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वित्त मंत्री सीतारमण ने कतर से बढ़ाया आर्थिक सहयोग, निवेश समझौते में तेजी पर जोर

मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भारत का सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह 94.53 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago

भारत ने कतर और अन्य खाड़ी देशों के साथ सामान्य व्यापार व्यवस्था बहाल रखने पर जोर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कतर के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए निर्बाध समुद्री आवाजाही सुनिश्चित करने की जरूरत उठाई. इसके साथ ही दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को जल्द पूरा करने और मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई.

वित्त मंत्रालय के अनुसार, सीतारमण ने 29 सितंबर को दोहा में एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (AIIB) की 2026 की वार्षिक बैठक के दौरान कतर के विदेश व्यापार राज्य मंत्री अहमद बिन मोहम्मद अल-सैयद से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय समुद्री मार्गों में जारी व्यवधानों पर चर्चा हुई.

BIT पर बातचीत तेज करने पर सहमति

बैठक में भारत और कतर के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर जारी बातचीत की भी समीक्षा की गई. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) को अंतिम रूप देने की दिशा में बातचीत तेज करने पर सहमति जताई.

कतर के मंत्री ने भारत में निवेश की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख किया. उन्होंने बंदरगाह, हवाई अड्डे, राजमार्ग और बिजली समेत बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश के अवसरों की बात कही. इसके अलावा कतर में भारतीय कंपनियों के लिए खाद्य सुरक्षा, फार्मास्यूटिकल्स, पेट्रोकेमिकल्स, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में अवसरों का भी जिक्र किया.

भारत और कतर ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा करीब 14 अरब डॉलर से बढ़ाकर 30 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है. दोनों देशों ने फरवरी 2025 में कतर के अमीर की भारत यात्रा के दौरान अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाया था. व्यापार और निवेश को इस साझेदारी के प्रमुख क्षेत्रों में शामिल किया गया था.

होर्मुज संकट के बीच ऊर्जा आपूर्ति पर नजर

भारत के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी क्षेत्र से होने वाले ऊर्जा आयात का एक बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से आता है. 2025 में रणनीतिक साझेदारी की घोषणा के समय कतर भारत के LNG आयात में करीब 48 फीसदी और LPG आयात में करीब 29 फीसदी हिस्सेदारी रखता था.

होर्मुज के रास्ते शिपिंग में व्यवधान के बीच भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित होने से बचाने के लिए वैकल्पिक स्रोतों पर भी ध्यान दे रहा है. इसी क्रम में भारत की सरकारी LPG आयातक कंपनियों ने अमेरिका से भी आपूर्ति हासिल करने की कोशिश की है, ताकि खाड़ी क्षेत्र से होने वाली आपूर्ति में संभावित रुकावट का असर कम किया जा सके.

कतर के कारोबारियों से भी मिलीं वित्त मंत्री

सीतारमण ने दोहा में कतर बिजनेसमैन एसोसिएशन (QBA) के बिजनेस राउंडटेबल में भी हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने दोनों देशों में उभरते आर्थिक अवसरों पर चर्चा की और व्यापार एवं निवेश साझेदारी को बढ़ाने के लिए कतर के कारोबारियों से सक्रिय रूप से अवसर तलाशने का आह्वान किया.

वित्त मंत्रालय के मुताबिक, वित्त मंत्री ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 फीसदी और निवेश वृद्धि 11.9 फीसदी रहने का उल्लेख किया.

उन्होंने जापान क्रेडिट रेटिंग (JCR) की ओर से भारत की दीर्घकालिक जारीकर्ता रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- किए जाने का भी जिक्र किया.

मंत्रालय ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 में भारत का सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) प्रवाह 94.53 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो पिछले 15 वर्षों में सबसे अधिक है.

भारत के लिए कतर के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करना ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही में व्यवधान से ऊर्जा और अन्य आयातों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.


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