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डिविडेंड से ही आपकी जेब भर देगी ये कंपनी, घोषणा सुनकर खिल जाएगा चेहरा! 

शेयर बाजार में लिस्टेड एक दिग्गज कंपनी ने डिविडेंड का ऐलान किया है. कंपनी प्रति शेयर 600 रुपए से ज्यादा का डिविडेंड देने वाली है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

डिविडेंड एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनते ही शेयर बाजार में निवेश करने वालों के चेहरे खिल जाते हैं. क्योंकि डिविडेंड का सीधा मतलब होता है एक्स्ट्रा कमाई. बड़े निवेशक डिविडेंड से ही लाखों की कमाई कर लेते हैं. बाजार में लिस्टेड एक कंपनी शानदार डिविडेंड का ऐलान किया है. यदि आपके पास भी इस कंपनी के शेयर हैं और आप उन्हें रिकॉर्ड डेट तक पोर्टफोलियो में शामिल रखते हैं, तो समझिये आपकी जेब भारी होने वाली है.  

ऐसे मिलेगा डिविडेंड
दिग्गज कंपनी 3M India आपको अतिरिक्त कमाई का मौका देने जा रही है. 3M एक अमेरिकी कंपनी है, जिसकी भारतीय इकाई  3M इंडिया हमारे शेयर बाजार में लिस्टेड है. अब कंपनी ने डिविडेंड क ऐलान किया है.कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए 160 रुपए का फाइनल डिविडेंड दे रही है. इसके अलावा उसने 28 मई को 525 रुपए के स्पेशल डिविडेंड का भी ऐलान किया था. यानी कि हर शेयर पर निवेशकों को 625 रुपए का डिविडेंड मिलने वाला है. 3M India ने इन दोनों ही डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 5 जुलाई फिक्स की है. 

पहले भी किया था खुश 
शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद डिविडेंड को एक महीने के भीतर निवेशकों के खाते में क्रेडिट कर दिया जाएगा. 3M इंडिया पहले भी डिविडेंड से अपने निवेशकों के चेहरे खिलाती रही है. पिछले साल कंपनी ने हर शेयर पर 100 रुपए का फाइनल डिविडेंड और 2022 में 850 रुपए का स्पेशल डिविडेंड दिया था. हालांकि, कंपनी ने अभी तक बोनस शेयर नहीं दिया है और न ही अपने स्टॉक को स्प्लिट किया है. कंपनी के एक शेयर की कीमत 39,450.05 रुपए है. अधिकांश कंपनियां स्टॉक की वैल्यू बढ़ने पर उसे स्प्लिट कर देती हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेशक उस तक पहुंच बना सकें. 3M के शेयर पिछले एक साल में 44.90% का रिटर्न दे चुके हैं. 

क्या होता है डिविडेंड? 
चलिए अब यह भी जान लेते हैं कि आखिर डिविडेंड होता है. हर कंपनी मुनाफा कमाने के लिए काम करती है. कई कंपनियां अपने मुनाफे में अपने शेयरहोल्डर्स को भी हिस्सेदार मानती हैं, ऐसे में जब कोई कंपनी साल भर में कमाए गए अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयरहोल्डर्स में बांटती है, तो उसे ही डिविडेंड कहते हैं. हालांकि कई बार ऐसे भी होता है कि कंपनियां मुनाफे के बजाय सरप्लस कैश से भी शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड बांटती हैं.

क्या हर कंपनी देती है डिविडेंड?
कंपनियों के लिए डिविडेंड देना जरूरी नहीं होता, क्योंकि इससे कंपनियों को कुछ हासिल नहीं होता, सिवाय शेयरहोल्डर्स की खुशी और भरोसे के. इसलिए कंपनी चाहे तो वो अपने मुनाफे में से एक भी पैसा शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड के रूप में न दे. अक्सर देखा गया है कि छोटी-छोटी कंपनियां या जिन्होंने अभी-अभी अपना काम शुरू किया है वो कंपनियां डिविडेंड नहीं देतीं. क्योंकि वो अपने मुनाफे को शेयरहोल्डर्स में बांटने के बजाए वापस बिजनेस के विस्तार और ग्रोथ में लगा देती हैं. जो कंपनियां डिविडेंड देती हैं वो आमतौर पर पूरी तरह से स्थापित और बड़ी कंपनियां होती हैं, लेकिन हर बड़ी कंपनी डिविडेंड दे ये भी जरूरी नहीं.

क्या है इसकी पूरी प्रक्रिया?
कंपनी द्वारा जो भी डिविडेंड जारी किया जाता है, वो फेस वैल्यू पर होता है. फेस वैल्यू किसी भी शेयर की एक नॉमिनल वैल्यू होती है, जो कुछ खास मौकों को छोड़कर कभी नहीं बदलती. ऐसा नहीं है कि डिविडेंड हर निवेशक को मिलता है. यदि आप कंपनी के डिविडेंड के ऐलान के बाद यह सोचकर शेयर खरीद लेते हैं कि आपको डिविडेंड मिलेगा, तो ऐसा नहीं है. एक निर्धारित अवधि से पहले के शेयरहोल्डर्स को ही कंपनी डिविडेंड देती है. कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स के नामों की लिस्ट देखती है और उनमें उन नामों को छांटकर अलग करती है जो डिविडेंड के पात्र हैं, इस दिन को रिकॉर्ड डेट कहते हैं. कंपनी इस दिन ये बताती है कि वो कितने परसेंट का डिविडेंड देने वाली है.  

आपको क्या होता है फायदा?
कंपनियां डिविडेंड को वित्त वर्ष के दौरान कभी भी दे सकती हैं. यदि डिविडेंड साल के बीच में दिया जाता है, तो उसे अंतरिम डिविडेंड कहते हैं और अगर साल के अंत में दिया गया तो फाइनल डिविडेंड कहा जाता है. चलिए अब सबसे महत्वपूर्ण बात भी समझ लेते हैं कि डिविडेंड से आम निवेशक को क्या फायदा होता है. दरअसल, डिविडेंड एक तरह का रिटर्न गिफ्ट है. सीधे शब्दों में कहें तो कंपनी आपको उस पर भरोसा दर्शाने के लिए डिविडेंड के रूप में कुछ पैसा देती है. अब ये पैसा कितना होगा, यह आपके पास मौजूद शेयर्स की संख्या पर निर्भर करता है. उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास किसी कंपनी ने 500 शेयर्स हैं और वह कंपनी 10 रुपए प्रति शेयर का डिविडेंड का ऐलान करती है, तो आपको 500 शेयर्स पर कुल 5000 का डिविडेंड मिलेगा. यानी शेयर के भाव चढ़ने से आपको जो फायदा हुआ, उसके अलावा आपकी 5000 रुपए की अतिरिक्त कमाई हो गई. इसलिए डिविडेंड के नाम सुनते ही निवेशकों के चेहरे पर चमक आ जाती है.

कैसे चेक करें डिविडेंड का पैसा?
किसी कंपनी द्वारा डिविडेंड की घोषणा करने के बाद आपके पास जितने शेयर्स होते हैं, उसी के हिसाब से आपको डिविडेंड मिलता है. डिविडेंट का पैसा सीधे आपके उस बैंक अकाउंट में आता है, जो आपके डिमैट खाते से लिंक होता है. शेयर बाजार में निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है. खाता खुलवाते समय आपको बैंक अकाउंट का विवरण देना होता है. आप जो बैंक अकाउंट डिमैट खाते से लिंक करते हैं, उसी में डिविडेंड का पैसा आता है. लिहाजा, डिविडेंड पे आउट डेट के बाद आप बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट चेक कर सकते हैं. 


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