Maruti Suzuki ने 20 साल पहले बताया था गलत माइलेज, भरना पड़ा हर्जाना!

कार का संभावित खरीदार गाड़ी की माइलेज के बारे में जानने का अधिकारी होता है, क्योंकि यह गाड़ी का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष होता है.

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Saturday, 27 January, 2024
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भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) को लेकर इस वक्त एक काफी दिलचस्प खबर सामने आ रही है. माना जा रहा है कि हाल ही में NCDRC (राष्ट्रीय कंज्यूमर विवाद निवारण कमीशन) द्वारा कंपनी को निर्देश दिया गया है कि वह कस्टमर को 1 लाख रुपए का भुगतान करे. कस्टमर को गलत जानकारी प्रदान करने की वजह से कंपनी को यह भुगतान करना पड़ रहा है. आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है?

क्या है पूरा मामला?
दरअसल कंपनी द्वारा एक कस्टमर को उसकी गाड़ी की माइलेज के संबंध में गलत जानकारी दी गई थी और इसीलिए अब कंपनी को ये हर्जाना भर पड़ रहा है. पिछले हफ्ते फैसला सुनाते हुए डॉक्टर इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता वाली NCDRC बेंच ने कहा था कि आमतौर पर कार का संभावित खरीदार गाड़ी की माइलेज के बारे में जानने का अधिकारी होता क्योंकि यह गाड़ी का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष होता है और एक ही सेगमेंट में मौजूद विभिन्न ब्रैंड्स की कारों की क्षमता की तुलना करने के लिए यह एक आवश्यक कारक हो सकता है. इसके साथ ही बेंच ने बताया कि 20 अक्टूबर 2004 को प्रकाशित हुए एक विज्ञापन को हमने बेहद ध्यान से देखा है और इस विज्ञापन के आधार पर कहा जा सकता है कि यह एक भ्रामक विज्ञापन हो सकता है. ऐसे विज्ञापन को प्रकाशित करना डीलर और कार निर्माता कंपनी की ओर से व्यापार के गलत अभ्यासों को दिखाता है. 

राजीव को मिले 1 लाख रुपए
यह शिकायत राजीव शर्मा के द्वारा दर्ज करवायी गई थी. उन्होने 2004 में यह कार खरीदी थी और विज्ञापन के अनुसार गाड़ी 16-18 किलोमीटर प्रतिलीटर की माइलेज प्रदान कर रही थी. गाड़ी खरीदने के बाद राजीव को पता चला कि गाड़ी की असल माइलेज लगभग 10.2 किलोमीटर प्रतिलीटर है. ठगा हुआ महसूस करते हुए राजीव जिला कंज्यूमर विवाद निवारण फोरम पहुंचते हैं और गाड़ी के लिए भुगतान की हुई पूरी रकम, लगभग 4 लाख रुपरों का रिफंड मांगते हैं. जिला फोरम द्वारा उनकी मांग को आंशिक रूप से पूरा करने का आदेश दिया जाता है जिसके बाद उन्हें रिफंड के रूप में 1 लाख रुपए प्रदान किये जाते हैं. 

Maruti Suzuki ने उठाया ये कदम
इस आदेश से खुश न होकर मारुती सुजुकी ने राज्य कमीशन में अपील की जिसके बाद राज्य कमीशन ने जिला फोरम के आदेश पर रोक लगा दी और इसके बाद यह मामला डॉक्टर इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता वाली NCDRC में पहुंचा दिया जाता है. आपको बता दें कि राजीव ने DD मोटर्स से गाड़ी खरीदी थी पर सुनवाई के दौरान भी DD मोटर्स की तरफ से कोई भी व्यक्ति कोर्ट में मौजूद नहीं था और DD मोटर्स को कई बार समन भी भेजा जा चुका था. 
 

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Thar प्रेमियों के लिए Mahindra ने लॉन्च किया Earth Edition, जानें क्या है इसकी खासियत

Mahindra SUV का नया थार (Thar Earth) एडिशन लॉन्च हो गया है. रेगिस्तान थीम पर तैयार इसका आकर्षक लुक और बेहतरीन फीचर्स लोगों को दीवाना बना देने के लिए तैयार हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 February, 2024
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Wednesday, 28 February, 2024
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देश की बड़ी वाहन निर्माता कंपनियों में शामिल महिंद्रा एंड महिंद्रा ने बाजार में अपनी मशहूर एसयूवी महिंद्रा थार का नया 'थार अर्थ एडिशन' ( Thar Earth Edition)  लॉन्च किया है. यह थार प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. नए थार अर्थ एडिशन में शानदार कलर, बेहतरीन फीचर्स और कंफर्टेबल सीट्स के साथ ही कई खूबियां मिलेंगी. थार का यह एडिशन लोगों को अपना दीवाना बनाने के लिए तैयार है. एडवेंचर और ड्राइव पसंद करने वाले लोगों के लिए इसे खास तरह से डिजाइन किया है. यह देखने में भी आकर्षक है और इसके फीचर भी लाजवाब हैं. तो आईए, आपको महिंद्रा थार अर्थ एडिशन की कीमत और खासियत बताते हैं.

वैरिएंट और कीमतें
थार अर्थ एडिशन पेट्रोल और डीजल दोनों में उपलब्ध होगा. इसकी शुरुआती कीमत 15.40 लाख रुपये (एक्स शोरूम) है, जोकि इसके पेट्रोल मैनुअल वैरिएंट की कीमत है. पेट्रोल ऑटोमैटिक वैरिएंट की कीमत 16.99 लाख रुपये, डीजल मैनुअल वेरिएंट की एक्स शोरूम प्राइस 16.15 लाख रुपये और डीजल ऑटोमैटिक वैरिएंट की एक्स शोरूम प्राइस 17.60 लाख रुपये है. इसका 2.0-लीटर पेट्रोल यूनिट 152hp की पावर और 300Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. इसे 6-स्पीड ऑटोमेटिक या 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ जोड़ा गया है. 
वहीं, डीजल वेरिएंट में 2.2-लीटर डीजल इंजन दिया गया है जो 132hp की पावर और 300Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. थार के इस स्पेशल एडिशन में आगे और पीछे के लिए कस्टमाइज़्ड फ्रंट और रियर आर्मरेस्ट, 7D फ्लोर मैट और एक आरामदायक किट सहित कई एक्सेसरीज उपलब्ध हैं.

जानें किन खास खूबियां के साथ आई है THAR Earth 
नई महिंद्रा थार अर्थ एडिशन को कंपनी ने बाकी मॉडल के मुकाबले काफी कुछ खास खूबियों के साथ पेश किया है. इसमें एडवेंजर और कंफर्ट का कॉम्बो शामिल है। इसके इंटियर ती बात करें तो इसमें अंदर की तरफ एक समान पेंट स्कीम दिया गया है, जिसमें बीज़ और ब्लैक के साथ डुअल टोन पेंट देखने को मिलता है. लेदर अपहोल्स्ट्री के साथ इसके केबिन को थोड़ा प्रीमियम बनाने की कोशिश की गई है. कंपनी का कहना है कि नई 'THAR Earth' रेगिस्तान से प्रेरित थीम पर बेस्ड है, और एसयूवी में लाइन आर्ट है जो हेडरेस्ट पर टीलों के आकार से सजाया गया है.
स्टीयरिंग व्हील, कपहोल्डर्स, गियर नॉब और गियर कंसोल पर महिंद्रा लोगो जैसे कंपोनेंट्स पर डार्क क्रोम फिनिश दिया गया है, जो कि इसे थोड़ा प्रीमियम ट्च देते हैं. इसके अलावा ज्यादातर केबिन फीचर्स रेगुलर LX वेरिएंट जैसे ही हैं

वहीं, एक्सटीरियर की बात करें तो इसको मैट पेंट के एक विशेष शेड में तैयार किया गया है जिसे कंपनी 'डेजर्ट फ्यूरी' कहती है और बी-पिलर्स और रियर फेंडर पर स्पेशल 'अर्थ एडिशन' बैज भी मिलते हैं. इसमें एक्सक्लूसिव अर्थ एडिशन बैज, डिजर्ट थीम वाले डिकैल्स, डिजर्ट फ्यूरी इंसर्ट के साथ आउटसाइड रियर व्यू मिरर्स, बॉडी कलर की ग्रिल्स, थार ब्रैंडिंग इंसर्ट्स वाले अलॉय व्हील्ज, मैट ब्लैक महिंद्रा वर्डमार्क के साथ थार ब्रैंडिंग, रेड ऐक्सेंट के साथ मैट ब्लैक में 4x4 और ऑटोमैटिक बैजिंग जैसी खूबियां हैं. 

यूनिक आइडेंटिटी नंबर
महिंद्रा ने कहा है कि हर थार अर्थ वैरिएंट में एक वाहन पहचान प्लेट (Vehicle Identification Plate) मिलेगी, जिसे '1' से शुरू करके क्रमांकित किया जाएगा. हालांकि यह कोई नई स्कीम नहीं है, लिमिटेड एडिशन मॉडलों के साथ ऐसा कई बार देखने को मिलता है, कि कंपनियां स्पेशल फील कराने के लिए इस तरह के यूनिक नंबर्स प्रदान करती हैं.


 


 


Apple के इस प्रोजेक्ट पर ताला, खबर सुनकर मुस्कुरा दिए होंगे Musk; आखिर क्या है कनेक्शन? 

दिग्गज टेक कंपनी एपल ने अरबों खर्च करने के बावजूद अपने EV प्रोजेक्ट को बंद कर दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 28 February, 2024
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Wednesday, 28 February, 2024
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दिग्गज टेक कंपनी एपल (Apple) अपने इलेक्ट्रिक कार प्रोजेक्ट को बंद करने का फैसला लिया है. कंपनी पिछले एक दशक से इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही थी, अब अचानक उसने इसे बंद करने का फैसला लिया है. बताया जा रहा है कि कंपनी अभी तक कोई फिजिकल प्रोटोटाइप भी तैयार नहीं कर पाई थी. बता दें कि EV की डिमांड में पिछले कुछ समय में तेजी देखने को मिली है. ऐसे में Apple का इस प्रोजेक्ट को बंद करना सभी के लिए हैरान करने वाला है. 

अरबों हो चुके हैं खर्च
Apple के पहले EV प्रोजेक्ट 'टाइटन' को बंद करने के फैसले से उससे जुड़े कर्मचारी प्रभावित होंगे. स्पेशल प्रोजेक्ट ग्रुप (SPG) के करीब 2000 कर्मचारी इस प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे, अब उनका भविष्य क्या होगा स्पष्ट नहीं है. हालांकि, बताया जा रहा है कि SPG के सभी कर्मचारियों को जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवीजन में शिप्ट किया जाएगा. अमेरिका की यह दिग्गज कंपनी 2015 में शुरू हुए अपने इस प्रोजेक्ट पर अरबों डॉलर खर्च कर चुकी है. अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि कंपनी ने प्रोजेक्ट पर ताला लगाना का निर्णय क्यों लिया. 

कई बार बदली लॉन्च डेट
कंपनी पूरी तरह से ऑटोमेटिक और वॉयस कमांड पर चलने वाली EV कार बनाना चाहती थी. कंपनी की योजना 2028 तक एक लाख डॉलर यानी करीब 82.90 लाख रुपए की कीमत में इस कार को लॉन्च करने की थी. हालांकि, इससे पहले एपल ने अपनी पहली EV की लॉन्चिंग डेट को कई बार रीशेड्यूल किया था. 2019, 2020, 2026 के बाद कंपनी ने कार को बाजार में उतारने के लिए साल 2028 चुना था, लेकिन अब उसने अपने कदम ही वापस खींच लिए हैं. खबरों के मुताबिक, कंपनी के बोर्ड की तरफ से Apple CEO टिम कुक पर काफी दबाव था. उनसे प्रोजेक्ट पर जल्द कोई ठोस प्लान तैयार करने या प्रोजेक्ट को बंद करने का दबाव था.

टेस्ला को नहीं मिलेगी चुनौती
वहीं, Apple के इस फैसले से Elon Musk की टेस्ला जरूर खुश होगी. क्योंकि उसके लिए अब एक संभावित प्रतिद्वंदी खत्म हो गया है. टेस्ला अमेरिका की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक कार कंपनी है. यदि एपल इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में कदम रखती, तो निश्चित तौर पर टेस्ला का बाजार प्रभावित हो सकता था.  बता दें कि Apple 2.82 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है. जबकि टेस्ला 636 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप के साथ दुनिया की 11वीं सबसे बड़ी कंपनी है. इस मामले में पहले नंबर पर माइक्रोसॉफ्ट है.


इलेक्ट्रिक कारों के बाजार पर आया Adani का दिल, इस कंपनी से मिलाया हाथ!

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट का असर खत्म होने के साथ ही गौतम अडानी फिर से विस्तार योजनाओं पर ध्यान देने लगे हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Monday, 26 February, 2024
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Monday, 26 February, 2024
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गौतम अडानी (Gautam Adani) का फोकस फिर से विस्तार योजनाओं पर लौट आया है. हिंडनबर्ग के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त होने के बाद अडानी नई संभावनाएं तलाश रहे हैं और इसी कड़ी में वह इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में एंट्री ले सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी ग्रुप उबर टेक्नोलॉजीज (Uber Technologies) के साथ एक रणनीतिक साझेदारी पर काम कर रहा है. इसके तहत अडानी समूह उबर टेक्नोलॉजीज के राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म पर अपनी इलेक्ट्रिक पैसेंजर कारों को पेश करेगा.

कार निर्माण नहीं करेगा समूह
इस साझेदारी के तहत उबर की सेवाओं को 'अडानी वन' के तहत लाने की भी योजना है. इस सुपर ऐप को 2022 में लॉन्च किया गया था. अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उबर के सीईओ Dara Khosrowshahi के बीच इस डील को लेकर हाल ही में चर्चा भी हुई थी. अडानी ग्रुप इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों के क्षेत्र में उतरने के लिहाज से उबर के साथ पार्टनरशिप कर रहा है. वैसे, बस, कोच और ट्रकों जैसे इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों में उसकी पहले से ही मौजूदगी है. लेकिन समूह वाहनों का निर्माण नहीं करता, उसके पोर्ट और एयरपोर्ट बिजनेस में इसकी बड़ी इन-हाउस जरूरते हैं. इसी तरह अडानी इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण नहीं करेंगे, बल्कि खरीदकर उनकी ब्रांडिंग करेंगे और उन्हें उबर के नेटवर्क में जोड़ेंगे. 

क्या है Uber की योजना?
उबर दुनिया भर में मौजूद अपने बेड़े को इलेक्ट्रिक वाहनों से बदलने की योजना पर काम कर रही है. दरअसल, कंपनी 2040 से पहले खुद को जीरो-एमिशन यानी कि शून्य उत्सर्जन मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बनाना चाहती है. इसलिए वो पेट्रोल-डीजल वाहनों को बेड़े से हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रिक वाहन लाने पर काम कर रही है. अडानी समूह के साथ साझेदारी से कंपनी को इस दिशा में मदद मिल सकती है. उबर की भारत में एंट्री 2013 हुई थी, तब से अब तक वो 3 अरब से अधिक ट्रिप पूरी चुकी है. उबर भारत के 125 शहरों में सेवा उपलब्ध करा रही है और उसने 8 लाख से अधिक भारतीयों को अपने नेटवर्क से जोड़कर इनकम को बढ़ाने में मदद की है. 

इस तरह मिलेगा फायदा
दूसरी तरफ, ये डील अडानी समूह के लिए भी काफी फायदेमंद रहेगी. समूह को कई अन्य फायदों के साथ-साथ अडानी वन के विस्तार में भी मदद मिलेगी. अडानी ग्रुप अगले 10 साल में भारत के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन में 100 अरब डॉलर का निवेश करने वाला है. साथ ही उसने 2027 तक सोलर मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता को 10GW तक बढ़ाने की योजना बनाई है. बता दें कि भारत में उबर और ओला में कड़ी टक्कर है. ओला भी ईवी पर दांव लगा रहा है और उसका एक आईपीओ भी आने वाला है. ऐसे में अडानी के साथ डील से उबर को काफी फायदा मिल सकता है.


वाहनों की बिक्री में कौनसा राज्य रहा अव्वल? मिल गया इस सवाल का जवाब

सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) ने राज्यों में वाहनों की बिक्री के आंकड़े जारी किए हैं.

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Published - Saturday, 17 February, 2024
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Saturday, 17 February, 2024
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जेब पर बोझ डालने वाले महंगाई जैसे तमाम कारणों के बावजूद कारों की बिक्री में गजब की तेजी देखने को मिल रही है. हाल ही में फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) की तरफ से बताया गया था कि पैसेंजर वाहन (PV) की सेल्स जनवरी में बढ़त के साथ 3,93,250 यूनिट पर पहुंच गई. जबकि पिछले साल जनवरी में यह आंकड़ा 3,47,086 यूनिट था. वहीं, सियाम ने बताया है कि वाहन बिक्री के मामले में कौनसा राज्य टॉप पर रहा. चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में वाहनों की कुल बिक्री में उत्तर प्रदेश टॉप पर रहा. इसके बाद महाराष्ट्र, गुजरात और तमिलनाडु का नंबर है. 

महाराष्ट्र में बिके इतने वाहन 
सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के आंकड़े बता रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में कुल 8,22,472 पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों की बिक्री हुई. तीसरी तिमाही यानी अक्‍टूबर से दिसंबर के दौरान महाराष्ट्र में कुल 6,88,192 यूनिट्स की बिक्री हुई और इस मामले में यह दूसरे स्थान पर रहा. इसके बाद 4,21,026 यूनिट्स के साथ गुजरात और 4,19,189 यूनिट्स के साथ तमिलनाडु का नंबर आता है. थ्री व्हीलर की बात करें, तो अक्टूबर-दिसंबर 2023 में यूपी में सबसे अधिक 23,859 तिपहिया वाहन बेचे गए. इसके बाद महाराष्ट्र (20,495) दूसरे, गुजरात (19,743) तीसरे और बिहार (14,955) चौथे स्थान पर रहा.

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यहां दूसरे नंबर पर रहा UP
इसी तरह टू-व्हीलर कैटेगरी में भी उत्तर प्रदेश कुल 6,73,962 इकाइयों के साथ शीर्ष पर रहा. इसके बाद महाराष्ट्र (5,15,612), मध्य प्रदेश (3,35,478) और तमिलनाडु (3,24,918) को स्थान मिला. हालांकि, पैसेंजर वहीकल्स की बिक्री में हालांकि महाराष्ट्र अव्वल रहा. राज्य में इस दौरान 1,21,030 इकाइयों की बिक्री हुई. इसके बाद उत्तर प्रदेश 1,01,568 की बिक्री के साथ दूसरे, गुजरात (85,599) तीसरे और कर्नाटक (71,549) चौथे नंबर पर रहा. वहीं, कमर्शियल वाहनों की बिक्री भी महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा रही. 31,055 इकाइयों के साथ महाराष्ट्र टॉप पर रहा. इसके बाद यूपी (23,083), गुजरात (20,391) और कर्नाटक (16,966) को स्थान मिला.


बैटरी और EV कारोबार को लेकर कुछ बड़ा करना चाहता है TATA ग्रुप, इस योजना पर चल रहा काम!

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है. फिलहाल इस सेक्टर में टाटा का दबदबा है.

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Published - Friday, 16 February, 2024
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Friday, 16 February, 2024
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टाटा ग्रुप (Tata Group) अपने बैटरी और EV बिजनेस को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो समूह अपने इस कारोबार को अलग करने पर विचार कर रहा है. बैटरी बिजनेस को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करके स्टॉक मार्केट में लिस्ट भी लिया जा सकता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, टाटा समूह एग्रेटास एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस (Agratas Energy Storage Solutions) को एक इंडिपेंडेंट यूनिट में बदलने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. 

इस तरह मिलेगा फायदा
जानकार मानते हैं कि यदि समूह ऐसा करता है, तो उसे बैटरी बिजनेस के लिए फंड जुटाने और बाद में इस बिजनेस को शेयर बाजार में लिस्ट करने में मदद मिलेगी. एग्रेटास एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस भारत और यूके स्थित फैक्ट्री में ऑटोमोबाइल और एनर्जी सेक्टर के लिए बैटरी डिजाइन और निर्माण करती है. इसके प्रमुख ग्राहकों में टाटा मोटर्स लिमिटेड और उसकी यूनिट जगुआर लैंड रोवर ऑटोमोटिव PLC शामिल हैं. बता दें कि स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल यानी SUV और EV में अपनी मजबूत पकड़ के चलते टाटा मोटर्स के पिछले महीने के सेल्स फिगर काफी अच्छे रहे हैं.

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EV पर ज्यादा होगा फोकस
ब्लूमबर्ग न्यूज ने इस साल की शुरुआत में एक रिपोर्ट में बताया था कि Agratas अपने कारखानों को विकसित करने के लिए ग्रीन लोन के माध्यम से 500 मिलियन डॉलर जुटाने की तैयारी में है. इसके लिए बैंकों के एक समूह से बातचीत भी की जा रही है. वहीं, यह भी कहा जा रहा है कि टाटा मोटर्स अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस को भी अलग कर सकती है. दरअसल, इलेक्ट्रिक वाहनों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है. EV कारोबार को पूरी तरह अलग करने से कंपनी इस पर ज्यादा फोकस कर पाएगी. मौजूदा वक्त में भारत के EV मार्केट पर टाटा का ही कब्जा है.


SUV के दम से कारों की बिक्री ने बनाया रिकॉर्ड, पिछले महीने बिकीं इतनी गाड़ियां

पिछले महीने यानी जनवरी में कारों की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. लोगों ने सबसे ज्यादा SUV को पसंद किया.

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Published - Tuesday, 13 February, 2024
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Tuesday, 13 February, 2024
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नए साल की शुरुआत Paytm के लिए भले ही अच्छी न रही हो, लेकिन इस दौरान कार कंपनियों ने जमकर मुनाफा कमाया है. वाहन डीलरों के संगठन फाडा (FADA) द्वारा मंगलवार यानी आज जारी किए गए आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं कि जनवरी 2024 कार निर्माता कंपनियों के लिए शुभ रहा. इस दौरान, वाहनों की जमकर बिक्री हुई. खासतौर पर स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की डिमांड में मजबूती देखी गई और यही मजबूती पैसेंजर व्हीकल्स की रिटेल बिक्री को रिकॉर्ड हाई पर पहुंचाने में मददगार रही. 

इतनी बढ़ गई PV की सेल्स
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के मुताबिक, पैसेंजर वाहन (PV) की सेल्स जनवरी में बढ़त के साथ 3,93,250 यूनिट पर पहुंच गई. जबकि पिछले साल जनवरी में यह आंकड़ा 3,47,086 यूनिट था. इसमें सालाना आधार पर 13% की वृद्धि दर्ज की गई है. नए मॉडल बाजार में आने, पहले से अधिक अवेलिबिलिटी, प्रभावी मार्केटिंग और शादियों के सीजन ने SUV की मांग को बढ़ाया, जिससे बिक्री का आंकड़ा ऊपर की तरफ भागता रहा. गौरतलब है कि ग्राहकों का रुझान पिछले कुछ वक्त में सेडान से SUV पर शिफ्ट हुआ है. यही वजह है कि कंपनियां भी अब इस सेगमेंट पर ज्यादा फोकस कर रही हैं.  

ये भी पढ़ें - TATA ने अपनी बेस्‍ट सेलिंग EV के दामों में की कमी, जानते हैं क्‍या रही है वजह?

यहां भी देखने को मिली तेजी 
4-व्हीलर के साथ-साथ दोपहिया वाहनों की बिक्री में भी इजाफा हुआ है. जनवरी में यह सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 14,58,849 यूनिट रही. जबकि कमर्शियल वाहन की बिक्री पिछले महीने 89,208 यूनिट पर स्थिर रही, यानी इसमें उतार-चढ़ाव देखने को नहीं मिला. इसी तरह, 3-व्हीलर वाहनों की रिटेल सेल्स जनवरी में 37 प्रतिशत बढ़कर 97,675 यूनिट रही. जबकि जनवरी 2023 में यह आंकड़ा 71,325 यूनिट था. 
ट्रैक्टर की बात करें, तो इसकी बिक्री सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 88,671 यूनिट हो गई. 
 


TATA ने अपनी बेस्‍ट सेलिंग EV के दामों में की कमी, जानते हैं क्‍या रही है वजह?

दरअसल पिछले कुछ समय में ईवी की बैटरी की लागत में कमी आई है. इसी कमी का नतीजा है कि अब कंपनियों ने दामों में कमी करना शुरू कर दिया है. 

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Tuesday, 13 February, 2024
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Tuesday, 13 February, 2024
TATA EV

नए साल में जहां सभी कंपनियों ने अपनी कारों के दामों में इजाफा किया था वहीं अब टाटा ने अपनी दो बेस्‍टसेलर ईवी कारों के दामों में बड़ी कटौती का ऐलान किया है. टाटा ने जिन कारों के दामों में कटौती का ऐलान किया है उनमें Nexon EV और Tiago Ev शामिल है. कंपनी ने एक कार में जहां लाख रुपये से ज्‍यादा की कमी की है तो वहीं दूसरी कार में 50 हजार से ज्‍यादा की कमी की है. कंपनी ने इसकी वजह भी बताई है. 

आखिर किस कार में कितनी हुई है कमी 
TATA की Nexon वो कार है जो उसकी बेस्‍ट सेलर है. इसी तरह से Tiago EV भी कंपनी की जबरदस्‍त बिकने वाली कार रही है. कंपनी ने जहां TATA Nexon EV के दामों में 1.20 लाख रुपये की कमी की है. दामों में इस कमी के बाद अब TATA Nexon EV के बेस मॉडल की कीमत अब 14.99 लाख रुपये तक आ गई है. जबकि इसके लॉन्‍ग रेंज वर्जन की कीमत 16.99 लाख रुपये में खरीद सकते हैं. इसी तरह से Tiago EV के दामों में 70 हजार रुपये की कमी की गई है. इसके बाद कार की कीमत 7.99 लाख रुपये तक आ गई है. 

कटौती पर कंपनी ने कही ये अहम बात 
टाटा ने अपनी ईवी सेक्‍शन की दो कारों के दाम कम करने के बाद कहा कि वो देश में इलेक्ट्रिक कारों की सेल में इजाफा करना चाहती है इसलिए उसने ये कदम उठाया है. इस कटौती पर अपनी बात रखते हुए TPEM के चीफ कमर्शियल ऑफिसर विवेक श्रीवत्‍स ने कहा कि बैटरी की लागत, कार की कीमत का एक बड़ा हिस्‍सा है. उन्‍होंने कहा कि हाल के दिनों में बैटरी की कीमतों में कमी आई है. आने वाले दिनों में उसमें कमी की संभावना को देखते हुए कंपनी ने ये कदम उठाया है. कंपनी ने इस फायदे को अपने ग्राहकों तक पहुंचाने का निर्णय लिया है. उन्‍होंने ये भी कहा कि पिछले कुछ सालों में इलेक्ट्रिक कारों का दायरा बढ़ा है और हम उसे और भी बढ़ाना चाहते हैं. उन्‍होंने कहा कि हमारा मिशन ये है कि हम ईवी को हर घर तक पहुंचाएं. 

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दिग्गज मोबाइल कंपनी ला रही है अपनी इलेक्ट्रिक कार, मिलेंगी खूबियां हजार

स्मार्टफोन की दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बना चुकी चीनी कंपनी शाओमी अब इलेक्ट्रिक कार भी ला रही है.

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Published - Tuesday, 13 February, 2024
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Tuesday, 13 February, 2024
Photo Credit: Xiaomi

मोबाइल फोन बनाने वाली चीन की दिग्गज कंपनी शाओमी (Xiaomi) अब ऑटोमोबाइल सेक्टर में अपनी धाक जमाने की तैयारी कर रही है. इसी कड़ी में कंपनी इलेक्ट्रिक कार लाने वाली है. शाओमी की फर्स्ट इलेक्ट्रिक कार का नाम Xiaomi SU7 (कोडनेम Speed Ultra) रखा गया है. माना जा रहा है कि SU7 की सीधी टक्कर Elon Musk की कंपनी टेस्ला के मॉडल S से होगी. Xiaomi SU7 को अप्रैल में बीजिंग में होने वाले ऑटो शो में लॉन्च किया जा सकता है.

सामने आईं कुछ तस्वीरें
ऑफिशियल लॉन्च से पहले शाओमी ने कार के इंटीरियर की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिन्हें देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इस स्मार्टफोन कंपनी के पहली इलेक्ट्रिक कार अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Xiaomi का दावा है कि SU7 दुनिया की सबसे फास्ट EV है और इसकी रेंज 800km की होगी. यानी एक बार चार्ज करने के बाद आप इस गाड़ी से कम से कम 800 किमी का सफर तय कर सकेंगे.

BYD Atto 3 से इंस्पायर्ड
तस्वीरों में SU7 का ड्यूल-टोन डैशबोर्ड भी बेहद शानदार लग रहा है. इस कार में क्लीन फिनिश वाले सेंटर कंसोल के साथ फिजिकल बटन भी देखने को मिलेंगे, जिनसे AC, फैन स्पीड और सस्पेंशन सेटिंग्स मैनेज की जा सकती है. Xiaomi SU7 का डैशबोर्ड अपेक्षाकृत बड़ा है, जो BYD Atto 3 से इंस्पायर्ड नजर आता है. बता दें कि BYD चीन की ही इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनी है. BYD ने भारत में भी अपनी इलेक्ट्रिक कार कुछ समय पहले पेश की थी. ये कंपनी Tesla को टक्कर देती है. 

ये रहेगा स्पेसिफिकेशन्स
Xiaomi SU7 55 वॉट के फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ वायरलेस चार्जिंग भी मौजूद है. इस कार का स्टीयरिंग वील फ्लैट बॉटम वाला है, जो इंटीरियर को काफी स्पोर्टी लुक देता है. शाओमी की इस सेडान EV में बड़ा पैनोरमिक सनरूफ है. साथ ही रियर पैसेंजर्स के लिए अलग-अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन भी दी गई हैं. स्पेसिफिकेशन्स की बात करें, तो इसकी लंबाई 4997mm, चौड़ाई 1963mm और ऊंचाई 1455mm है. जबकि इसका वीलबेस 3000mm का है. SU7 का एंट्री लेवल मॉडल 73.6kWh और टॉप एंड वेरिएंट 101kWh के बैटरी पैक के साथ आएगा. इसकी टॉप स्पीड वैरिएंट के अनुसार 210kmph से 265kmph के बीच रहेगी. कंपनी ने इसकी कीमत का अभी खुलासा नहीं किया है.
 


Hyundai की राह चलने को तैयार TATA, पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगी ये कारें!

टाटा मोटर्स अपनी सभी कारों में 6 एयरबैग को स्टैण्डर्ड बनाने पर विचार कर रही है. हुंडई पिछले साल ही ऐसा कर चुकी है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Saturday, 10 February, 2024
Last Modified:
Saturday, 10 February, 2024
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अपनी मजबूती के लिए पहचानी जाने वालीं TATA की कारें और भी ज्यादा सुरक्षित होने वाली हैं. टाटा मोटर्स (Tata Motors) भी हुंडई (Hyundai) की राह पर चलते हुए अपनी सभी कारों में छह एयरबैग अनिवार्य करने पर विचार कर रही है. नेक्सन फेसलिफ्ट, सफारी और हैरियर के सभी वेरिएंट्स में कंपनी ने 6 एयरबैग दिए हैं और टाटा टियागो और टिगोर के नए जनेशन मॉडल में भी ऐसा किया जा सकता है. हुंडई ने पिछले साल अक्टूबर में घोषणा की थी कि भारत में बिकने वाली उसकी कारों के सभी वेरिएंट में 6 एयरबैग अनिवार्य तौर पर दिए जाएंगे.

Safety पर कंपनी का फोकस
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत मोबिलिटी ग्लोबल एक्सपो के मौके पर टाटा मोटर्स (Tata Motors) पैसेंजर व्हीकल्स के चीफ प्रोडक्ट ऑफिसर मोहन सावरकर ने संकेत दिए थे कि टाटा की सभी कारों में 6 एयरबैग स्टैण्डर्ड बनाए जा सकते हैं. इस दौरान उन्होंने कहा था कि टाटा शुरुआत से ही सेफ्टी पर फोकस करती रही है. 1997 में इंडिका के लॉन्च होने से पहले ही कंपनी ने पुणे में अपनी इन-हाउस क्रैश टेस्ट लैब सेटअप कर ली थी. यह भारत में अब तक की सबसे एडवांस प्राइवेट क्रैश-टेस्ट लैबोरेट्री में शामिल है.

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नए रूप में आएंगी ये कारें
सावरकर ने यह भी कहा कि टाटा मोटर्स रेगुलेशन स्ट्रक्चरल सेफ्टी पर खास ध्यान देती है. इसलिए हमारे सभी प्रोडक्ट को ग्लोबल एनसीएपी (Global NCAP) जैसी एजेंसियों से क्रैश टेस्ट रेटिंग हासिल हुई है. अब कंपनी 6 एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर को स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर ऑफर करने के बारे में विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि नेक्सन, हैरियर और सफारी SUV के लेटेस्ट वर्जन में स्टैंडर्ड के तौर पर छह एयरबैग दिए गए हैं. जबकि फिलहाल एंट्री लेवल के मॉडल टियागो हैचबैक और टिगोर कॉम्पैक्ट सेडान में केवल दो एयरबैग मिलते रहे हैं. 2016 और 2017 में लॉन्च की गई इन कारों को जल्द ही नए रूप में पेश किया जा सकता है.

Hyundai ने मार ली है बाजी
सेफ्टी के लिहाज से 6 एयरबैग स्टैण्डर्ड करने के मामले में Hyundai ने बाजी मार ली है. कंपनी पिछले साल ही यह कर चुकी है जबकि टाटा अभी इस पर विचार कर रही है. हुंडई की भारत में बिक रहीं 13 गाड़ियों के सभी वेरिएंट 6 एयरबैग के साथ आएंगे. इसी तरह, इलेक्ट्रोनिक स्टैबिलिटी कंट्रोल फीचर को 10 गाड़ियों में स्टैंडर्ड और 3 गाड़ियों में ऑप्शनल फीचर के रूप में दिया जा रहा है. वहीं, कंपनी हिल स्टार्ट असिस्ट कंट्रोल भी 10 गाड़ियों में स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर दे रही है. वहीं, 3 पॉइंट सीट बेल्ट और सभी सीटों के लिए सीट बेल्ट रिमाइंडर भी स्टैंडर्ड फीचर बनाया गया है. 


Budget 2024: हमारे बजट पर अमेरिका में बैठे Elon Musk की भी होगी नजर, ये है वजह

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कल यानी 1 फरवरी को देश का अंतरिम बजट पेश करेंगी.

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 31 January, 2024
Last Modified:
Wednesday, 31 January, 2024
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कल यानी 1 फरवरी को बजट (Budget 2024) पेश किया जाना है. इस बजट से हर सेक्टर को कुछ न कुछ उम्मीद है. साथ ही आम जनता भी महंगाई के मोर्चे पर सरकार से राहत चाहती है. इन सबके अलावा, भारत से बहुत दूर अमेरिका में बैठे एलन मस्क (Elon Musk) की नजरें भी हमारे बजट पर होंगी. मस्क चाहेंगे कि जिस खबर को सुनने के लिए उनके कान तरस रहे हैं उसका उल्लेख वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में कर दें. हालांकि, ये बात अलग है कि घरेलू ऑटोमोबाइल कंपनियां एलन मस्क को खुश करने वाली खबर से खुश नहीं होंगी. 

कुछ बड़ी घोषणाएं संभव
माना जा रहा है कि निर्मला सीतारमण अपने बजट में ऑटोमोबाइल सेक्टर को लेकर कुछ बड़ी घोषणाएं कर सकती हैं. ईवी मैन्युफैक्चरर्स को उम्मीद है कि सरकार लिथियम-आयन बैटरी पर GST में कटौती करेगी. इसके अलावा, बजट में एंट्री-लेवल ICE टू-व्हीलर पर जीएसटी में भी कमी का ऐलान हो सकता है. पिछले साल सरकार ने ईवी में इस्तेमाल होने पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई थी. लिहाजा, उम्मीद है कि अंतरिम बजट में भी इस पर ध्यान बना रहेगा. इसके अलावा, बजट में विदेशी इलेक्ट्रिक कारों पर लगने वाले आयात शुल्क को लेकर भी कोई घोषणा हो सकती है. 

ये है Elon Musk की चाहत
बीच में ऐसी खबरें आई थीं कि सरकार ने भारत में एलन मस्क की कंपनी टेस्ला (Tesla) की एंट्री के लिए प्लान तैयार कर लिया है. इसके तहत विदेशी इलेक्ट्रिक कारों पर लगने वाले आयात शुल्क को मौजूदा 100% से कम करके 15% तक लाया जा सकता है. हालांकि, शर्त ये रहेगी कि कंपनियां जल्द ही भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने के लिए सहमति जताएं और बड़े स्तर पर लोकल सोर्सिंग पर जोर दें. टेस्ला भारत में कारखाना लगाने के लिए तैयार है. ऐसे में इम्पोर्ट ड्यूटी कम होने से टेस्ला को काफी फायदा मिल सकता है. विदेशी कंपनियों के लिए अपनी EV कारों को भारत भेजने में इम्पोर्ट ड्यूटी ही सबसे बड़ी बाधा रहती है, क्योंकि इसके ज्यादा होने से उनकी कारें महंगी हो जाती हैं, जिससे उम्मीद के अनुरूप डिमांड नहीं बन पाती. ऐसे में मस्क चाहेंगे कि भारत के बजट में इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने को लेकर कोई घोषणा हो जाए. 

घरेलू कंपनियों को है आपत्ति
हालांकि, स्थानीय कंपनियां नहीं चाहेंगी कि निर्मला सीतारमण बजट में EV पर आयात शुल्क में कोई कटौती करें. कुछ वक्त पहले मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि Tata Motors और Mahindra ने मुख्यतौर पर आयात शुल्क कम करने के प्रस्ताव का विरोध किया है. दोनों का कहना है कि इससे स्थानीय वाहन निर्माता प्रभावित होंगे. उनका ये भी कहना है कि इसके बजाये सरकार को स्थानीय EV निर्माताओं को प्रोत्साहित करना चाहिए. टाटा सहित घरेलू कंपनियों को लगता है कि इम्पोर्ट ड्यूटी में कमी के चलते टेस्ला जैसे इंटरनेशनल प्लेयर सस्ते में अपनी कारें लॉन्च कर सकेंगे, जिससे उनके लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ जाएगी. गौरतलब है कि भारत में इलेक्ट्रिक कारों के बाजार में टाटा इस समय सबसे बड़ा प्लेयर है. कंपनी की Nexon EV को काफी ज्यादा पसंद किया जा रहा है. इसके अलावा कंपनी के पोर्टफोलियो में टाटा टियागो EV और टाटा टिगॉर इलेक्ट्रिक भी शामिल हैं. इस तरह टाटा फिलहाल तीन इलेक्ट्रिक गाड़ियां ऑफर कर रहा है.