होम / यूटिलिटी / सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर किसी ब्रैंड का नाम नहीं ले सकते - मनीषा भटटाचार्य
सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर किसी ब्रैंड का नाम नहीं ले सकते - मनीषा भटटाचार्य
अब तक कई बिल आ चुके हैं, जिसमें टेलीकम्यूनिकेशन बिल से लेकर डाटा प्रोटेक्शन बिल सहित कई अन्य बिल हैं. जो इस पर नियंत्रण लगाता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
साइबर लॉ और सुप्रीम कोर्ट के वकील पवन दुग्गल की ओर से आयोजित साइबर लॉ, साइबर क्राइम और साइबर सिक्योरिटी पर रहे इंटरनेशनल कांफ्रेस में देश विदेश के कई विशेषज्ञों ने अलग अलग विषयों पर अपनी बात कही. तीन दिन चलने वाली इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में साइबर सिक्योरिटी पर बोलते हुए कई विशेषज्ञों ने अपनी बात कही. इस कॉन्फ्रेंस में सोशल मीडिया पर फैलाए जाने वाले झूठ, मिसइनफॉरमेशन सहित कई और मामलों को लेकर अपनी बात कही गई इसमें पहुंचे कई लोगों ने कहा कि आज सोशल मीडिया का इस्तेमाल कई तरह के ऐसे कार्यो के लिए हो रहा है, जिसके लिए नहीं होना चाहिए.
सोशल मीडिया इनफ्लूएंसर किसी ब्रैंड का नाम नहीं ले सकते
इस कांफ्रेस में पहुंची मनीषा भटटाचार्य ने कहा कि आज सोशल मीडिया में प्रभावित करने वाले लोगों के लिए सरकार के कंज्यूमर अफेयर मंत्रालय की ओर से हाल ही में एक गाइडलाइन जारी की गई थी. इसमें कहा गया था कि सोशल मीडिया पर प्रभावित करने वाले लोग किसी भी ब्रैंड का नाम रिवील नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि सरकार पिछले लंबे समय से इस दिशा में काम कर रही है. अब तक कई बिल आ चुके हैं, जिसमें टेलीकम्यूनिकेशन बिल से लेकर डाटा प्रोटेक्शन बिल सहित कई अन्य बिल हैं. जो इस पर नियंत्रण लगाता है। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल आतंकवाद के लिए फंडिग जुटाने के लिए किया जा रहा है. ऐसा नहीं है कि सरकार इस दिशा में काम नहीं कर रही है.
मैसेज देखने वाला उसके बारे में हीं जानता
साइबर सिक्योरिटी के इस इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में पहुंचे पंकज जैन ने कहा कि आज व्हाट्सअप का इस्तेमाल आज मिसइनफॉरमेशन को फैलाने के लिए ज्यादा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी समस्या ये है कि ये मैसेज कई ऐसे लेागों के पास जाता है कि जो उस गलत जानकारी के बारे में जानता ही नहीं है वो उसे सच मानकर आगे बढ़ा देता है, जो बहुत खराब है
ऑडियो-वीडियो को किया जाता है डॉक्टर्ड
पंकज जैन ने कहा कि आज कम्यूनल हार्मोनी को खराब करने के लिए हो ये रहा है कि एक वीडियो लिया जाता है वो विदेश में कहीं का वीडियो होता है उसका ऑडियों डॉक्टर्ड करके और उसे गलत जानकारी परोसकर भारत में फैला दिया जाता है फिर सैकड़ों लोग उसे फॉरवर्ड कर देते हैं. जो गलत है
टैग्स