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टाटा संस की लिस्टिंग से ग्रुप कंपनियों की रेटिंग पर क्या होगा असर? S&P ने दिया बड़ा अपडेट
S&P के मुताबिक, टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत काम करती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीतिक दिशा को प्रभावित करती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 hour ago
टाटा संस की संभावित शेयर बाजार लिस्टिंग और टाटा समूह में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर रेटिंग एजेंसी S&P Global Ratings ने अहम आकलन पेश किया है. एजेंसी के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में टाटा संस की लिस्टिंग या नेतृत्व में बदलाव से टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग पर तत्काल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है. हालांकि, लंबी अवधि में समूह की संरचना, रणनीति, पूंजी आवंटन और कमजोर कंपनियों को मिलने वाले समर्थन में बदलाव होने पर क्रेडिट आकलन प्रभावित हो सकता है.**
S&P Global Ratings ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि टाटा समूह के लंबे इतिहास और अपेक्षाकृत रूढ़िवादी प्रबंधन दृष्टिकोण को देखते हुए वित्तीय नीतियों में किसी भी बदलाव के धीरे-धीरे होने की संभावना है. एजेंसी के अनुसार, टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और समूह में नेतृत्व परिवर्तन फिलहाल समूह की कंपनियों की क्रेडिट प्रोफाइल के लिए तटस्थ रहने की उम्मीद है.
टाटा संस का ग्रुप कंपनियों पर कितना प्रभाव?
S&P के मुताबिक, टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियां स्वतंत्र पेशेवर प्रबंधन के तहत काम करती हैं, लेकिन टाटा संस उनकी रणनीतिक दिशा को प्रभावित करती है. एजेंसी फिलहाल टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, टाटा पावर, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी, टाटा कैपिटल और जगुआर लैंड रोवर की रेटिंग करती है.
रेटिंग एजेंसी इन कंपनियों को टाटा संस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानती है. समूह से मिलने वाले समर्थन को देखते हुए इन कंपनियों की क्रेडिट रेटिंग में अधिकतम तीन पायदान तक का लाभ शामिल किया जाता है.
लिस्टिंग से तुरंत नहीं बदलेगा क्रेडिट प्रोफाइल
S&P ने कहा कि टाटा संस की मौजूदा संरचना में सामान्य तरीके से लिस्टिंग होने की स्थिति में समूह की कंपनियों के क्रेडिट प्रोफाइल पर तत्काल कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा. हालांकि, लिस्टिंग के बाद सार्वजनिक शेयरधारकों की हिस्सेदारी बढ़ने से निवेश संबंधी फैसलों, पूंजी आवंटन और कमजोर समूह कंपनियों को समर्थन देने की प्रक्रिया पर अधिक निगरानी हो सकती है.
एजेंसी के मुताबिक, संभावित आईपीओ का आकार बड़ा होने और सार्वजनिक शेयरधारकों को स्वामित्व ढांचे में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी हासिल करने में समय लगने के कारण लिस्टिंग का प्रभाव धीरे-धीरे सामने आ सकता है.
लंबी अवधि में इन बदलावों पर रहेगी नजर
S&P के अनुसार, टाटा समूह की लीडरशिप, ग्रुप स्ट्रक्चर या लाभार्थियों की प्राथमिकताओं में बदलाव होने पर लंबी अवधि में समूह की रणनीति और वित्तीय नीति की निरंतरता पर सवाल उठ सकते हैं. इसका असर खासतौर पर टाटा स्टील, टाटा पावर और टाटा कैपिटल जैसी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, जिनकी विस्तार योजनाएं बड़ी हैं. वहीं, जगुआर लैंड रोवर फिलहाल कारोबारी बदलाव के दौर से गुजर रही है. ऐसे में समूह की रणनीतिक प्राथमिकताओं और कंपनियों को मिलने वाले समर्थन की निरंतरता S&P के भविष्य के क्रेडिट आकलन में अहम कारक रह सकती है.
फिलहाल 'न्यूट्रल' है आकलन
कुल मिलाकर, S&P का मौजूदा आकलन यह है कि टाटा संस की संभावित लिस्टिंग और नेतृत्व परिवर्तन का टाटा समूह की रेटिंग वाली कंपनियों के क्रेडिट प्रोफाइल पर **शॉर्ट टर्म में कोई तत्काल प्रभाव नहीं पड़ेगा**. हालांकि, आगे चलकर टाटा संस की भूमिका, स्वामित्व संरचना, पूंजी आवंटन और समूह की कंपनियों को समर्थन देने की नीति में किसी महत्वपूर्ण बदलाव पर रेटिंग एजेंसी की नजर रहेगी.
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