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5000 इलेक्ट्रिक बसों के टेंडर के लिए आगे आई केवल एक कंपनी, जानें क्या है माजरा

मोदी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है. इसी के तहत अगले कुछ सालों में करीब 50,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाना चाहती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

आमतौर पर जब सरकार कोई टेंडर निकालती है, तो बोली लगाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती है. हर कंपनी चाहती है कि टेंडर उसकी झोली में गिरे, लेकिन इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई से जुड़े एक मामले में अलग ही नजारा देखने को मिला. 5000 इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई के भारी-भरकम कॉन्ट्रैक्ट को लेने में टाटा मोटर्स जैसी दिग्गज कंपनियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई. केवल एक ही कंपनी इसके लिए आगे आई है. 

इन कंपनियों ने बनाई दूरी
मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि टाटा मोटर्स, JBM ऑटो और PMI इलेक्ट्रो सहित बस बनाने वाली बड़ी कंपनियों ने इस गवर्नमेंट कॉन्ट्रैक्ट के लिए बोली नहीं लगाई है. अब चलिए यह भी जान लेते हैं कि आखिर इतने बड़े कॉन्ट्रैक्ट को अपना बनाने में इन कंपनियों ने दिलचस्पी क्यों नहीं दिखाई? दरअसल, कंपनियों को वक्त पर भुगतान न होने की चिंता सता रही थी, इसलिए उन्होंने खुद को इस कॉन्ट्रैक्ट से दूर रखा. रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया है कि कुछ कंपनियों ने टेंडर डॉक्यूमेंट्स के नए लेबर क्लॉजेज के कारण टेंडर के लिए बोली नहीं लगाई.

मोदी सरकार की बड़ी योजना
मोदी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रही है. इसी के तहत अगले कुछ सालों में करीब 50,000 इलेक्ट्रिक बसें चलाना चाहती है, इसकी अनुमानित लागत करीब 12 बिलियन डॉलर होगी. ऐसा करने के लिए, केंद्र राज्य सरकारों की मांग के हिसाब से अलग-अलग चरणों में टेंडर जारी कर रहा है.11000 इलेक्ट्रिक बसों के शुरुआती 2 टेंडरों में कई कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई थी. जिसमें टाटा मोटर्स, JBM ऑटो, Ashok Leyland, PMI इलेक्ट्रो और ओलेक्ट्रा ग्रीनटेक जैसे बड़े नाम भी शामिल थे. लेकिन इसके बाद उन्होंने इससे दूरी बना ली.

केवल यह कंपनी आई आगे 
बताया जा रहा है कि राज्यों द्वारा संचालित ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशंस की तरफ से पहले बस मेकर्स को पेमेंट्स में देरी की गई थी, जिसके चलते इन कंपनियों को अपना पैसा फंसने का अंदेशा है, इसलिए उन्होंने इससे दूरी बना ली. 4675 इलेक्ट्रिक बसों की सप्लाई के लिए तीसरा टेंडर जनवरी में खुला था और इस हफ्ते बंद भी हो गया, मगर इसके लिए केवल एक कंपनी ने बोली लगाई. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 4675 बसों की सप्लाई को केवल इंडियन इलेक्ट्रिक व्हीकल स्टार्टअप-Eka मोबिलिटी के मालिकाना हक वाली कंपनी पिनकल इंडस्ट्रीज आगे आई है.
 


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