होम / यूटिलिटी / इंश्योरेंस से लेकर रसोई गैस की डिलीवरी तक, 1 November से होने जा रहे हैं ये 5 बड़े बदलाव
इंश्योरेंस से लेकर रसोई गैस की डिलीवरी तक, 1 November से होने जा रहे हैं ये 5 बड़े बदलाव
मंगलवार से नया महीना शुरू हो रहा है. ऐसे में 1 नवंबर की तारीख से बहुत से ऐसे नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिसका प्रभाव आपकी जेब और जिदंगी पर पड़ेगा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः मंगलवार से नया महीना शुरू हो रहा है. ऐसे में 1 नवंबर की तारीख से बहुत से ऐसे नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जिसका प्रभाव आपकी जेब और जिदंगी पर पड़ेगा. इन बदलावों में इंश्योरेंस पॉलिसी से लेकर के रसोई गैस की डिलीवरी और ट्रेनों के समय में भी बदलाव होगा. यह बदलाव ऐसे हैं जिनको करने के लिए आपको बाध्य होना पड़ेगा, अगर आप इनको नहीं मानेंगे तो फिर नुकसान आपको ही होगा.
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव
1 तारीख को तेल कंपनियां एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं. मंगलवार को भी इनकी कीमतों में कटौती या बढ़ोतरी हो सकती है. वैसे भी कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है, लेकिन घरेलू गैस सिलिंडर की कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है.
सिलिंडर की डिलीवरी पर देना होगा ओटीपी
आपको बता दें कि अब गैस खरीदने के लिए ओटीपी अनिवार्य हो जाएगा. जब तक आप गैस डिलीवरी वाले को रजिस्टर्ड मोबाइल पर आए ओटीपी के बारे में नहीं बताएंगे तब तक आपको गैस नहीं मिलेगा.
सभी तरह के बीमा में KYC अनिवार्य
इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डवलपमेंट आथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) द्वारा जारी किए गए नए निर्देशों के अनुसार एक नवंबर से सभी तरह के बीमा पॉलिसी पर KYC अनिवार्य कर दिया गया है. अब तक यह केवल जीवन बीमा पॉलिसी के लिए अनिवार्य था. 1 नवंबर से बिना KYC वाले इसके लिए अमान्य हो जाएंगे.
बदलेगा ट्रेनों का समय
भारतीय रेलवे समय-समय पर ट्रेनों के शेड्यूल में बदलाव करता रहता है. यह बदलाव मौसम और ट्रेन के रूट की स्थिति के आधार पर किए जाते हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक नवंबर को भी ट्रेनों का रूट रिशेड्यूल किया जा सकता है. ऐसे में बेहतर होगा कि आप घर से निकलने के पहले अपनी ट्रेन का टाइम टेबल देख लें ताकि आपको अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़े.
GST रिटर्न में कोड देना होगा
जीएसटी रिटर्न (GST Return) के नियमों में बदलाव किए जा रहे हैं. अब 5 करोड़ रुपये से कम टर्नओवर वाले करदाताओं को जीएसटी रिटर्न में चार अंकों का एचएसएन कोड (HSN Code) लिखना अनिवार्य होगा. इससे पहले दो अंकों का एचएसएन कोड डालना होता था.
VIDEO: Redmi Note 12 सीरीज लॉन्च, 200 MP कैमरे के अलावा जानिए इसके अन्य फीचर्स और कीमत
टैग्स