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अडानी ग्रुप ने चली बड़ी चाल, 6400 करोड़ के लोन के लिए कई विदेशी बैंकों से किया संपर्क

गौतम अडानी की यह योजना न सिर्फ उनके ग्रुप के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि वे वैश्विक स्तर पर अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ा रहे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

भारत के प्रमुख उद्योगपति गौतम अडानी ने एक बार फिर विदेशी बैंकों का रुख किया है.  अडानी ग्रुप को मई 2025 तक करीब 6400 करोड़ रुपये (लगभग 768 मिलियन डॉलर) की फंडिंग की जरूरत है. इस फंड के लिए अडानी ने बार्कलेज पीएलसी, फर्स्ट अबूधाबी बैंक पीजेएससी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक पीएलसी से बातचीत की है. बताया जा रहा है कि यह लोन पांच वर्षों की अवधि के लिए हो सकता है, हालांकि इसकी शर्तों का खुलासा अब तक नहीं हुआ है.

क्यों जरूरी पड़ा लोन?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) देश के सात प्रमुख हवाई अड्डों का संचालन कर रही है. कंपनी अब मुंबई के बाहरी इलाके में करीब दो बिलियन डॉलर के निवेश से एक नया अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब विकसित करने जा रही है. इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए अडानी को बड़ी रकम की जरूरत है. माना जा रहा है कि यह लोन इसी विस्तार योजना के लिए लिया जा रहा है.

अडानी पर विदेशी बैंकों का भरोसा बढ़ा

यह पहला मौका नहीं है जब अडानी समूह ऑफशोर फंडिंग की दिशा में सक्रिय हुआ हो. इस महीने की शुरुआत में भी कंपनी ने एक ऑफशोर प्राइवेट प्लेसमेंट बॉन्ड के जरिए करीब 750 मिलियन डॉलर जुटाए थे. उस डील में ब्लैकरॉक जैसे बड़े निवेशकों ने विश्वास जताते हुए बड़ी हिस्सेदारी खरीदी थी.  

यह घटनाक्रम इस ओर इशारा करता है कि वैश्विक फाइनेंशियल मार्केट में अडानी समूह की विश्वसनीयता लगातार बढ़ रही है और विदेशी बैंक अब उसे एक भरोसेमंद कर्जदाता के रूप में देख रहे हैं. बता दें, अगर अडानी का यह लोन स्वीकृत होता है, तो यह अडानी समूह की वित्तीय स्थिति और भविष्य की योजनाओं के लिए एक मजबूत आधार साबित हो सकता है.
 


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