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आखिर क्‍या होते हैं ग्रीन पटाखे, इनसे कैसे कम होता है प्रदूषण

पारंपरिक तौर पर जो पटाखे बनाए जाते हैं उनसे निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण की समस्‍या बढ़ रही थी, जिसके बाद सरकार ने इस इंडस्‍ट्री को बचाने के लिए ग्रीन पटाखों का विकल्‍प दिया.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

दीपावली पर दीयों के साथ- साथ पटाखों की भी खबू धूम होती है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर बैन लगा दिया है, जिसके चलते पटाखों का कारोबार  बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.  लेकिन आज हम आपको बताते है कि आखिर देश में पारंपरिक पटाखों से प्रदूषण की बढ़ती समस्‍या के बीच सरकार ग्रीन पटाखों के विकल्‍प पर काम कर रही है.  हम आपको बताते हैं कि आखिर क्‍या होते हैं ग्रीन पटाखे और इनसे प्रदूषण कैसे कम होता है. 


क्‍या होते हैं ग्रीन पटाखे
हमारे देश में पारंपरिक तौर पर जो पटाखे बनाए जाते हैं उनसे निकलने वाले धुएं के कारण प्रदूषण की समस्‍या बढ़ रही थी, जिसके बाद सरकार ने इस इंडस्‍ट्री को बचाने के लिए ग्रीन पटाखों का विकल्‍प दिया.  जिसकी तकनीक पर अब बाजार में पटाखे मिलने  लगे हैं. दरअसल जो पारंपरिक पटाखे होते हैं,उनमें बेरियम कैमिकल मिलाया जाता है,जिससे वो ज्‍यादा आवाज देने वाले और ज्‍यादा प्रभावी बनते हैं. लेकिन वैज्ञानिकों ने एक स्टोनसियम नाइट्रेट नाम का कैमिकल उनकी जगह दिया जो कम धुंआ देते है और असर भी उतना ही छोड़ता है.  ग्रीन पटाखों में यही स्‍टोनसियम नाइट्रेट मिलाया जाता है. 


आखिर क्‍यों महंगे होते हैं ग्रीन पटाखे
देश में पटाखा कारोबार से जुड़ी सबसे एसोसिएशन सिफमा के सलाहकार रवि टोफू बताते हैं ग्रीन पटाखों में इस्‍तेमाल होने वाला स्‍टोनसियम नाइट्रेट बाजार में आसानी से नहीं मिल पाता है.  इसे चीन से इंपोर्ट करना पड़ता है. जोकि काफी महंगा है. बेरियम के मुकाबले दोगुने से भी ज्‍यादा महंगा है. उनका कहना है कि अगर ये हमें भारत में आसानी से मिल जाए तो हम इससे सस्‍ते पटाखे बना सकते हैं.


बाजार में ज्‍यादा उपलब्‍ध क्‍यों नहीं हो पाते
अभी भारत में ग्रीन पटाखों के उपर बड़े पैमाने पर काम शुरू नहीं हो पाया है. दो साल कोरोनो के बीतने के कारण इस तकनीक पर ज्‍यादा काम नहीं हो पाया.  वहीं दूसरी ओर देश में पटाखे बनाने वाली इंडस्‍ट्री भी अभी इस तकनीक पर काम करने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई है,जिससे इनके कारोबार में जिसके कारण इसके उत्‍पादन में तेजी नहीं आ पाई है. 


आखिर क्‍या है बैन की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के वकील गौरव कुमार बंसल बताते हैं कि इस दिपावली में ग्रीन पटाखे जला सकते हैं या नहीं उस पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना निर्णय रिजर्व रखा हुआ है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने अनुमति दी तो आप इस दिपावली में ग्रीन पटाखे जला पाएंगे लेकिन अगर सुप्रीम कोर्ट ने इन्‍हें भी बैन कर दिया तो ये भी नहीं जलाए जा सकते हैं। 
 


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