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FCRA संशोधन बिल पर SBI ने उठाए सवाल, NGO के खाते फ्रीज होने से लेकर FD तक पर मांगी स्पष्टता
SBI की ओर से JPC को दी गई प्रस्तुति के मुताबिक, बैंक की नई दिल्ली मुख्य शाखा में 25,432 FCRA खाते हैं. इनमें से 14,440 खाते एक्टिव हैं, जबकि 10,992 खातों पर प्रतिबंध हैं. बैंक के पास 24,915 डेजिग्नेटेड खाते भी हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
विदेशी चंदा नियमन कानून (FCRA) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के सामने कई अहम मुद्दे उठाए हैं. बैंक ने खासतौर पर उन परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट दिशानिर्देश मांगे हैं, जब किसी संस्था का FCRA रजिस्ट्रेशन निलंबित या समाप्त हो जाता है. ऐसे मामलों में बैंक खातों में जमा मौजूदा रकम, नए फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और ब्याज के संचालन को लेकर स्पष्ट प्रक्रिया तय करने की जरूरत बताई गई है.
दिल्ली शाखा में 25,432 FCRA खाते
SBI की ओर से JPC को दी गई प्रस्तुति के मुताबिक, बैंक की नई दिल्ली मुख्य शाखा में 25,432 FCRA खाते हैं. इनमें से 14,440 खाते एक्टिव हैं, जबकि 10,992 खातों पर प्रतिबंध हैं. बैंक के पास 24,915 डेजिग्नेटेड खाते भी हैं.
विदेशी चंदे के लेनदेन का आकार भी बड़ा है. SBI के मुताबिक, पिछले साल बैंक को 88,409 रेमिटेंस के जरिए 23,912 करोड़ रुपये का विदेशी चंदा मिला. वहीं, 31 अगस्त 2026 तक 33,397 रेमिटेंस के जरिए 9,263 करोड़ रुपये से अधिक की रकम बैंक में आ चुकी थी.
छोटे NGO के फंड को लेकर चिंता
SBI ने खासतौर पर ग्रामीण और छोटे संगठनों से जुड़े मामलों को लेकर चिंता जताई है. बैंक के अनुसार, यदि कोई संस्था समय पर अपना FCRA रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं करा पाती और इस वजह से उसके खाते पर कार्रवाई होती है, तो उसके पास पहले से मौजूद फंड के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए.
बैंक ने यह भी बताया कि कई मामलों में किसी संस्था का रजिस्ट्रेशन समाप्त या निलंबित होने और इसकी आधिकारिक सूचना बैंक तक पहुंचने के बीच समय का अंतर हो सकता है. ऐसे में उस अवधि के दौरान हुए लेनदेन को लेकर बैंक की कानूनी जिम्मेदारी और सुरक्षा स्पष्ट किए जाने की जरूरत है.
खाते फ्रीज होंगे या सीमित संचालन की अनुमति मिलेगी?
SBI ने सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि FCRA से जुड़े किसी मामले में कार्रवाई होने के बाद बैंक खाते पूरी तरह फ्रीज किए जाएंगे या कुछ प्रतिबंधों के साथ उनका संचालन जारी रहेगा. अगर किसी संस्था का नियंत्रण सरकार द्वारा नियुक्त अधिकारी के पास जाता है, तो खाते का संचालन कौन करेगा, यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है.
इसके अलावा बैंक ने खातों में आने वाले नए विदेशी फंड, मौजूदा बैलेंस और FD से मिलने वाले ब्याज को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाने की जरूरत बताई है.
सरकार ने जवाबदेही बढ़ाने की बात कही
FCRA संशोधन बिल की समीक्षा कर रही JPC के सामने SBI के चेयरमैन चल्ला श्रीनिवासुलु शेट्टी के नेतृत्व में बैंक के अधिकारियों ने अपनी चिंताएं रखीं. बैठक में विधायी सचिव राजीव मणि भी मौजूद थे. उन्होंने सरकार की ओर से कहा कि प्रस्तावित प्रावधानों का उद्देश्य विदेशी चंदे से जुड़ी संपत्तियों और उनके इस्तेमाल में **जवाबदेही और पारदर्शिता मजबूत करना** है.
प्रस्तावित बदलावों के तहत विदेशी चंदे से जुड़ी संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण की व्यवस्था को लेकर प्रावधान हैं. हालांकि, बैंकिंग स्तर पर खातों के संचालन, मौजूदा रकम और FD जैसी परिसंपत्तियों के प्रबंधन की विस्तृत प्रक्रिया को लेकर SBI ने स्पष्ट दिशा-निर्देश मांगे हैं.
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