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नई मुश्किल में अडानी ग्रुप, गौतम अडानी के भतीजे पर SEBI ने लगाया इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप

सेबी ने आरोप लगाया है कि अडानी समूह की कई कंपनियों के निदेशक और अरबपति संस्थापक गौतम अडानी के भतीजे प्रणव अडानी ने कुछ संवेदनशील जानकारियां साझा की.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

अरबपति गौतम अडानी के भतीजे प्रणव अडानी की मुसीबत बढ़ सकती हैं. क्योंकि मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने यह आरोप लगाया है कि अडानी ग्रुप के कई कंपनियों के डायरेक्टर प्रणव अडानी ने शेयर मार्केट के नियमों का उल्लंघन किया है. इन पर सेबी ने इनसाइडर ट्रेडिंग का आरोप लगाया है.

क्या है पूरा मामला?

इस मामले को पूरा समझने से पहले आप इनसाइडर ट्रेडिंग के बारे में जान लीजिए. जब किसी कंपनी से जुड़ी गुप्त और जरूरी जानकारी जो आमतौर पर आम लोगों को नहीं पता होती है. जब वह लीक हो जाए. सरल शब्दों में कंपनी की गुप्त और जरूरी जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति को पता चल जाए और उसका इस्तेमाल करके कंपनी के शेयर खरीदने और बेचने का काम किया जाए तो इंसाइडर ट्रेडिंग कहते है.

सेबी ने अडानी ग्रुप के डायरेक्टर प्रणव अडानी पर इनसाइडर ट्रेडिंग के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है. सेबी के आरोप के मुताबिक प्रणव अडानी ने साल 2021 में अडानी ग्रीन एनर्जी के द्वारा एसबी एनर्जी कंपनी के 3.5 अरब डॉलर रुपए के अधिग्रहण के संबंध में गुप्त और जरूरी जानकारी को बाहर लीक कर दिया था. आरोप के मुताबिक प्रणव अडानी ने इस गुप्त जानकारी को अपने दो जीजा कुणाल शाह और नृपुल शाह तक पहुंचा था. जिसका इस्तेमाल करके उन्होंने शेयरों में ट्रेड लिया था और उससे करीब 90 लाख रुपए का प्रॉफिट बनाया था.

सेटलमेंट डिस्कशन कर रहे है प्रणव अडानी!

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक प्रणव अडानी इस मामले को हल करने की कोशिश करने में लगे हुए हैं. उनका कहना है कि उन्होंने कोई भी सिक्योरिटीज लॉ का उल्लंघन नहीं किया है. जानकारी के मुताबिक इस पूरे मुद्दे पर प्रणव अडानी सेबी के साथ सेटलमेंट डिस्कशन कर रहे हैं.

दूसरी तरफ प्रणव अडानी के दोनों जीजा ने सेबी के इन आरोपों पर अपने लॉ फर्म के जरिए जवाब देते हुए सेबी के इंसाइडर नियमों के उल्लंघन के आरोपी को इनकार किया है. साथ ही इस ट्रेड में किसी भी प्रकार के अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसेटिव इनफॉरमेशन के इस्तेमाल से इनकार किया है. शाह ब्रदर्स का कहना है कि उनके द्वारा लिए गए इस ट्रेड के संबंध में सारी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध थी.

क्या होती है इनसाइडर ट्रेडिंग?

आपको बता दें, शेयर मार्केट में इनसाइडर ट्रेडिंग को फ्रंट रनिंग के नाम से भी जाना जाता है. ये एक गैरकानूनी गतिविधि है और भारत के साथ समेत दुनिया के कई मार्केट में भी बैन है. इनसाइडर ट्रेडिंग में कोई भी व्यक्ति किसी भी कंपनी को लेकर होने वाले बड़े ऐलान जैसे कि मर्जर, तिमाही रिजल्ट या फिर अधिग्रहण समेत कोई भी जरूरी इंफॉर्मेशन के बारे में अगर पहले से पता लगा लेता है या फिर उसके आधार पर शेयरों में पॉजिशन बनाकर बैठ जाता है और जैसे ही वो सूचना बाहर आती है तो उस कंपनी के शेयरों में शानदार तेजी आती है.

ऐसे में बड़े निवेशकों को काफी फायदा होता है और वो उस फायदे को उठाकर छोटे निवेशकों को बेच देते हैं जिसके बाद से शेयर में गिरावट आने लगती है. जिसके कारण निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
 


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