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हेलमेट नहीं पहनने से अब क्या नहीं कटेगा चालान? जानें इस वायरल पोस्ट का फैक्ट चेक
आजकल सोशल मीडिया पर कई सारे ऐसे मैसेज पोस्ट होते हैं, जिनको पढ़कर लोग बिना अपना दिमाग लगाए आगे फॉर्रवर्ड कर देते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः आजकल सोशल मीडिया पर कई सारे ऐसे मैसेज पोस्ट होते हैं, जिनको पढ़कर लोग बिना अपना दिमाग लगाए आगे फॉर्रवर्ड कर देते हैं. वस्तुतः इन मैसेज में जो भी कुछ लिखा होता है उनकी सच्चाई भी कुछ नहीं होती है. आधे से ज्यादा पोस्ट केवल और केवल झूठ का पुलिंदा बन जाती है. आजकल ऐसा ही एक मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बताया गया है कि नगर निगम या नगर पालिका की सीमा में हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है.
मैसेज में किया गया है ये दावा
मैसेज में दावा किया गया है कि, कोर्ट ने महानगर पालिका के दायरे में दोपहिया वाहन चालक को हेलमेट पहनने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है. लोगों पर शहर के अंदर हेलमेट ना पहनने पर जुर्माना नहीं होगा. व्हाट्सऐप पर वायरल हो रहे मैसेज में कहा गया कि, ब्रेकिंग न्यूज़ 'हेलमेट मुक्त' अब सभी राज्यों में अभी तक की जो हेलमेट चेकिंग चल रही थी उसे कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
सागर कुमार जैन के याचिका के मुताबिक महानगरपालिका की दायरों के अंदर हेलमेट का उपयोग वाहन चालक पर अनिवार्य नहीं होगा जिस रास्ते को राज्य मार्ग या हाईवे का दर्जा प्राप्त हुआ है वहां पर हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा. इसके बाद अगर कोई भी ट्रैफिक वाला या कोई पुलिस वाला आपसे हेलमेट क्यों नहीं पहना पूछता है तो आप उसे कह सकते हो कि मैं महानगरपालिका नगरपालिका पंचायत समिति शहर के हद में हूं आप सभी को यह जानकर खुशी होगी. इस मैसेज को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि लोगों को भी पता चले ...!!" इस वायरल हो रहे मैसेज के साथ एक वकील का नंबर और नाम भी शेयर किया है.
PIBFactCheck ने बताई दावे की हकीकत
भारत सरकार की पीआईबी फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को लेकर के जानकारी साझा की है. टीम के मुताबिक, यह मैसेज पूरी तरह से फर्जी है. टीम ने सभी राज्यों में दुपहिया चालकों की हेलमेट चेकिंग न होने की सूचना को खारिज कर दिया है. भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.
इसके अलावा हमने मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबर पर बात की. यह नंबर देवेन्द्र प्रताप सिंह चौहान का ही है. उन्होंने कहा, 'यह पोस्ट पहले भी कई बार वायरल हो चुकी है. वायरल पोस्ट फर्जी है. लोग गलत जानकारी शेयर कर रहे हैं. इस संबंध में उनके पास कई फोन आ चुके हैं और वह इससे परेशान हो चुके हैं. उन्होंने इस संबंध में समाचर पत्र में छपी खबर की जानकारी भी दी. जिसमें लिखा गया था कि, उनके खिलाफ किसी ने साजिश के तहत ये मैसेज वायरल किया था.
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