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Capgemini इंडिया के नए सीईओ बने संजय चालके, अश्विन यार्डी बने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन

यह बदलाव न केवल संगठन के लिए स्थिरता सुनिश्चित करेगा, बल्कि भारत को कैपजेमिनी के वैश्विक विकास और तकनीकी नवाचार में एक केंद्रीय भूमिका में और भी मजबूती से स्थापित करेगा.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 11 months ago

कैपजेमिनी (Capgemini) ने भारत में अपने नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा की है. कंपनी ने बताया कि संजय चालके, जो वर्तमान में भारत के मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हैं, 1 जनवरी 2026 से कैपजेमिनी इंडिया के नए सीईओ के रूप में पदभार संभालेंगे और समूह की कार्यकारी समिति (Group Executive Committee) में शामिल होंगे. वहीं, वर्तमान सीईओ अश्विन यार्डी, जो पिछले सात वर्षों से इस पद पर कार्यरत हैं, समूह से सेवानिवृत्त होकर 1 जनवरी 2026 से भारत में कैपजेमिनी के बोर्ड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे.

नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में अश्विन यार्डी प्रमुख हितधारकों के साथ संबंध मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे और इस परिवर्तन काल में संजय चालके को मार्गदर्शन देंगे. वहीं, संजय चालके भारत में कैपजेमिनी को क्लाइंट डिलीवरी, प्रतिभा विकास और नवाचार के क्षेत्र में एक रणनीतिक केंद्र के रूप में और मजबूत करने का काम जारी रखेंगे.

कैपजेमिनी के ग्लोबल सीईओ ऐमान एज्जात ने इस अवसर पर कहा, अश्विन ने भारत में कैपजेमिनी की इंडस्ट्री लीडरशिप और प्रतिभा विकास में अहम भूमिका निभाई है. उनके नेतृत्व में भारत में हमारी टीम 1,05,500 से बढ़कर करीब 1,80,000 सदस्यों तक पहुंची है. उनके 30 वर्षों के अविश्वसनीय योगदान के लिए मैं उनका आभारी हूं. साथ ही, मुझे संजय चालके का नए सीईओ के रूप में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है. उनके नेतृत्व में हम भारत में नवाचार, तकनीक और परिवर्तन का केंद्र और भी मजबूत बनाएंगे.”

बता दें, अश्विन यार्डी दिसंबर 2018 से कैपजेमिनी इंडिया के सीईओ और समूह कार्यकारी समिति के सदस्य थे. इससे पहले वह COO के रूप में कंपनी के संचालन, डिलीवरी, कौशल विकास और नवाचार का नेतृत्व कर चुके हैं. उनका अनुभव उत्तर व दक्षिण अमेरिका, नीदरलैंड, ऑस्ट्रेलिया और एशियाई देशों तक अंतरराष्ट्रीय और बहुसांस्कृतिक वातावरण में फैला हुआ है. वहीं, संजय चालके भारत में कैपजेमिनी के COO थे और उन्होंने संचालन, प्रतिभा अधिग्रहण, डिलीवरी एश्योरेंस और विभिन्न बिजनेस यूनिट्स के बीच तालमेल जैसे क्षेत्रों में कई परिवर्तनकारी योजनाएं चलाईं. उनका लक्ष्य व्यवसायिक वृद्धि तेज करना और लाभप्रदता बढ़ाना रहा है. वह भारत कंट्री बोर्ड (ICB) के सदस्य भी हैं. इससे पहले वह कैपजेमिनी में सोगेटी इंडिया के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख रहे, जहां उन्होंने व्यापार प्रदर्शन और प्रतिभा परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीतिक पहलों का नेतृत्व किया. 

 


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