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पाकिस्तान एयरस्पेस प्रतिबंध के बीच चीन के रास्ते नया एयर कॉरिडोर तलाश रहा भारत
होटन के रास्ते वैकल्पिक रूट पर चीन से बातचीत जारी, भारतीय एयरलाइंस की उड़ानों का समय और परिचालन लागत घटाने की कोशिश
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
पाकिस्तान के लगातार जारी एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण भारतीय एयरलाइंस पर बढ़ रहे अतिरिक्त उड़ान समय और परिचालन खर्च को कम करने के लिए भारत चीन के शिनजियांग क्षेत्र के रास्ते एक वैकल्पिक एयर कॉरिडोर की संभावना तलाश रहा है. नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को बताया कि इस संबंध में चीन के साथ बातचीत चल रही है.
भारत और चीन के बीच दक्षिण-पश्चिमी शिनजियांग के होटन के रास्ते एक संभावित एयर रूट पर चर्चा हो रही है. यह मार्ग भारतीय एयरलाइंस को पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों के लिए वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध करा सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, विदेश मंत्रालय करीब एक साल से इस प्रस्ताव को लेकर चीनी अधिकारियों के संपर्क में है.
नायडू ने कहा कि सरकार वैकल्पिक रूटिंग विकल्पों की समीक्षा कर रही है, जिसमें होटन कॉरिडोर भी शामिल है. इस मामले में विदेश मंत्रालय के जरिए चीन के साथ बातचीत जारी है. हालांकि, प्रस्तावित रूट के लिए अभी तक कोई समझौता या परिचालन मंजूरी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है.
दिल्ली-मुंबई से होटन के रास्ते यूरोप तक रूट की संभावना
प्रस्तावित रूट के तहत दिल्ली और मुंबई से उड़ानें लेह की ओर जा सकती हैं और होटन के पास चीनी एयरस्पेस में प्रवेश करने के बाद किर्गिस्तान की ओर बढ़ सकती हैं. इसके बाद ये उड़ानें यूरोप, ब्रिटेन और उत्तरी अमेरिका के लिए पहले से मौजूद एयर रूट से जुड़ सकती हैं. हालांकि, इस तरह के कॉरिडोर के लिए भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय मंजूरी, एयर ट्रैफिक समन्वय और अन्य परिचालन मंजूरियों की जरूरत होगी.
पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने से बढ़ा उड़ान समय
भारत की ओर से वैकल्पिक एयर रूट तलाशने की जरूरत अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान द्वारा भारतीय विमानों के लिए अपना एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद बढ़ी है. रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान ने इस प्रतिबंध को कई बार बढ़ाया है और फिलहाल यह 24 अक्टूबर 2026 तक लागू रहने वाला है.
एयरस्पेस प्रतिबंधों के कारण भारतीय एयरलाइंस को कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबे रूट अपनाने पड़ रहे हैं. इससे उड़ान समय, ईंधन की खपत और क्रू की जरूरत बढ़ गई है. उत्तरी और पश्चिमी भारत से यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका जाने वाली कुछ उड़ानों को पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों से जाना पड़ रहा है, जिससे यात्रा में करीब 45 मिनट से लेकर दो घंटे तक अतिरिक्त समय लग रहा है.
एयर इंडिया पर भी पड़ा असर
पाकिस्तान के एयरस्पेस प्रतिबंधों का असर खास तौर पर एयर इंडिया के लंबी दूरी वाले नेटवर्क पर पड़ा है, क्योंकि दिल्ली और मुंबई से उसकी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित होती हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैंपबेल विल्सन ने 2025 में अनुमान लगाया था कि पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने के कारण एयरलाइन को करीब 4,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.
भारतीय एयरलाइंस फिलहाल पाकिस्तान के एयरस्पेस से बचने के लिए L639 रूट का इस्तेमाल कर रही हैं. इससे कुछ उड़ानों के यात्रा समय में करीब दो घंटे की बढ़ोतरी हो रही है.
रिपोर्ट में एक अन्य व्यक्ति के हवाले से कहा गया है कि होटन कॉरिडोर के जरिए जॉर्जिया, बाकू, मध्य एशिया और उत्तरी यूरोप जैसे बाजारों के लिए संचालित उड़ानों में महत्वपूर्ण लागत बचत हो सकती है.
Routes Asia 2027 के जरिए अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी पर जोर
राम मोहन नायडू की यह टिप्पणी Routes Asia 2027 के कर्टन-रेजर कार्यक्रम के दौरान आई. भारत अगले साल 16 से 18 मार्च के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में Routes Asia 2027 की मेजबानी करेगा.
कार्यक्रम में 55 से अधिक देशों और करीब 115 एयरलाइंस के प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है. इसके अलावा करीब 2,500 आमने-सामने की कारोबारी बैठकें होने की संभावना है.
नायडू ने कहा कि दुनिया के तीसरे सबसे बड़े घरेलू विमानन बाजार के रूप में भारत के विस्तार को मजबूत अंतरराष्ट्रीय एयर कनेक्टिविटी का समर्थन जरूरी है. सरकार Routes Asia 2027 के जरिए एयरलाइंस और दूसरे देशों के साथ नए हवाई संपर्क विकसित करने और विमानन क्षेत्र में नए अवसर तलाशने पर चर्चा करेगी.
66 एयरपोर्ट पर चल रहा विकास कार्य
नायडू के अनुसार, देश में फिलहाल 66 एयरपोर्ट विकास के अलग-अलग चरणों में हैं. एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ अब सरकार का फोकस कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर है. उन्होंने कहा कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है. खास तौर पर भारत के मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई-चेन इकोसिस्टम से जुड़े बाजारों के लिए मजबूत हवाई संपर्क महत्वपूर्ण है.
नायडू के मुताबिक, पिछले 15 महीनों में भारत ने 55 अंतरराष्ट्रीय एयर रूट जोड़े हैं. सरकार एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय रूट के विस्तार के जरिए भारत के विदेशी बाजारों और प्रवासी भारतीय समुदाय के साथ संपर्क को मजबूत करने पर काम कर रही है.
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