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दिसंबर 2025 की तीन अहम टैक्स डेडलाइन: हर करदाता के लिए जरूरी जानकारी
दिसंबर 2025 करदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण महीना है. ITR फाइलिंग, संशोधन, आधार–पैन लिंकिंग और टैक्स ऑडिट मामलों की समयसीमाएं इसी महीने पूरी होती हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 5 months ago
दिसंबर 2025 करदाताओं के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय समयसीमाओं का महीना है. इस महीने आयकर रिटर्न फाइलिंग, आधार–PAN लिंकिंग और रिटर्न सुधार जैसी जरूरी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करना बेहद आवश्यक है. यदि ये कार्य समय पर नहीं किए गए, तो लेट फीस, ब्याज और अन्य पेनल्टी लग सकती हैं. नीचे दिसंबर 2025 में ध्यान देने योग्य तीन अहम वित्तीय डेडलाइन दी गई हैं, जिन्हें पूरा करना हर करदाता के लिए जरूरी है. तो आइए जानते हैं ये डेडलाइन.
1. टैक्स ऑडिट वाले मामलों में ITR भरने की बढ़ी समयसीमा
CBDT ने इस साल टैक्स ऑडिट से जुड़े करदाताओं को राहत देते हुए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2025 से बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दी है. जिन taxpayers की रिटर्न में ऑडिट रिपोर्ट और वित्तीय विवरण शामिल होते हैं, उन्हें इस विस्तारित तिथि तक फाइलिंग पूरी करनी होगी.
2. आधार–पैन लिंकिंग का अंतिम मौका
जिन व्यक्तियों का आधार 1 अक्टूबर 2024 या उससे पहले बना था, उनके लिए इसे PAN से लिंक करना अनिवार्य है. यह प्रक्रिया 31 दिसंबर 2025 तक पूरी करनी होगी. लिंक न करने पर PAN निष्क्रिय हो सकता है. बैंकिंग और निवेश से जुड़े लेनदेन प्रभावित होंगे और ITR फाइलिंग में कठिनाई आएगी.
3. विलंबित और संशोधित ITR की आखिरी तारीख
विलंबित रिटर्न (Belated ITR), जो करदाता मूल समयसीमा में ITR दाखिल नहीं कर पाए थे, वे 31 दिसंबर 2025 तक इसे फाइल कर सकते हैं. इसके साथ अधिकतम ₹5,000 की लेट फीस, 5 लाख रुपये से कम आय वालों के लिए शुल्क 1,000 रुपये और बकाया कर पर ब्याज लगेगा.
संशोधित रिटर्न (Revised ITR), पहले से दाखिल रिटर्न में त्रुटि या जानकारी सुधारने का भी अंतिम अवसर 31 दिसंबर 2025 तक है. इसके बाद केवल अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) ही भर सकेंगे, जिसमें 25 प्रतिशत से 50 प्रतिशत तक अतिरिक्त दंड लग सकता है. इसलिए दिसंबर 2025 तक रिटर्न सुधारने और देर से फाइल करने का यह सबसे किफायती और अंतिम मौका है.
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