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दिल्ली-मेरठ वालों को होली पर मिल सकता है बड़ा तोहफा, तेजी से बन रही है RRTS ट्रेन
इस लाइन के लिए बनाई जा रही चारों टनल का काम तेजी से चल रहा है. इस लाइन के पहले चरण का लक्ष्य जून 2023 है लेकिन NCRTC तैयारी कर रही है कि पहले चरण को मार्च 2023 में ही आम आदमी के लिए खोल दिया जाए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
दिल्ली से लेकर मेरठ तक बन रही RRTS ट्रेन का काम तेजी से चल रहा है. इसे बनाने वाली NCRTC इसका इतनी तेजी से विकास कर रही है कि वो इसके पहले चरण को होली के बाद खोलने की तैयारी कर रही है. इस लाइन के लिए बनाई जा रही चारों टनल का काम तेजी से चल रहा है. हालांकि इस लाइन के पहले चरण का लक्ष्य जून 2023 है लेकिन NCRTC तैयारी कर रही है कि पहले चरण को मार्च 2023 में ही आम आदमी के लिए खोल दिया जाए. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर इसमें क्या खास होने जा रहा है और ये दिल्ली मेट्रो से क्यों अलग है.
टनलिंग का काम जोरों पर
आनंद विहार स्टेशन का निर्माण टॉप-डाउन विधि द्वारा किया जा रहा है, इस तकनीक में पहले भूमि स्तर पर निर्माण होता है उसके बाद भूमिगत स्तर पर निर्माण कार्य किया जाता है. मौजूदा समय में यहां चार सुदर्शन (टनल बोरिंग मशीन) काम कर रही हैं. इनमें से तीन किमी लंबी दो टनल आनंद विहार से न्यू अशोक नगर की ओर निर्मित की जा रही हैं और दो किमी लंबी दो टनल आनंद विहार से साहिबाबाद की ओर विकसित की जा रही हैं. आनंद विहार से न्यू अशोक नगर की दिशा में पहली टीबीएम, सुदर्शन 4.1 ने करीब 1.5 किमी टनल का निर्माण पूर्ण कर लिया है. वहीं दूसरी टीबीएम, सुदर्शन 4.2 ने इसकी समानांतर टनल का निर्माण लगभग 1.2 किमी तक पूरा कर लिया है. इसके साथ ही साहिबाबाद की दिशा में तीसरी टीबीएम, सुदर्शन 4.3 ने लगभग 700 मीटर टनल निर्माण कर लिया है और इसके समानान्तर टनल बनाने के लिए चौथी टीबीएम, सुदर्शन 4.4 ने हाल में टनलिंग का कार्य प्रारम्भ किया है. इन चारों टीबीएम ने दोनों दिशा में कुल लगभग 4 किमी टनल निर्माण पूर्ण कर लिया है.
दिल्ली मेट्रो से क्यों अलग है ट्रांजिट रेल
मौजूदा समय में दिल्ली से शुरू हुई मेट्रो आज देश के कई शहरों मे चलने लगी है. लेकिन हमारे देश में मौजूदा समय में दो शहरों को जोड़ने के लिए कोई हाईस्पीड रेल नेटवर्क सिस्टम नहीं है. RRTS वहीं सिस्टम हैं जो देश में पहली बार नई तकनीक के जरिए हाईस्पीड ट्रेन पर काम कर रहा है. इसी के मद्देनजर ये दिल्ली से लेकर मेरठ तक पहला प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है. जो 2025 तक पूरा होना है.
क्या खास है देश की पहली ट्रांजिट रेल में
दिल्ली से मेरठ तक बनने जा रही देश की पहली ट्रांजिट ट्रेन के पहले प्रोजेक्ट की लंबाई 82 किमी की है. इसके पहले चरण में 17 किमी लंबा स्ट्रैच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसमें दिल्ली से लेकर मेरठ तक इसमें 17 स्टेशन हैं. 82 किमी लंबे इस स्ट्रैच में हर पांच किलोमीटर पर एक स्टेशन बनाया गया है.
कितनी रहेगी फ्रीक्वेंसी
पहले चरण में जब साहिबाबाद से दुहाई तक आरआरटीएस शुरू होगी तो ऐसे में इसकी फ्रीक्वेंसी शुरूआत में 15 मिनट रहने की उम्मीद है. NCRTC के एमडी विनय कुमार ने बताया कि हम शुरुआत में इस सेक्शन पर 15 मिनट की फ्रीक्वेंसी से ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहे हैं. लेकिन उनका कहना है कि अगर फुटफॉल अच्छा रहा तो उस टाइम को कम करने में भी हम सक्षम हैं, हमारे पास इतने साधन और तकनीक है कि हम इस फ्रीक्वेंसी को तीन मिनट तक ला सकते हैं.
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