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सरकार ने बनाया ये नया प्लान, इससे सुधर जाएंगे राज्यों के हाइवे
आने वाले दिनों में राज्यों के हाईवे पर भी आपको गाड़ियां फर्राटे भरती हुई नजर आएंगी. केन्द्र की योजना है कि वो राज्यों के प्रमुख हाइवे को टेक ओवर कर उन्हें 4 या 6 लेन का बनाकर टोल की वसूली की जाएगी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
केन्द्र सरकार ने राज्यों के हाईवे को सुधारने के लिए एक नया प्लान बनाया है. अगर सरकार का ये प्लान कामयाब हुआ तो आने वाले दिनों में राज्यों के हाईवे पर भी आपको गाड़ियां फर्राटे भरती हुई नजर आएंगी. केन्द्र सरकार की योजना है कि वो राज्यों के प्रमुख हाइवे को टेक ओवर कर उनका निर्माण करेगी और उसके बाद उन्हें फोर या सिक्स लेन का बनाकर उनसे टोल की वसूली की जाएगी. अभी इस प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है. यही नहीं सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए अलग-अलग तरह के फाइनेंशियल मॉडल पर भी काम कर रही है, जिसमें पीपीपी मॉडल भी शामिल है.
25 साल के लिए टेक ओवर करने की है योजना
केन्द्र सरकार की इस योजना के अनुसार वो आने वाले समय में राज्यों से उन हाइवे को टेक ओवर कर लेगी जिन पर बड़ी संख्या में गाडि़यों का आना-जाना होता है. सरकार आवश्यकता अनुसार इन्हें टू लेन से फोर लेन का बनाकर उसके बाद इससे अगले 12-13 साल तक टोल की वसूली कर अपने लगाए पैसे को वसूलेगी. इससे राज्यों के प्रमुख हाइवे भी बेहतर हो जाएंगे और लोगों को ज्यादा सुविधा भी मिल सकेगी.
पैसे की कमी के कारण नहीं बन पाते हाइवे
मौजूदा समय में कई स्टेट हाइवे की स्थिति बहुत खराब है. राज्य सरकारों के पास उस खराब हाइवे को ठीक करने के लिए पैसे की कमी होती है. ऐसे में अगर सड़क परिवहन मंत्रालय का ये प्रपोजल राज्यों को पसंद आता है तो कई स्टेट हाइवे के दिन आने वाले समय में सुधर सकते हैं. पैसा न होने की स्थिति में राज्य सरकार केन्द्र से ही उनके निर्माण के लिए मदद मांगती है.
अलग-अलग फाइनेंशियल मोड का भी विचार
सड़क परिवहन मंत्रालय इस बात पर भी विचार कर रहा है कि आने वाले समय में सड़कों से लेकर दूसरे तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए फाइनेंस के अलग-अलग तरीकों पर विचार किया जाए.जिसमें पीपीपी जैसे मॉडल शामिल हैं. सरकार इंडस्ट्री से अलग अलग फाइनेंशियल मोड पर भी विचार करने की बात कर रहीहै, जिससे भविष्य की परियोजनाओं के लिए पैसे की कमी न हो.
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