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अडानी ग्रुप को लगा बड़ा झटका, हाईकोर्ट के फैसले से अटक गई 6,185 करोड़ की ये डील
हाई कोर्ट ने उनके ग्रुप की एक पावर कंपनी की 73.6 करोड़ डॉलर (करीब 6,185 करोड़ रुपए) की डील को सस्पेंड कर दिया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अडानी ग्रुप को बड़ा झटका लगा है, केन्या की एक अदालत ने अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के साथ 73.6 करोड़ डॉलर (करीब 6188 करोड़ रुपये) के एक बड़े प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है. इस प्रोजेक्ट में बिजली के ट्रांसमिशन लाइन समेत दूसरे इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम था. केन्या की संस्था 'लॉ सोसाइटी ऑफ केन्या' ने इस डील को 'संविधान का मजाक' और 'गोपनीयता से भरा' बताते हुए अदालत में चुनौती दी थी. यह डील केन्या की सरकारी कंपनी KETRACO और भारत की अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस के बीच हुई थी.
क्या हुआ था सौदा?
इस सौदे के तहत अडानी एनजी सोल्यूशंस को केन्या में 30 साल तक बिजली वितरण के बुनियादी ढांचे को बनाने और चलाने का काम करना था. लेकिन, केन्याई अदालत ने फिलहाल इस सौदे पर रोक लगाते हुए कहा है कि जब तक लॉ सोसाइटी ऑफ केन्या की तरफ से दायर वाद पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता है, सरकार इस सौदे को आगे नहीं बढ़ाएगी.
सौदे से क्या आपत्ति?
लॉ सोसाइटी ऑफ केन्या का कहना है कि इस सौदे में पारदर्शिता का अभाव है. इसके अलावा इतना बड़ा सौदा जनता की राय लिए बिना ही किया जा रहा है, जबकि जनता इस सौदे की सबसे बड़ी हितधारक है. इसके साथ ही दावा किया है कि यह सौदा केन्या के पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप एक्ट 2021 का उल्लंघन करता है. कानून के तहत किसी भी सरकारी परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी को मंजूरी देने से पहले जनता की राय लेना अनिवार्य है.
सरकार का क्या है रुख?
केन्या के ऊर्जा मंत्रालय का कहना है कि इस सौदे में किसी नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है. अडानी समूह को यह काम पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के बाद लगाई गई सर्वश्रेष्ठ बोली के आधार पर दिया गया है. इसके साथ ही केन्या के ऊर्जा मंत्रालय का कहना था कि यह सौदा केन्या में बिजली की किल्लत को हमेशा के लिए दूर करने वाला है. इससे केन्या के लिए आर्थिक विकास के नए रास्ते खुलेंगे.
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