✕

होम / BW क्लास / क्या होता है DVR स्टॉक, जिस पर Tata Motors ने लिया ये फैसला?

क्या होता है DVR स्टॉक, जिस पर Tata Motors ने लिया ये फैसला?

टाटा मोटर्स ने ऐलान किया है कि उसके DVR शेयरों को साधारण शेयरों में तब्दील किया जाएगा. इस प्रक्रिया में 12 से 15 महीने का समय लग सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

टाटा मोटर्स (Tata Motors) ने अपने डिफरेंशियल वेटिंग राइट्स (DVRs) शेयरों को रद्द करने का ऐलान किया है. कंपनी का कहना है कि टाटा मोटर्स DVR शेयरों को साधारण शेयरों में तब्दील करेगी. इसके तहत शेयरधारकों को हर 10 DVR शेयरों के बदले टाटा मोटर्स के 7 ऑ शेयर मिलेंगे. इस ऐलान के बाद से टाटा मोटर्स के शेयर तेजी से भाग रहे हैं. आज यानी बुधवार को यह बढ़त के साथ 641.30 रुपए पर कारोबार कर रहा था. वहीं, टाटा मोटर्स DVR के शेयरों में भी 18 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. 

वोटिंग राइट का चक्कर
टाटा मोटर्स की बोर्ड की बैठक में DVRs को सामान्य शेयरों में बदलने के प्रस्ताव पर मुहर लगी है. ऐसे में यह सवाल लाजमी हो जाता है कि आखिर  डीवीआर शेयर होते क्या हैं? DVR का मतलब होता है Differential Voting Rights है. इसके तहत कंपनियां अपने निवेशकों को साधारण शेयरों की तुलना में कम वोटिंग अधिकार के साथ शेयर जारी करती हैं. DVR शेयर पर वोट कितने होंगे, ये कंपनी पर निर्भर करता है. DVRs के वोटिंग राइट्स भले ही कम होते हैं, लेकिन इन्हें 5 प्रतिशत ज्यादा डिविडेंड पाने का अधिकार होता है.

2008 में की थी शुरुआत 
कंपनियां इसे अपने वोटिंग अधिकार को कम बांटने के लिए DVRs का प्रयोग करती हैं. टाटा मोटर्स ने पहली बार ये शेयर 2008 में जारी किए थे. इसके बाद कंपनी ने 2010 में QIP और फिर 2015 में राइट्स इश्यू के जरिये भी DVRs जारी किए थे. माना जा रहा है कि DVRs को सामान्य शेयरों में बदलने की प्रक्रिया में करीब 12-15 महीनों का समय लग सकता है. अब जब राइट्स इश्यू का जिक्र हो गया है, तो यह भी जान लेते हैं कि आखिर ये क्या होते हैं और इससे क्या फायदा होता है.

क्या होता है राइट्स इश्यू? 
राइट्स इश्यू एक प्रक्रिया है जिसे शेयर बाजार में पहले से लिस्टेड कंपनियां धन संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अमल में लाती हैं. इसके तहत कंपनियां केवल अपने मौजूदा शेयरधारकों को ही अतिरिक्त शेयर खरीदने का मौका देती हैं. शेयरधारक कंपनी की ओर से निर्धारित अवधि में डिस्काउंट पर राइट्स इश्यू के तहत शेयर खरीद सकते हैं. इस प्रक्रिया से प्राप्त धन का इस्तेमाल कंपनियां अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करती हैं. 

किसे मिलता है फायदा? 
राइट्स इश्यू के तहत एक निश्चित अनुपात में ही शेयर खरीदे जा सकते हैं और यह अनुपात कंपनी तय करती है. उदाहरण के तौर पर एक कंपनी ने राइट्स इश्यू के लिए 1:3 का अनुपात तय किया है. इसका मतलब है कि शेयरधारक अपने पास पहले से मौजूद 3 शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर खरीद सकता है. राइट्स इश्यू कंपनी और शेयरधारक दोनों के लिए फायदे का सौदा होते हैं. कंपनी को जहां अतिरिक्त पैसा मिलता है. उसका इक्विटी बेस बढ़ता है और स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयरों की लिक्विडिटी बढ़ जाती है. वहीं, शेयरधारकों को वर्तमान कीमत से कम में कंपनी के शेयर मिल जाते हैं. 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

क्या है Digital Arrest जिसको लेकर PM Modi ने जताई चिंता, कैसे इससे बचा जा सकता है?

ऑनलाइन फ्रॉड के खतरे के बीच आजकल डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं जिसमें लोग मिनटों में अपनी जीवन की जमा-पूंजी गंवा दे रहे हैं.

28-October-2024

क्या है BRICS करेंसी जिसको बताया जा रहा डॉलर का विकल्प, ऐसा हुआ तो क्या होगा बदलाव?

दुनिया की इन 3 महाशक्तियों के अलावा ब्रिक्‍स समूह में शामिल 7 अन्‍य देशों ने आपसी व्‍यापार में स्‍थानीय मुद्रा के इस्‍तेमाल पर सहमति जताई.

25-October-2024

BW Class: क्या होता है फ्रंट रनिंग, जिसके फेर में फंस गईं फिर कुछ कंपनियां?

फ्रंट रनिंग घोटाले में तीन कंपनियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है. इन कंपनियों के नाम आदित्य बिड़ला सन लाइफ AMC, फर्स्टक्राई और PNB हाउसिंग फाइनेंस हैं.

09-September-2024

BW Class: आखिर क्या होता है FPO और IPO? दोनों में क्या है अंतर? यहां जानें सब कुछ

क्या आप जानते हैं कि FPO और IPO क्या होता है और कोई कंपनी इसे क्यों लेकर आती है? साथ ही, FPO और इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में फर्क क्या है? आइए आज इसी को समझते हैं.

13-April-2024

BW Class: UPI जानते हैं, PPI के बारे में पता है कुछ. इसका कैसे होता है इस्‍तेमाल?

RBI द्वारा थर्ड-पार्टी यूपीआई ऐप्स को पीपीआई से लिंक करने का प्रस्ताव दिया गया है. यूपीआई ट्रांजैक्शन के बारे में तो सब जानते लेकिन PPI के बारे में काफी कम लोगों को जानकारी होती है.

06-April-2024


बड़ी खबरें

रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन ने पकड़ी रफ्तार, 12 साल में तीन गुना बढ़ा आंकड़ा; 99.7% नेटवर्क हुआ इलेक्ट्रिक

आंकड़ों के मुताबिक, 1950 तक देश के केवल 0.7 फीसदी रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण हुआ था. 1961 में यह आंकड़ा 1.3 फीसदी और 2001 तक 23.6 फीसदी पहुंचा. इसके बाद भी रफ्तार सीमित रही, लेकिन 2014 के बाद इलेक्ट्रिफिकेशन के काम में तेजी आई.

2 hours ago

सचिन तेंदुलकर ने गेमिंग कंपनी मेटास्पोर्ट्स इंटरएक्टिव में किया निवेश, 3 साल में 10 करोड़ डाउनलोड का लक्ष्य

कंपनी का लोकप्रिय क्रिकेट गेम 'हिटविकेट' अब तक 120 देशों में 2 करोड़ से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच चुका है.

1 hour ago

डेटा सेंटर कारोबार पर अडानी ग्रुप का बड़ा दांव, 1.5 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज जुटाने की तैयारी

गौतम अडानी के नेतृत्व वाला अडानी ग्रुप अब ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के पारंपरिक कारोबार से आगे बढ़कर डिजिटल क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत करने पर जोर दे रहा है. प्रस्तावित फंडिंग इसी रणनीति का हिस्सा है.

4 hours ago

डिज्नी में फिर होगी छंटनी! खर्च में 20% तक कटौती की तैयारी, हजारों कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी

डिज्नी पिछले कई वर्षों से लागत घटाने और कारोबार के पुनर्गठन की प्रक्रिया में जुटी है. इस दौरान कंपनी हजारों कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है और अरबों डॉलर के खर्च में कटौती की है.

4 hours ago

NTT DATA मंगलुरु में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाकर 2027 तक 2,500 करेगी, AI और क्लाउड पर रहेगा फोकस

कंपनी ने बताया कि विस्तार के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग और डेटा के क्षेत्र में विशेष क्षमताएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज, हाईटेक, ऑटोमोटिव और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा.

5 hours ago