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यूरोपीय संघ का बड़ा कदम, स्टील और एल्युमिनियम उत्पादों पर CBAM का दायरा बढ़ाने की तैयारी

यूरोपीय संसद के भीतर पेश एक ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार, CBAM के तहत स्टील और एल्युमिनियम आधारित करीब 180 अतिरिक्त उत्पादों को शामिल किया जा सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago

यूरोपीय संघ (European Union) अपने कार्बन प्राइसिंग ढांचे को और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. प्रस्ताव है कि आयातित स्टील और एल्युमिनियम से जुड़े उत्पादों पर कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) का दायरा बढ़ाया जाए, जिससे वैश्विक निर्यातकों पर बड़ा असर पड़ सकता है.

दायरे में आएंगे और अधिक उत्पाद

यूरोपीय संसद (European Parliament) के भीतर पेश एक ड्राफ्ट प्रस्ताव के अनुसार, CBAM के तहत स्टील और एल्युमिनियम आधारित करीब 180 अतिरिक्त उत्पादों को शामिल किया जा सकता है. यह बदलाव 1 जनवरी 2028 से लागू होने की सिफारिश के साथ सामने आया है. यह कदम मौजूदा व्यवस्था से आगे बढ़कर सिर्फ कच्चे माल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रोसेस्ड और मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों को भी अपने दायरे में ले आएगा.

उद्योगों पर बढ़ेगा दबाव

European Parliament Committee on the Environment, Climate and Food Safety की रिपोर्ट के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो कई औद्योगिक सेक्टरों पर कार्बन आधारित शुल्क का प्रभाव और गहरा होगा. इसका मतलब यह है कि अब केवल बेस मेटल ही नहीं, बल्कि वैल्यू-ऐडेड उत्पादों के निर्यातकों को भी यूरोपीय बाजार में प्रवेश के लिए अतिरिक्त नियमों और लागत का सामना करना पड़ सकता है.

भारत सहित कई देशों की चिंता

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत चल रही है. इन वार्ताओं में CBAM एक विवादित मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि यह जलवायु आधारित कर प्रणाली व्यापार प्रतिस्पर्धा और बाजार पहुंच को प्रभावित कर सकती है.

क्या है CBAM

कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) एक ऐसी व्यवस्था है, जिसके तहत आयातित उत्पादों पर उनके उत्पादन के दौरान हुए कार्बन उत्सर्जन के आधार पर शुल्क लगाया जाता है. इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी उत्पादक भी वही पर्यावरण मानक अपनाएं, जो यूरोपीय संघ अपने घरेलू उद्योगों पर लागू करता है.

2030 तक और बढ़ सकता है दायरा

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (Global Trade Research Initiative) ने चेतावनी दी है कि यदि CBAM का दायरा इसी तरह बढ़ता रहा, तो 2030 तक यूरोपीय संघ में जाने वाले अधिकांश औद्योगिक उत्पाद इस कार्बन टैक्स के दायरे में आ सकते हैं. ऐसे में निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए अपनी उत्पादन तकनीक और कीमतों में बदलाव करना पड़ सकता है.

व्यापार पर दूरगामी असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैश्विक व्यापार के नियमों को नया आकार दे सकता है. बढ़ते पर्यावरणीय मानकों के बीच कंपनियों को न केवल लागत बल्कि रणनीति के स्तर पर भी बदलाव करने होंगे. यूरोपीय संघ का यह प्रस्ताव आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और उद्योग जगत के लिए एक बड़ा निर्णायक कारक बन सकता है.
 


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