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Budget 2025 से पहले बड़े बदलाव, तुहीन कांत पांडे और अरुणिश चावला को मिली ये जिम्मेदारी

वित्त मंत्रालय के दो विभागों के सचिव की नियुक्ति में बदलाव किया गया है. तुहीन कांत पांडे अब नए रेवेन्यू सेक्रेटरी होंगे. अरुणीश चावला को DIPAM सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago

केंद्रीय बजट 2025 से पहले वित्त मंत्रालय में उच्च-स्तरीय बदलाव किए गए हैं. कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने कई महत्वपूर्ण पदों पर फेरबदल की मंजूरी दी है. इनमें सबसे अहम बदलाव रेवेन्यू डिपार्टमेंट और निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) से जुड़े हैं. इन नियुक्तियों का उद्देश्य बजट से पहले प्रशासनिक और आर्थिक कार्यों में गति लाना है. चलिए जानते हैं वित मंत्रालय में क्या बदलाव हुए हैं.

तुहिन कांता पांडे सौंपी गई ये जिम्मेदारी

भूमिकाओं में यह बड़ा बदलाव केंद्रीय बजट से कुछ सप्ताह पहले हुआ है, जिसे 1 फरवरी को पेश किया जाना है. कार्मिक मंत्रालय (Ministry of Personnel) के आदेश में कहा गया है कि तुहिन कांता पांडे, जो डीआईपीएएम के प्रमुख रहे हैं और वित्त सचिव के रूप में भी काम कर चुके हैं, नए राजस्व सचिव के रूप में चावला की पूर्व भूमिका संभालेंगे.

अरुणीश चावला ने संभाला ये पद 

बिहार कैडर के 1992 बैच के आईएएस अधिकारी अरुणीश चावला ने फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव के रूप में अपने कार्यकाल के बाद 25 दिसंबर को राजस्व सचिव का पदभार संभाला था. इस बीच, ओडिशा कैडर के 1987 बैच के आईएएस अधिकारी पांडे दीपन सचिव के रूप में जिम्मेदारियों का प्रबंधन कर रहे थे और उन्होंने सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव के रूप में अतिरिक्त कार्यभार भी संभाला था. पदों में इस बदलाव को वित्त मंत्रालय के अंदर नेतृत्व को मजबूत करने के लिए एक अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह केंद्रीय बजट पेश करने के महत्वपूर्ण कार्य के लिए तैयार है.

इसके अलावा, चावला की ज़िम्मेदारियां दीपम में उनकी नई भूमिका से आगे बढ़ेंगी. उन्हें सार्वजनिक उद्यम विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी दिया जाएगा, यह जिम्मेदारी पहले तुहिन कांता पांडे के पास थी. इसके अलावा, चावला आधिकारिक आदेश के अनुसार, स्थायी प्रतिस्थापन की नियुक्ति होने तक या अगली सूचना तक संस्कृति मंत्रालय के सचिव के रूप में अपना पद बनाए रखेंगे.

राजस्व सचिव के रूप में अपने सबसे हालिया कार्यभार से पहले, चावला 1 नवंबर, 2023 से रसायन और उर्वरक मंत्रालय में फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत थे. यह बदलाव वित्त मंत्रालय की अपने विभागों में मजबूत नेतृत्व सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दिखाता है.
 


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