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क्या है ‘Deepfake’ जिसका शिकार हुईं Rashmika Mandanna? इस तरह पहचानें फेक वीडियो!

दुनिया काफी तेजी से डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रही है लेकिन साथ ही टेक्नोलॉजी के गलत इस्तेमाल के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हो रही है.

पवन कुमार मिश्रा 2 years ago

अभिनेत्री रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) फिलहाल सुर्खियों का हिस्सा बनी हुई हैं. दरअसल हाल ही में रश्मिका एक ‘डीप-फेक’ (Deepfake) वीडियो का शिकार हुई हैं और उनकी वीडियो के वायरल होने के बाद से ही इस वीडियो को बनाने वाले पर कानूनी कार्यवाही की मांग ने रफ्तार पकड़ ली है. 

Rashmika Mandanna हुईं Deepfake का शिकार?
इस वीडियो में रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) को एलीवेटर में प्रवेश करते हुए देखा जा सकता है. असल में यह वीडियो भारतीय मूल की ब्रिटिश लड़की जारा पटेल की है और उनके चहरे की जगह रश्मिका मंदाना का चेहरा लगाकर उसका इस्तेमाल किया गया है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद से ही इन्टरनेट पर कंट्रोवर्सी काफी ज्यादा बढ़ गई है. इस वीडियो के जवाब में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं टेक्नोलॉजी मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा है कि ‘डीप-फेक’ (Deepfake) वीडियो बहुत ही आधुनिक हैं एवं ये बेहद खतरनाक होती हैं. 

क्या है Deepfake?
दुनिया काफी तेजी से आधुनिकता और डिजिटलाइजेशन की तरफ बढ़ रही है लेकिन टेक्नोलॉजी के बेहतर होने के साथ-साथ इसके गलत जगह इस्तेमाल होने के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हो रही है. इसी कड़ी में सबसे आधुनिक तरीका डीप-फेक (Deepfake) हैं. आइये समझते हैं कि आखिर डीप-फेक होता क्या है और एक फेक वीडियो की पहचान आप किस तरह से कर सकते हैं? डीप-फेक की प्रक्रिया में 'डीप जनरेटिव तरीकों का इस्तेमाल करके' आपके चहरे की दिखावटी बनावट में बदलाव किया जाता है और एक इंसान का चहरा दूसरे इंसान से बदला जाता है. हालांकि फेक वीडियो नए बिलकुल नहीं हैं, लेकिन ताकतवर जनरेटिव उपकरणों का इस्तेमाल करके चहरे को इस तरह से बदल देना कि असल और नकली में फर्क ही न पता चले यह नया है और यह ‘डीप-फेक’ की ताकत के बारे में हमें बताता है. 

कैसे पहचानें फेक वीडियोज?
डीप-फेक (Deepfake) में मशीन लर्निंग (Machine Learning) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे ताकतवर उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है और इन्हीं उपकरणों की मदद से विडियो को पहचानना बेहद मुश्किल हो जाता है क्योंकि यह हकीकत के बेहद करीब नजर आती हैं. आइये समझते हैं कि एक फेक वीडियो को किस तरह से समझा जा सकता है? 

चेहरे को गौर से देखें और रंग एवं लाइटिंग के फर्क को समझें: जब भी किसी इंसान का चेहरा किसी दूसरे इंसान से बदला जा सकता है तो उसके चेहरे को थोड़ा ज्यादा ही हाईलाइट किया जाता है जिसकी वजह से कभी चेहरे का रंग तो कभी चेहरे की लाइटिंग वीडियो के अन्य हिस्सों के मुकाबले ज्यादा या कम होती है. ‘डीप-फेक’ (Deepfake) वीडियोज में बिलकुल परफेक्ट लाइटिंग और रंग नहीं होता और यहां से भी आप फेक वीडियो को पहचान सकते हैं. 

आंखों की मूवमेंट पर करें गौर: डीपफेक वीडियोज में एक अन्य चीज जिसकी वजह से इन विडियोज की पहचान की जा सकती है, वह है आंखों की मूवमेंट. जब भी किसी व्यक्ति की फेक वीडियो बनाई जाती है तो उसमें दूसरे व्यक्ति का चेहरा उठाने पर उसकी आंखों की मूवमेंट काफी अलग नजर आती है और अगर आप गौर से आंखों की मूवमेंट देखें तो आप फेक वीडियो की पहचान कर सकते हैं. 

ऑडियो की तुलना करें: वीडियो के अलग अलग हिस्सों में जिस व्यक्ति की वीडियो फेक की गई है उसकी आवाज भी वीडियो के अलग-अलग हिस्सों में आवाज अलग-अलग होती है. डीप-फेक वीडियोज में अक्सर AI से बनाई गई आवाज का इस्तेमाल किया जाता है और इस आवाज में बहुत सी खामियां होती हैं जिन्हें ध्यान देने पर पकड़ा जा सकता है और आप पहचान सकते हैं कि वीडियो फेक है. 

फेशियल फीचर्स पर दें ध्यान: फेक वीडियो में अक्सर चेहरे के फीचर्स और उनके भाव बदलते रहते हैं. उदाहरण के लिए अगर आप फेक वीडियो को ध्यान से देखें तो हो सकता है किसी हंसी वाली बात पर चेहरे पर कोई भाव ही न आये और ऐसे ही भौंहे और आंखें भी अलग-अलग क्षणों में अलग अलग बातों के भाव पर सही नहीं बैठती. अगर आप वीडियो को थोड़ा ध्यान से देखें तो आप इस चीज को पकड़ सकते हैं और पहचान सकते हैं कि वीडियो फेक है. 
 

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