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कौन हैं Mark Kingdon जिनका Adani मामले में आया नाम, क्या है उनका China कनेक्शन?

अडानी समूह को पिछले साल आई हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के चलते भारी नुकसान हुआ था. समूह की लिस्टेड कंपनियों के शेयर आसमान से सीधे जमीं पर आ गए थे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को आए एक साल से ज्यादा का समय हो गया है, लेकिन यह अब भी चर्चा का विषय बनी हुई है. अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि रिपोर्ट किसके इशारे पर तैयार की गई. बाजार नियामक सेबी द्वारा इस मामले में हिंडनबर्ग को कारण बताओ नोटिस भेजने के बाद पूरा मामला एक बार फिर से सामने आ गया है. हिंडनबर्ग ने इस नोटिस को आधार बनाकर SEBI पर कई गंभीर आरोप लगाये हैं. साथ ही कोटक बैंक का नाम भी लिया है. वहीं, वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी इस प्रकरण को चीन से जोड़ रहे हैं. उन्होंने भी कई नामों का उल्लेख किया है. लेकिन SEBI के नोटिस से लेकर जेठमलानी के दावे तक एक नाम कॉमन है और वो है मार्क किंगडन (Mark Kingdon).

अमेरिका में हैं बड़ा नाम
मार्क किंगडन अमेरिकी बिजनेसमैन और इन्वेस्टर हैं. उन्होंने इन्वेस्टमेंट फर्म 'गडन कैपिटल मैनेजमेंट'की स्थापना 1983 में की थी. मार्क की पहचान एक अनुभवी हेज फंड मैनेजर के तौर पर की जाती है. उनकी कंपनी पोर्टफोलियो मैनेजमेंट, फाइनेंशियल प्लानिंग और इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी सर्विस प्रदान करती है.मार्क ने 1973 में पेंशन फंड एडमिनिस्ट्रेटर के रूप में अपना करियर शुरू किया था. बाद में Century Capital Associated से जुड़ गए. मार्क किंगडन ने 1983 में 2 मिलियन डॉलर की शुरुआती पूंजी के साथ किंगडन कैपिटल मैनेजमेंट की स्थापना की. 2007 तक यह फर्म 5.9 अरब डॉलर का हेज फंड बन गई. 

क्या हैं मार्क पर आरोप?
बाजार नियामक सेबी ने अपने कारण बताओ नोटिस में मार्क का जिक्र किया है. नोटिस के अनुसार, मार्क किंगडन और हिंडनबर्ग में एक डील हुई थी. इस डील के तहत अडानी के शेयरों को शॉर्ट करने से होने वाले प्रॉफिट में से 30%  हिस्सेदारी हिंडनबर्ग को मिलनी थी. हालांकि, बाद में इसे 25 प्रतिशत कर लिया गया था. सेबी का आरोप है कि मार्क किंगडन ने भारतीय शेयर बाजार में ट्रेडिंग के लिए के इंडियन ऑपर्च्युनिटीज फंड नाम से एक फंड बनाया. इस फंड ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट के प्रकाशित होने से पांच दिन पहले यानी 10 जनवरी, 2023 से 20 जनवरी, 2023 के बीच अडानी समूह के शेयरों में शॉर्ट पोजीशन हासिल की. 

कौन हैं Anla Cheng?
SEBI का कहना है कि मार्क किंगडन ने दिसंबर के अंत तक फंड के शेयरों में निवेश करना शुरू कर दिया था और जनवरी में अडानी एंटरप्राइजेज में शॉर्ट पोजीशन बनाने के लिए दो किस्तों में 43 मिलियन डॉलर ट्रांसफर किए थे. इस मामले में मार्क की पत्नी Anla Cheng का नाम भी सामने आया है. दरअसल, Anla मूलरूप से चीनी नागरिक हैं. वह चीन में पैदा हुईं और पालन-पोषण जापान में हुआ. वह पिछले 20 सालों से चीन में निवेश कर रही हैं. मार्क की पत्नी KCY Family Office LLC की फाउंडर भी हैं. उन्होंने Goldman Sachs से अपने करियर की शुरुआत की थी और बाद में सिटीग्रुप से जुड़ गईं.

चीन से क्या रिश्ता?
अडानी मामले में नाम आने से पहले Anla Cheng 2016 में तब सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने SupChina की शुरुआत की थी. यह एक बिज़नेस, डिजिटल न्यूज़ एवं इवेंट प्लेटफ़ॉर्म है. SupChina एक तरह से पश्चिमी देशों में चीन का प्रमोशन करने वाली कंपनी है. Anla को 
अमेरिका में चीन के हितों के काम करने वाली बेहद असरदार लॉबीस्ट माना जाता है. अमेरिका में भी यह आरोप लगते रहे हैं कि SupChina चीनी सरकार के इशारे पर काम करती है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि अडानी-हिंडन बर्ग मामले में चीन की भूमिका हो सकती है. महेश जेठमलानी ने सीधे तौर पर कहा है कि SEBI को चीनी एंगल की जांच करनी चाहिए. 

पड़ोसी के हित प्रभावित
जेठमलानी इससे पहले भी कह चुके हैं कि अडानी समूह को कमज़ोर करने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसने अपनी काबिलियत के दम पर दुनियाभर में पहुंच बनाने के चीनी मंसूबे को नाकाम किया है. दरअसल, अडानी समूह ने चीनी हितों को नुकसान पहुंचाया है. चीन श्रीलंका में जाफ़ना के पास कोयला प्रोजेक्ट हासिल करना चाहता था, लेकिन ये कॉन्ट्रैक्ट अडानी समूह ने जीत लिया. इसी तरह, अडानी ने इजरायल में बंदरगाह प्रोजेक्ट को भी चीन से छीन लाए थे. जेठमलानी का दावा है कि एनला चैंग ने ही अपने पति मार्क किंगडन के साथ मिलकर अडानी समूह पर एक रिसर्च रिपोर्ट के लिए हिंडनबर्ग को काम पर रखा था. जबकि अडानी के शेयरों को बेचने के लिए ट्रेडिंग अकाउंट की सुविधा के लिए कोटक बैंक की सेवाएं ली गई थीं.


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