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नॉर्थ स्टार रिन्यूएबल एनर्जी ने शिवानंद निम्बार्गी को एमडी और सीईओ नियुक्त किया
शिवानंद निम्बार्गी को ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. वह इससे पहले अयाना रिन्यूएबल पावर के प्रबंध निदेशक और सीईओ रह चुके हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
नॉर्थ स्टार रिन्यूएबल एनर्जी ने शिवानंद निम्बार्गी को अपना प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी नियुक्त किया है. वह 8 अक्टूबर 2026 से कंपनी की जिम्मेदारी संभालेंगे. नॉर्थ स्टार रिन्यूएबल एनर्जी, ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट (BII) और कोपेनहेगन इंफ्रास्ट्रक्चर पार्टनर्स (CIP) के ग्रोथ मार्केट्स फंड II के बीच संयुक्त उपक्रम है.
शिवानंद निम्बार्गी भारत में कंपनी के नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार के विकास और विस्तार का नेतृत्व करेंगे. उनकी जिम्मेदारी देश में अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं को विकसित करने और निजी पूंजी जुटाने से जुड़ी होगी.
ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 30 साल से ज्यादा का अनुभव
शिवानंद निम्बार्गी को ऊर्जा, परिवहन और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. वह इससे पहले अयाना रिन्यूएबल पावर के प्रबंध निदेशक और सीईओ रह चुके हैं. अयाना भारत की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है और इसे 2018 में बीआईआई ने स्थापित किया था.
अयाना में अपने कार्यकाल के दौरान निम्बार्गी ने कंपनी के कारोबार के विस्तार का नेतृत्व किया और संस्थागत निवेशकों से पूंजी जुटाने में भूमिका निभाई. इससे पहले वह ऊर्जा क्षेत्र में कारोबार विकसित करने और उसका नेतृत्व करने से जुड़ी कई जिम्मेदारियां निभा चुके हैं. उनका बीआईआई से भी लंबे समय से जुड़ाव रहा है. कंपनी के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार के निर्माण और विस्तार का उनका अनुभव नॉर्थ स्टार की भारत में गतिविधियों के लिए उपयोगी होगा.
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर होगा निवेश
नॉर्थ स्टार की स्थापना इसी वर्ष बीआईआई और सीआईपी ने भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और परियोजनाओं के विकास के लिए की थी. इस मंच के जरिए बीआईआई के उभरते बाजारों में दीर्घकालिक निवेश अनुभव और सीआईपी की नवीकरणीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे में विशेषज्ञता को जोड़ा गया है.
कंपनी के अनुसार, भारत को 2030 तक अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना से अधिक बढ़ाने की जरूरत है. ऐसे में परियोजनाओं के विकास और उन्हें बड़े स्तर पर लागू करने के लिए पूंजी और क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं. नॉर्थ स्टार का उद्देश्य इन चुनौतियों को दूर करने के लिए परियोजनाओं को विकास के चरण से आगे बढ़ाना और क्षेत्र में अतिरिक्त निवेश आकर्षित करना है.
सौर, पवन और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर फोकस
नॉर्थ स्टार सौर, पवन और हाइब्रिड नवीकरणीय ऊर्जा के साथ ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में निवेश करेगा. कंपनी के अनुसार, इन परियोजनाओं से सालाना 40 लाख मेगावाट घंटा से अधिक स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन होने की उम्मीद है. साथ ही, हर साल करीब 40 लाख टन कार्बन उत्सर्जन से बचने का अनुमान है.
नियुक्ति पर निम्बार्गी ने कहा कि भारत के ऊर्जा बदलाव के महत्वपूर्ण दौर में नॉर्थ स्टार से जुड़ना उनके लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि बीआईआई समर्थित कारोबारों के साथ काम करने के दौरान उन्होंने दीर्घकालिक पूंजी और मजबूत साझेदारियों की भूमिका देखी है और वह बीआईआई तथा सीआईपी के साथ मिलकर नॉर्थ स्टार को विकसित करने की दिशा में काम करेंगे.
सीआईपी के ग्रोथ मार्केट्स फंड्स के पार्टनर पीटर जैनिक शॉन्तॉफ्ट और बीआईआई में एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर एंड क्लाइमेट डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट्स के प्रबंध निदेशक एवं प्रमुख रोहित आनंद ने कहा कि निम्बार्गी के पास नवीकरणीय ऊर्जा कारोबार को शुरू से विकसित करने का अनुभव है. उनके अनुसार, उनकी नियुक्ति नॉर्थ स्टार के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
ब्रिटिश क्लाइमेट पार्टनर्स का भी हिस्सा है नॉर्थ स्टार
नॉर्थ स्टार, बीआईआई की 1.1 अरब पाउंड की जलवायु वित्त पहल ब्रिटिश क्लाइमेट पार्टनर्स का भी एक प्रमुख मंच है. इस पहल का उद्देश्य कोयले पर अधिक निर्भर अर्थव्यवस्थाओं में उत्सर्जन कम करने के लिए निजी पूंजी जुटाना है. नॉर्थ स्टार के जरिए बीआईआई और सीआईपी भारत में बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु समाधान से जुड़े निवेश को बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे.
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