होम / अप्वाइंटमेंट / AAAI के नए अध्यक्ष बने डॉ. संदीप गोयल, AI और डेटा टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों पर रहेगा फोकस
AAAI के नए अध्यक्ष बने डॉ. संदीप गोयल, AI और डेटा टेक्नोलॉजी से जुड़ी चुनौतियों पर रहेगा फोकस
विज्ञापन और मीडिया उद्योग में चार दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. गोयल के कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा टेक्नोलॉजी, एजेंसी रेवेन्यू और उद्योग से जुड़े नियामकीय मुद्दे प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया (AAAI) ने रेडिफ्यूजन (Rediffusion) के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) डॉ. संदीप गोयल को 2026-27 के लिए अपना अध्यक्ष चुना है. AAAI के मुताबिक, डॉ. गोयल का चयन सर्वसम्मति से हुआ है. विज्ञापन और मीडिया उद्योग में चार दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले डॉ. गोयल के कार्यकाल में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा टेक्नोलॉजी, एजेंसी रेवेन्यू और उद्योग से जुड़े नियामकीय मुद्दे प्रमुख विषय रहने की उम्मीद है.
AAAI देश की प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और मीडिया बाइंग हाउस का शीर्ष उद्योग संगठन है. संगठन ने इस साल अपनी स्थापना के 80 वर्ष पूरे किए हैं. AAAI का BARC, INS, IBDF, ISA, ASCI, MRUCI, ACIL समेत कई अन्य उद्योग संगठनों के साथ कामकाजी संबंध है.
1984 से विज्ञापन और मीडिया उद्योग में सक्रिय
डॉ. संदीप गोयल ने 1984 में विज्ञापन और मीडिया क्षेत्र में अपना करियर शुरू किया. शुरुआती दौर में उन्होंने एचटीए, जिसे अब वीएमएल के नाम से जाना जाता है, त्रिकाया ग्रे और मुद्रा जैसी विज्ञापन एजेंसियों के साथ काम किया. वह 1997 में रेडिफ्यूजन के अध्यक्ष बने और 2001 में जी के समूह मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी संभाली.
इसके बाद 2003 से 2011 के बीच उन्होंने डेंट्सु इंडिया एंड मिडिल ईस्ट में भारत के संयुक्त उद्यम साझेदार और अध्यक्ष के तौर पर काम किया. वह स्नैपचैट इंडिया के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने पंजाब सरकार में तीन साल तक प्रमुख सचिव के रूप में भी सेवाएं दीं. 2021 में डॉ. गोयल ने रेडिफ्यूजन और एवरेस्ट दोनों का अधिग्रहण किया.
दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए और पीएचडी
डॉ. गोयल ने 1984 में दिल्ली के प्रबंधन अध्ययन संकाय से एमबीए किया. इसके बाद 2017 में उन्होंने इसी संस्थान से पीएचडी की. 2023 में लखनऊ विश्वविद्यालय ने उन्हें साहित्य विद्यावाचस्पति की मानद उपाधि से सम्मानित किया.
डॉ. गोयल दस किताबों के लेखक भी हैं. इनमें द डम डम बुलेट और कोंजो – द फाइटिंग स्पिरिट शामिल हैं. वह नियमित रूप से द इकोनॉमिक टाइम्स, बिजनेस स्टैंडर्ड समेत कई प्रमुख मीडिया मंचों के लिए कॉलम भी लिखते हैं.
कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थाओं से जुड़े रहे
डॉ. गोयल न्यूयॉर्क स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ टेलीविजन आर्ट्स एंड साइंसेज के बोर्ड सदस्य रह चुके हैं. यह संस्था वैश्विक एमी पुरस्कार प्रदान करती है. वह लंदन स्थित एमआईपी के वैश्विक बोर्ड का भी हिस्सा रहे हैं. एमआईपी को दुनिया के सबसे बड़े टेलीविजन मीडिया और कंटेंट बाजारों में से एक माना जाता है.
इसके अलावा वह भारतीय विज्ञापन मानक परिषद की गवर्निंग काउंसिल, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन, जिसे अब इंडियन ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल फाउंडेशन कहा जाता है, के उपाध्यक्ष और आईबीएफ-आईएनएस की संयुक्त समिति के समन्वयक समेत विभिन्न उद्योग संगठनों में अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा चुके हैं.
वह एडवरटाइजिंग एजेंसीज एसोसिएशन ऑफ इंडिया की कार्यकारी समिति और मीडिया रिसर्च यूजर्स काउंसिल के उपाध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके हैं. दो साल पहले डॉ. गोयल को एसोचैम की ओर से लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.
AI को लेकर डर कम करना प्राथमिकता
AAAI के अध्यक्ष के तौर पर अपनी प्राथमिकताओं पर बात करते हुए डॉ. गोयल ने AI को लेकर उद्योग में बनी आशंकाओं को दूर करने और मौजूदा कर्मचारियों को नई तकनीकों के लिए प्रशिक्षित करने पर जोर दिया.
उन्होंने कहा, "AI का डर दूर करना आज उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत है. मौजूदा कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना इसका सबसे प्रभावी समाधान है, ताकि नौकरियों की सुरक्षा की जा सके. मैं खास तौर पर AAAI के उन सदस्यों के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा, जिनके पास बड़े स्तर के संसाधन नहीं हैं."
डॉ. गोयल के मुताबिक, AAAI के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं. उन्होंने कहा कि CCI की जांच का असर कई सदस्य एजेंसियों पर पड़ा है, जबकि कई एजेंसियां AI और डेटा टेक्नोलॉजी को अपने काम में किस तरह इस्तेमाल किया जाए, इसे लेकर संघर्ष कर रही हैं. एजेंसियों की आय पर भी दबाव है.
गोवा फेस्ट को नए रूप में पेश करने पर जोर
नए AAAI अध्यक्ष ने संगठन के प्रमुख आयोजन GoaFest को भी नए सिरे से तैयार करने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि गोवा फेस्ट AAAI की प्रमुख पहचान है और इसमें लंबे समय से जरूरी बदलाव किया जाना बाकी है.
डॉ. गोयल के अनुसार, "AAAI के सामने कई चुनौतियां हैं. CCI की जांच का असर कई सदस्य एजेंसियों पर पड़ा है. अधिकांश एजेंसियां AI और डेटा टेक्नोलॉजी को अपनाने के तरीके को लेकर संघर्ष कर रही हैं. एजेंसी रेवेन्यू पर दबाव है. इसलिए कई मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है." उन्होंने कहा कि गोवा फेस्ट में भी नए सिरे से बदलाव और पुनर्गठन की जरूरत है और आने वाला साल काफी व्यस्त रहने वाला है.
टैग्स