बेचकर 2 अरब डॉलर जुटाए थे. इस राशि का उपयोग ग्रुप ने मौजूदा ऋण चुकाने और पूंजीगत व्यय के लिए किया. पिछले पांच वर्षों में अडानी ग्रुप का बाजार पूंजीकरण 53 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि करोपरांत मुनाफा (PAT) 49 प्रतिशत बढ़ा है. ग्रुप ने बाजार मूल्यांकन में बढ़ोतरी का मुख्य श्रेय मुनाफे में इजाफे को दिया है.

विदेशी निवेशकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया

अडानी ग्रुप ने अपनी योजनाओं को विदेशी निवेशकों के सामने प्रस्तुत किया और उन्हें आश्वासन दिया कि आगामी वर्षों में समूह की वृद्धि की गति निरंतर बनी रहेगी. पिछले 20 वर्षों में समूह का बाजार पूंजीकरण 32 प्रतिशत बढ़ा है, जिससे वह दीर्घकालिक निवेश के लिए एक मजबूत विकल्प बनकर उभरा है.

अमेरिका से आयात शुल्क के प्रभाव पर टिप्पणी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जवाबी शुल्क की धमकी पर अडानी ग्रुप के अधिकारियों ने कहा कि इसका समूह पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसका अधिकांश कारोबार भारत में ही संचालित होता है.

आंतरिक विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कदम

अडानी ग्रुप की प्रमुख सहायक कंपनी, अडानी पोर्ट्स ऐंड सेज, वित्त वर्ष 2025 से 2029 तक 80,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करने का इरादा रखती है. इसमें से 45,000 करोड़ रुपये देसी बंदरगाहों के विस्तार में खर्च किए जाएंगे, जबकि 20,000-25,000 करोड़ रुपये लॉजिस्टिक क्षेत्र पर खर्च होंगे. इसके अलावा, अडानी पोर्ट्स ऐंड सेज अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कारोबार में भी विस्तार के अवसर तलाश रही है.

नवी मुंबई हवाई अड्डे का आगामी उद्घाटन 

समूह ने 2030 तक घरेलू बंदरगाहों से 80-85 करोड़ टन माल आवाजाही का लक्ष्य तय किया है. नवी मुंबई में ग्रुप का नया हवाई अड्डा अगली तिमाही तक शुरू हो जाएगा, जो इसका आठवां हवाई अड्डा होगा.


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