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‘मोटी सैलरी के लालच में न आएं’, जानें सरकार ने क्यों युवाओं से कही ये बात
विदेश मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल सेल और मार्केटिंग फील्ड में ऑफिसर पद के लिए भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने की बात कही जा रही है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
अच्छी सैलरी वाली नौकरी कौन नहीं चाहता और अगर ये नौकरी विदेश में हो तो फिर क्या कहने. इसलिए अधिकांश युवा बिना ज्यादा सोचे-विचारे अप्लाई कर देते हैं और फिर पता चलता है कि उनके साथ ठगी हो गई या फिर वो किसी साजिश के शिकार हो गए. इसी को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने युवाओं के लिए फर्जी नौकरी को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है.
करवाई जाती है मजदूरी
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि संदिग्ध आईटी कंपनियों द्वारा थाईलैंड और दुबई में मोटी सैलरी का लालच देकर युवाओं को फंसाया जा रहा है. इन कंपनियों के जाल में फंसने वालों को कैद करके मजदूरी कराई जा रही है. मंत्रालय ने युवाओं से कहा है कि सोशल मीडिया पर चल रहे इस तरह के फर्जी विज्ञापनों के झांसे में न आएं. विदेश में नौकरी के लिए जाने से पहले हर बात की बारीकी से जांच करें और संतुष्ट होने के बाद ही आगे बढ़ें.
इस पद का दिया विज्ञापन
विदेश मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल सेल और मार्केटिंग फील्ड में ऑफिसर के लिए भारतीय युवाओं को विदेश में नौकरी के लिए झांसा दिया जा रहा है. जालसाजों का लक्ष्य IT फील्ड के कुशल युवा हैं. उन्हें थाइलैंड और दुबई में आकर्षक नौकरियों का लालच दिया जा रहा है. इस काम में कॉल सेंटर घोटाले और क्रिप्टो धोखाखड़ी से जुड़ीं संदिग्ध आईटी फर्म शामिल हैं. ऐसे कुछ मामले बैंकॉक और म्यांमार में भी देखने को मिले हैं.
30 भारतीय कराए आज़ाद
मंत्रालय की एडवाइजरी में कहा गया है कि सोशल मीडिया विज्ञापनों जरिए दुबई और थाइलैंड में नौकरी का लालच देकर पहले युवाओं को फंसाया जाता है. फिर अवैध रूप से सीमा पार करवाकर ज्यादातर को म्यांमार ले जाया जाता है और कठोर परिस्थितियों में काम करने के लिए बंदी बना लिया जाता है. इसलिए भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे इस तरह के फर्जी जॉब ऑफर्स के झांसे में न आएं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ वक्त पहले नौकरी के जाल में फंसकर म्यांमार पहुंचे भारतीयों में से 30 को आजाद करवाया गया था.
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