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बिजली संकट के बावजूद यूपी में पूरे देश के एक चौथाई ई-वाहन, यह है बड़ा कारण
पूरे देश में जितने ई-वाहन चल रहे हैं, उनकी कुल संख्या की एक-चौथाई हिस्सेदारी यूपी के पास है, बावजूद इसके कि यहां पर गर्मी के मौसम में बिजली की स्थिति काफी खराब हो जाती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः उत्तर भारत के कई राज्यों में बिजली का घोर संकट रहने के बावजूद यहां पर ई-वाहन (इलेक्ट्रीकल व्हीकल) की संख्या सबसे ज्यादा है. पूरे देश में जितने ई-वाहन चल रहे हैं, उनकी कुल संख्या की एक-चौथाई हिस्सेदारी यूपी के पास है, बावजूद इसके कि यहां पर गर्मी के मौसम में बिजली की स्थिति काफी खराब हो जाती है. दूसरे नंबर पर दिल्ली और तीसरे पायदान पर कर्नाटक है. पूरे देश में सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक कुल 13 लाख ई-वाहन देश की सड़कों पर दौड़ रहे हैं.
राज्यवार इतने हैं ई-वाहन
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और बिहार में ई-वाहनों की संख्या जोड़ ली जाए, तो यह देश में मौजूद कुल ई-वाहनों की लगभग आधी होती है. वहीं, दक्षिणी राज्यों की बात की जाए, तो केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में वाहनों की संख्या बेहद कम है. उत्तर प्रदेश में 337180 इलेक्ट्रिक वाहन इस वक्त सड़कों पर दौड़ रहे हैं. जबकि पूरे देश में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते हैं. दिल्ली में इस वक्त 156393 इलेक्ट्रिक वाहन हैं. देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या के लिहाज से तीसरे नंबर पर कर्नाटक है जहां 120000 इलेक्ट्रिक वाहन हैं जबकि पूरे देश में चौथे नंबर पर महाराष्ट्र का नंबर आता है. महाराष्ट्र में इस वक्त 116645 इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर चल रहे हैं. जबकि पांचवे नंबर पर बिहार में 83333 इलेक्ट्रिक वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं.
पेट्रोल-डीजल व सीएनजी की कीमतों ने लोगों को किया मजबूर
पेट्रोल-डीजल और सीएनजी की कीमतों में लगी आग ने लोगों को ई-वाहन खरीदने के लिए आकर्षित किया है. उत्तरी राज्यों में घोर बिजली संकट के बावजूद गांव व छोटे कस्बों में लोग ई-वाहन खरीद रहे हैं. बैटरी चार्ज करने के बाद लोग इनको आसानी से चला रहे हैं और प्रति किलोमीटर का खर्चा भी काफी कम है. बैटरी को चार्ज करने में भी पेट्रोल-डीजल से काफी कम खर्चा आता है. ऐसे में इन राज्यों में लोग ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन खरीद रहे हैं ताकि महंगाई से निजात पा सकें और रखरखाव का खर्च भी कम हो. यूपी की एक बड़ी आबादी अब आने-जाने के लिए भी ऑटो के बजाए ई-रिक्शा की सवारी करना ज्यादा पसंद कर रही है. वहीं अब गांवों से लेकर के बड़े शहरों में नागरिक यातायात के लिए ई-रिक्शा का प्रयोग बहुत बढ़ गया है. ऐसे में अब सड़कों पर इनकी वजह से जाम भी ज्यादा लगने लगा है.
देश में खुल रहे हैं चार्जिंग स्टेशन
लंबी दूरी की यात्रा के लिए सरकार चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण भी हाईवे और एक्सप्रेसवे पर कर रही है. मंत्रालय ने 520 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों को स्वीकृति दे दी है। जिसमें आठ जुलाई तक 479 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं. इसमें दिल्ली में 94, चंडीगढ़ में 48, राजस्थान में 49, कर्नाटक में 65 चार्जिंग स्टेशन शामिल हैं. इसी तरह इस योजना के तहत दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग पर 24 चार्जिंग स्टेशन, मुंबई- पुणे पर 17, दिल्ली-जयपुर-आगरा हाईवे पर 71 और जयपुर-दिल्ली राजमार्ग पर 9 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए गए हैं. देश में सबसे ज्यादा चार्जिंग स्टेशन दिल्ली से लखनऊ के बीच स्थापित किए जाएंगे.
योजना के तहत यमुना एक्सप्रेस-वे पर 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि आगरा से लखनऊ के बीच में 40 चार्जिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं. इसके अलावा मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर भी चार्जिंग स्टेशन लगाने की अनुमति मिली है. अहमदाबाद वडोदरा के बीच में 10, बेंगलुरु और मैसूर एक्सप्रेस वे पर 14, बेंगलुरु से चेन्नई के बीच 30, सूरत से मुंबई के बीच 30 और ईस्टर्न पैरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर भी चार्जिंग स्टेशन शुरू किए जाएंगे.
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